‘हमास के हमले से फिलिस्तीन के ज्यादातर लोग असहमत…’, जंग के बीच बोले अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन

वाशिंगटन,

फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर 20 मिनट में हजारों रॉकेट दागे थे. इसके जवाब में इजरायल ने गाजा पट्टी पर ताबड़तोड़ हमले किए. आसमान से लेकर जमीन और समंदर से भी इजरायल हमास को निशाना बना रहा है. इन हमलों के बाद फिलिस्तीन के लाखों लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है. वहीं अमेरिका भी अपने नागरिकों को इजरायल से निकालने के लिए सोमवार यानी कल से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने जा रहा है. इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन का एक अहम बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि हमें इस फैक्ट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए कि फिलिस्तीन की बहुत बड़ी आबादी का हमास के हमलों से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन वे इसका परिणाम भुगत रहे हैं.

बाइडेन ने कहा कि उन अमेरिकी परिवार के सदस्यों के बारे में पता लगाया जा रहा है, जिनके बारे में अभी भी कोई भी सुराग नहीं मिल सका है. हम ऐसे लोगों का पता लगाने और उन्हें घर लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं. साथ ही कहा कि इस संकट के समय में अमेरिका इजरायल का समर्थन करने के लिए प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ लगातार संपर्क में है, क्योंकि वह खुद को आतंकवाद से बचाने के लिए लड़ रहे हैं.

अमेरिकी लोगों को खतरे से बचाने के लिए कर रहे निगरानी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इजरायल का समर्थन करने और सैन्य ताकतों को मजबूत करने के लिए वैश्विक नेताओं और क्षेत्रीय भागीदारों के साथ बातचीत का सिलसिला जारी है. गाजा में मानवीय संकट है. इसे लेकर लगातार चर्चा जारी है. देश और विदेश में अमेरिकी नागरिकों समेत यहूदी, अरब और मुस्लिम समुदायों को लेकर किसी भी संभावित खतरे की निगरानी की जा रही है.

US कल से चलाएगा रेस्क्यू ऑपरेशन
अमेरिका ने ऐलान कर दिया है कि वह सोमवार से अपने नागरिकों का रेस्क्यू करेगा. इसके लिए अमेरिका स्पेशल जहाज भेजेगा. अमेरिकी दूतावास ने कहा कि अमेरिका ने सोमवार को अमेरिकियों को इज़राइल से साइप्रस ले जाने के लिए एक विमान की व्यवस्था की है. अमेरिकी दूतावास ने रविवार को एक अलर्ट जारी कर कहा कि इजरायल के गाजा पट्टी पर आक्रमण बढ़ने के बाद एक जहाज अमेरिकी नागरिकों और उनके परिवार के सदस्यों को एक लीगल डॉक्यूमेंट के साथ लेकर तुरंत लिमासोल के लिए हाइफा के इजरायली बंदरगाह से रवाना होगा.

सुबह 8 बजे से शुरू हो जाएगी बोर्डिंग
दूतावास ने कहा कि इजरायल में हजारों अमेरिकी नागरिक रहते हैं. 7 अक्टूबर को हमास के हमलों में अमेरिका के 29 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है, जबकि अन्य 15 लोग लापता हैं और माना जाता है कि वे हमलों के बाद से हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों में से हैं. अमेरिकी दूतावास ने ये नहीं बताया कि इस जहाज पर कितने लोगों को ले जाया जाएगा, लेकिन कहा कि बोर्डिंग सीमित स्थानों से ही होगी. अमेरिकी जहाज पर सुबह 8 बजे बोर्डिंग शुरू हो जाएगी.

इजरायल-लेबनान बॉर्डर पर भी युद्ध के हालात
वहीं, इजरायल की मीडिया के मुताबिक अमेरिका का कहना है कि इजरायल और हमास के बीच युद्ध तेज होने और ईरान के सीधे इसमें शामिल होने की संभावना का डर है. व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने इज़राइल-लेबनान सीमा पर एक नए युद्ध मोर्चे की संभावना का हवाला दिया और कहा कि हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि ईरान सीधे तौर पर शामिल होने का विकल्प चुनेगा. हमें हर संभावित खतरे के लिए तैयारी करनी होगी.

ईरान के युद्ध में शामिल होने की आशंका
ईरान लंबे समय से लेबनान में आतंकवादी समूह हमास और हिजबुल्लाह का समर्थक रहा है और उन्हें पैसा और हथियार मुहैया कराता रहा है. सुलिवन ने ईरान के युद्ध में शामिल होने की आशंका के बारे में कहा कि यह एक जोखिम है और हम शुरू से ही इसके प्रति सचेत रहे हैं. सुलिवन ने कहा कि यही कारण है कि राष्ट्रपति बाइडेन पूर्वी भूमध्य सागर में एक विमानवाहक पोत भेजने के लिए तेजी से आगे बढ़े हैं

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