12.2 C
London
Sunday, April 19, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयचीन को दोहरा झटका देने की तैयारी में अर्जेंटीना, अब पीएलए के...

चीन को दोहरा झटका देने की तैयारी में अर्जेंटीना, अब पीएलए के सीक्रेट स्पेस स्टेशन पर छापे की तैयारी

Published on

ब्यूनस आयर्स

चीन पिछले सात साल से अर्जेंटीना में सीक्रेट स्पेस स्टेशन चला रहा है। इस बेस के लिए चीन और अर्जेंटीना के बीच 2014 में समझौता हुआ था। यह स्पेस स्टेशन 200 हेक्टेयर जमीन पर फैला हुआ है। इसका नाम एस्पासिओ लेजानो स्टेशन है, जो अर्जेंटीना के न्यूक्वेन प्रांत में स्थित है। इस जगह पर चीन ने 16 मंजिला एंटीना भी स्थापित किया हुआ है, जिससे अंतरिक्ष पर आसानी से नजर रखी जाती है। इस स्टेशन पर चाइना सैटेलाइट लॉन्च एंड ट्रैकिंग कंट्रोल जनरल (सीएलटीसी) के कर्मचारी काम करते हैं, जिसका कंट्रोल चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) स्ट्रैटेजिक सपोर्ट फोर्स के पास है। ऐसे में आशंका है कि चीन इस स्पेस स्टेशन से अमेरिका के आसमान की जासूसी भी कर सकता है।

अर्जेंटीना क्यों बंद करना चाहता है चीनी अंतरिक्ष स्टेशन
यह चीनी स्पेस स्टेशन अर्जेंटीना के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत न्यूक्वेन के बजादा डेल एग्रियो गांव से 18 मील की दूरी पर स्थित है। इस स्टेशन को 2014 में चीन और तत्कालीन राष्ट्रपति क्रिस्टीना फर्नांडीज डी किर्चनर के प्रशासन के बीच एक समझौते के माध्यम से स्थापित किया गया था। अर्जेंटीना की संसद ने फरवरी 2015 तक चीनी स्टेशन को मंजूरी नहीं दी थी। हालांकि, निर्माण 2013 में ही शुरू हो चुका था और यह 2017 में पूरा हो गया था। इस बेस को चीन को 50 साल के लिए पट्टे पर दिया गया है। अर्जेंटीना को शक है कि चीन इस बेस को लेकर किए गए समझौते का पालन नहीं कर रहा है। इस बेस ने क्षेत्र के निवासियों के बीच भी बेचैनी पैदा कर दी है। अमेरिकी प्रशासन ने भी अर्जेंटीना में इस बेस को लेकर आपत्ति जताई है।

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति कार्यालय ने क्या कहा
इस बीच 2 अप्रैल को अर्जेंटीना के राष्ट्रपति कार्यालय के एक सूत्र ने समाचार आउटलेट इन्फोबे से बात करते हुए बताया कि राष्ट्रपति जेवियर माइली गुप्त चीनी बेस का निरीक्षण करने के अनुरोध पर विचार कर रहे हैं। इसका उद्देश्य न्यूक्वेन प्रांत में चीनी बेस से जुड़ी किसी भी संभावित अनियमितता का आकलन करना है। रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है कि अनुबंध में यह निर्धारित किया गया था कि “बेस के दस प्रतिशत संसाधनों का उपयोग अर्जेंटीना द्वारा किया जाना चाहिए,” निरीक्षण का उद्देश्य यही सत्यापित करना था। सूत्र ने कहा, “यह जांचना जरूरी है कि अनुबंध में क्या स्थापित किया गया था, क्या बनाया गया था और क्या नहीं बनाया गया था।”

चीन को दोहरा झटका देने की तैयारी में अर्जेंटीना
अर्जेंटीना का यह फैसला डेनमार्क से 24 पुराने एफ-16 लड़ाकू विमान को खरीदने के हालिया फैसले के बाद आया है। इस रेस में चीन का जेएफ-17 लड़ाकू विमान भी शामिल था, जिसे अर्जेंटीना ने रिजेक्ट कर दिया। चीन ने जेएफ-17 को लेकर अर्जेंटीना को कई लुभावने ऑफर भी दिए थे। बीजिंग ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज के नेतृत्व वाली अर्जेंटीना की पिछली सरकार के साथ सक्रिय रूप से बातचीत भी की थी। हालांकि, नए राष्ट्रपति जेवियर माइली के नेतृत्व में अर्जेंटीना तेजी से खुद को पश्चिमी सरकारों के साथ जोड़ रहा है। चीनी “अंतरिक्ष बेस” के संभावित निरीक्षण की घोषणा रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए 2 अप्रैल को संयुक्त राज्य दक्षिणी कमान (साउथकॉम) कमांडर, जनरल लौरा जे रिचर्डसन की अर्जेंटीना यात्रा के साथ मेल खाती है।

Latest articles

महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ, PM बोले- माफी मांगता हूं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान पीएम...

छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी को 50 लाख की प्रोत्साहन राशि, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया सम्मानित

रायपुर। भारत को कबड्डी विश्वकप और एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक दिलाने वाली छत्तीसगढ़...

राजस्थान की बेटियां हर क्षेत्र में बना रही हैं अपनी विशिष्ट पहचान : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की छात्राओं के साथ वर्चुअल संवाद के माध्यम...

77वें राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की शिरकत

जयपुर। राजस्थान पुलिस के 77वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह...

More like this

ट्रम्प बोले- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी, आज रात 2:30 बजे से लागू होगा

दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा...

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: लेबनान पर तकरार, तेहरान और अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़े!

नई दिल्ली। लगभग छह हफ़्तों तक चले विनाशकारी संघर्ष के बाद अब पूरी दुनिया...