13.7 C
London
Monday, June 15, 2026
Homeराज्य'रावण और बाबर नहीं मिटा सके सनातन...', उदयनिधि के बयान पर CM...

‘रावण और बाबर नहीं मिटा सके सनातन…’, उदयनिधि के बयान पर CM योगी का पलटवार

Published on

लखनऊ

सनातन धर्म पर विवादित टिप्पणी करने के मामले की सरगर्मी कम होती नजर नहीं आ रही है। डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के सनातन पर टिप्पणी करने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन पर जमकर हमला बोला है। योगी ने कहा कि जो सनातन रावण, कंस, बाबर और औरंगजेब से नहीं मिटा, उसे एक तुच्छ सत्ता परजीवी जीवों से क्या मिट पाएगा। उन्होंने कहा कि आज उन्हें स्वयं अपने कृत्यों पर लज्जित होना चाहिए। योगी ने सनातन पर टिप्पणी को सूरज पर थूकने वाला बताया और कहा कि सनातन धर्म भारत की राष्ट्रीयता का प्रतीक है।

योगी ने कहा कि आजकल अपनी विरासत के प्रति समाज की दृष्टि को कमतर करने का कुत्सित प्रयास हो रहा है लेकिन ये सब लोग भूल गए कि जो सनातन नहीं मिटा था रावण के अहंकार से, जो सनातन नहीं मिटा था कंस के हुंकार से, जो सनातन नहीं मिटा था बाबर और औरंगजेब के अत्याचार से वह सनातन इन तुच्छ सत्ता परजीवी जीवों से कहां मिट पाएगा? आज उनको स्वयं अपने कृत्यों पर लज्जित होना चाहिए। योगी ने कहा कि सनातन धर्म मानवता का धर्म है। उस पर उंगली उठाने का मतलब मानवता को संकट में डालने का कुत्सित प्रयास है। याद करिए दुनिया का कौन सा ऐसा मत-मजहब या संप्रदाय है जिसके संकट के समय पलक-पांवड़े बिछाकर सनातन धर्म और धर्मावलंबियों ने उनकी सुरक्षा और संरक्षण का कार्य न किया हो।

योगी ने कहा कि हमने कभी नहीं कहा कि हम विशिष्ट हैं। कोई धर्म सनातन धर्मावलंबी कभी यह नहीं कहता है कि हम विशिष्ट हैं या हम ही सब कुछ हैं। कभी नहीं कहा। हमने तो कहा ‘एकम् सत्य विप्रा बहुधा वदंति’ सत्य एक है और विद्वान लोग उसको अलग-अलग अलग-अलग तरह से देखते हैं। अलग-अलग रास्ते से उसका अनुसरण करते हैं। इन सब के बावजूद भी अगर किसी को समझ में नहीं आता है और वह अपनी मूर्खता वश सूर्य की तरफ थूकने का प्रयास कर रहा है तो सूर्य तक उसका थूक नहीं पहुंचेगा। उसके सिर पर स्वयं गिरेगा और इससे उसके आने वाली पीढ़ी को लज्जित होना पड़ेगा।

योगी ने कहा कि हमें भारत की परंपरा पर गौरव की अनुभूति करना चाहिए। दुनिया को मानवीय कल्याण पर चलने वाली प्रेरणा देने के लिए सनातन धर्म की परंपरा पर गर्व करना चाहिए। यह भारत की राष्ट्रीयता का प्रतीक है। भारत को एक नई प्रेरणा देने का माध्यम है। दुनिया के अंदर मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने वाला माध्यम बनता है और यही कारण है कि आजादी के अमृत महोत्सव से उपरांत अमृत कल के प्रथम वर्ष में जब भारत जी-20 के देशों का प्रतिनिधित्व मोदीजी के नेतृत्व में कर रहा है तो उसका थीम भी वसुधैव कुटुंबकम का दिया है।

Latest articles

मुरैना में मोबाइल फटने से फैली ट्रेन में आग की अफवाह, रेल से कूदे चार यात्री दूसरी गाड़ी से कट गए

मुरैना। प्रदेश के मुरैना जिले के हेतमपुर और राजस्थान के धौलपुर रेल खंड के...

सीएम यादव ने जारी की लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त, 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में पहुंचे 1500 रुपये

सागर। मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 37वीं किस्त...

सिवनी में बाघ दो आदिवासी महिलाओं पर किया, ग्रामीणों में दहशत

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में बाघ के हमले की दो अलग-अलग घटनाओं...

More like this

जशपुर पहली बार मिलेगा रेल नेटवर्क से जुड़ाव, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना अधिसूचित

जशपुर। जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। भारत...

मुख्यमंत्री जन आवास योजना के 110 लाभार्थियों को मिली घर की चाबी

जयपुर। मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत आयोजित “गृह गौरव : खुशियों की चाबी”...

2027 चुनाव में भगवंत मान होंगे आप का सीएम चेहरा, बठिंडा में केजरीवाल ने किया ऐलान

बठिंडा। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027...