उज्जैन: ऑटो में मिले खून के निशान, बच्ची से दरिंदगी के केस में 38 साल के ड्राइवर समेत 4 पकड़े गए

उज्जैन ,

मध्य प्रदेश के उज्जैन में 12 साल की बच्ची से दरिंदगी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. जिस ऑटो ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया है उसकी उम्र 38 साल है. साथ ही 3 अन्य लोगों से भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

पुलिस के मुताबिक, पीड़िता उज्जैन के जीवनखेड़ी इलाके में ऑटो में चढ़ी थी. सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि हो गई है. आरोपी ड्राइवर राकेश की ऑटो पर खून के धब्बे लगे मिले. इसी आधार पर उसको गिरफ्तार किया गया. वहीं, ऑटो की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है.

वहीं, हिरासत में लिए गए तीन अन्य लोगों में से एक ऑटो चालक भी है. हिरासत में लिए गए तीनों की पहचान अभी तक उजागर नहीं की गई है.इसके अलावा, पुलिस ने 8 किमी तक के सीसीटीवी फुटेज हासिल कर लिए हैं, जहां पीड़िता मदद की गुहार लगाते हुए पैदल चली थी. इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

जगह जगह से खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि वारदात को अलसुबह 4 से 5 बजे के बीच अंजाम दिया गया है. घटना में दो ऑटो रिक्शा की संलिप्तता पाई गई है. नीलगंगा इलाके से पकड़े गए एक ऑटो ड्राइवर राकेश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जबकि दूसरे ऑटो वाले को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

दरअसल, सीसीटीवी की मदद से पकड़े गए ऑटो रिक्शा के ड्राइवर ने स्वीकारा कि उसने जीवनखेड़ी इलाके से बच्ची को बैठाकर हाटकेश्वर मार्ग पर उतार दिया था. उसकी ऑटो में खून के निशान भी पाए गए. ड्राइवर का दावा था कि उसने खून से लथपथ बच्ची की मदद की और उसे तन ढकने के लिए कपड़े तक दिए थे.

गले नहीं उतरी ऑटो ड्राइवर की कहानी
मगर ऑटो ड्राइवर की कहानी पुलिस के गले इसलिए नहीं उतर रही क्योंकि जब बच्ची खून से सनी हुई और अर्धनग्न हालत में मिली तो ड्राइवर ने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी? यही नहीं, इलाज के लिए उसे अस्पताल क्यों नहीं ले गया? हद तो तब हो गई जब पीड़िता को वह सुनसान इलाके में छोड़ गया. पुलिस ने शुरुआती तौर पर ऑटो ड्राइवर को साक्ष्य छिपाने की धारा 201 के तहत आरोपी बनाने की बात कही है.

इसके अलावा, एक अन्य ऑटो में भी बच्ची की मौजूदगी के बारे में पता चला है. उस ऑटो के ड्राइवर समेत अन्य 2 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. पुलिस का दावा है कि गुरुवार शाम तक इस पूरे मामले की गुत्थी सुलझा दी जाएगी.

ऑपरेशन तक करना पड़ा
उधर, उज्जैन शहर में बलात्कार की शिकार बच्ची का इंदौर के एक सरकारी अस्पताल में एक्सपर्ट डॉक्टर्स की टीम ने ऑपरेशन किया. इसकी पीछे वजह यह थी कि दरिंदगी के चलते पीड़ित के अंदरूनी अंगों में गंभीर चोट आ गई थी. फिलहाल पीड़िता की हालत गंभीर, लेकिन स्थिर है. पीड़िता उज्जैन से गंभीर हालत में मंगलवार को इंदौर के एक सरकारी अस्पताल में भेजी गई थी.

हालत खतरे से बाहर: गृह मंत्री
इससे पहले, मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि पीड़ित लड़की का इलाज जारी है और उसकी हालत खतरे से बाहर है. गृहमंत्री ने कहा,लड़की उज्जैन के बाहर के किसी क्षेत्र की प्रतीत हो रही है. चूंकि वह (घटना को लेकर) ठीक तरह से जवाब दे नहीं पा रही है. इसलिए विशेषज्ञों और काउंसलर की मदद से उससे बातचीत का प्रयास किया जा रहा है. बलात्कार की घटना को लेकर राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस के तीखे हमलों के बारे में पूछे जाने पर गृह मंत्री ने प्रतिप्रश्न किया,’क्या आपको कांग्रेस के प्रमाणपत्र की जरूरत होगी?’

खून से लथपथ पाई गई थी बच्ची
उज्जैन के एसपी सचिन शर्मा ने बताया, लगभग 12 साल की एक लड़की सोमवार को उज्जैन के महाकाल पुलिस थाना क्षेत्र में एक सड़क पर खून से लथपथ पाई गई. उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिकल जांच में उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है. एसपी ने कहा कि चूंकि नाबालिग लड़की की हालत गंभीर थी, इसलिए उसे आगे के उपचार के लिए मंगलवार को इंदौर भेजा गया. उन्होंने बताया कि नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में महाकाल थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और घटना की जांच जारी है. पुलिस अधीक्षक ने बताया,’मामले की तहकीकात और सीसीटीवी फुटेज की छानबीन के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके.

अभी भी अधूरे हैं ये सवाल?
बच्ची कौन है?
उज्जैन में कहां से आई?
बच्ची ने अपनी मां से भी बलात्कार होने की बात बताई, लेकिन मां कहां है?

1 करोड़ रुपए की सहायता दे सरकार: कमलनाथ
इस बीच, मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ ने पीड़िता को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दी जाने की मांग की. कमलनाथ ने बुधवार को अपने आधिकारिक ‘X’ पर लिखा, ‘‘उज्जैन में एक छोटी बच्ची के साथ अत्यंत क्रूरतापूर्ण दुराचार का मामला देखकर रूह कांप गई. 12 साल की बेटी के साथ जिस तरह का दुष्कृत्य हुआ, उससे मानवता शर्मसार हो जाती है. ऐसी जघन्य घटना प्रशासन और समाज के माथे पर कलंक है.’’ पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में कानून का राज खत्म हो गया है और अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि जनता परेशान है.

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