18.5 C
London
Friday, June 19, 2026
HomeUncategorizedहिंदू नववर्ष में मंगल और शनि का मंत्रिमंडल, मुश्किलें बढ़ा सकती है...

हिंदू नववर्ष में मंगल और शनि का मंत्रिमंडल, मुश्किलें बढ़ा सकती है ये जोड़ी

Published on

हिंदू नववर्ष ‘विक्रम संवत 2081’ आज से शुरू हो चुका है. हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को नवसंवत की शुरुआत होती है. इसे भारतीय नववर्ष भी कहा जाता है. इसकी शुरुआत भारतीय सम्राट विक्रमादित्य ने की थी. इसलिए इसे विक्रम संवत भी कहा जाता है. विक्रमादित्य ने विक्रम संवत की शुरुआत 57 ईसा पूर्व में की थी. इस दिन से वासंतिक नवरात्रि की शुरुआत भी होती है. इस समय से ऋतुओं और प्रकृति में भी महत्वपूर्ण बदलाव आते हैं. आइए जानते हैं कि इस हिंदू नववर्ष का मंत्रिमंडल कैसा होगा और देश-दुनिया पर इसके क्या प्रभाव होंगे.

ज्योतिषविद शैलेंद्र पांडेय के अनुसार, नवसंवत का विशेष नाम और फल होता है. इसके अलावा, पूरे संवत के लिए ग्रहों का एक मंत्रिमंडल भी होता है. इसी मंत्रिमंडल के ग्रहों के आधार पर पूरे संवत के लिए शुभ-अशुभ फलों का निर्धारण होता है. मौसम, अर्थव्यवस्था, जनता, सुरक्षा, कृषि और बरसात इन्हीं ग्रहों के मंत्रिमंडल पर निर्भर करती है.

इस नववर्ष में ग्रहों का मंत्रिमंडल कैसा है?
यह विक्रमी संवत 2081 है और इसका नाम “पिंगल” है. नवसंवत्सर का राजा वार के हिसाब से तय होता है. इस वर्ष की शुरुआत मंगलवार से हो रही है, इसलिए इस संवत के राजा मंगल और मंत्री शनि होंगे. नए विक्रम संवत के इस मंत्रिमंडल को लेकर ज्योतिषविद भी आगाह कर रहे हैं. ज्योतिषविदों की मानें तो राजा मंगल होने से लोगों को थोड़ी समस्याएं हो सकती हैं. इस वर्ष अग्निभय, युद्ध और दुर्घटनाओं की स्थिति बन सकती है. वहीं, दूसरी तरफ मंत्री शनि होने से जीवन की समस्याएं बढ़ेंगी. लोगों में व्याकुलता बढ़ेगी. इसके मेघेश शुक्र देव हैं, इसलिए वर्षा की स्थिति थोड़ी बेहतर रह सकती है. कृषि जगत के लिए यह वर्ष अच्छा माना जा रहा है. शुक्र सुरक्षा मंत्री भी हैं, इसलिए देश में सुरक्षा के स्तर पर सब ठीक रहेगा.

देश और दुनिया पर कैसा होगा असर?
नवसम्वत की कुंडली धनु लग्न और मीन राशि की है. केंद्र में शुभ और अशुभ दोनों ग्रह विद्यमान हैं. तीसरे भाव में मंगल शनि की युति अनुकूल नहीं है. दुर्घटनाएं, युद्ध जैसी स्थितियां पूरे विश्व में अशांति रखेंगी. विश्व में सत्ता परिवर्तन और राजनेताओं के जीवन को संकट हो सकता है. भारत में उत्तर दिशा में आक्रमण और धार्मिक उन्माद जैसी स्थिति दिखाई देती है. अमेरिका और मिडिल-ईस्ट के देशों में काफी अशांति रह सकती है. इस संवत में भी स्थितियां मिली-जुली बनती दिखाई दे रही हैं

Latest articles

मानसून की सुस्त चाल से चिंता बढ़ी; राज्य में बारिश में 39% की कमी, 39 ज़िलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल। इस साल मध्य प्रदेश में मानसून की रफ़्तार धीमी रही है। आमतौर पर...

अमेरिका-ईरान जंग खत्म, तय तारीख से एक दिन पहले ही समझौता, ट्रम्प चिल्लाकर बोले- डील साइन हो गई

तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए अंतरिम समझौते...

MP में NEET परीक्षा के लिए हाई-सिक्योरिटी अलर्ट: CRPF की निगरानी में आएंगे पेपर; सेंटर्स पर लगेंगे जैमर और CCTV

भोपाल। मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 21 जून को आयोजित होने...

गोविंदपुरा पुलिस की तत्परता: 12 घंटे में ढूंढ निकाला ऑटो में छूटा 10 तोला सोना और 2 किलो चांदी, आई एस बी टी पर...

भोपाल। राजधानी में पुलिस की मुस्तैदी और ईमानदारी की एक अनोखी मिसाल सामने आई...

More like this

भोपाल के रंगमंच से बॉलीवुड तक: उदय अठरौलिया की दो नई फिल्मों में दिखेंगे अभिनय के अलग रंग

भोपाल। राजधानी के रंगमंच से अपने अभिनय सफर की शुरुआत करने वाले अभिनेता उदय...

“पति को जल्द गिरफ्तार करें, नहीं तो वह मुझे मार डालेगा”: घरेलू हिंसा की शिकार महिला ने लगाई गुहार

भोपाल। भोपाल के भीमनगर क्षेत्र की रहने वाली गीता पटेल ने अपने पति पर...

10 लेन अयोध्या बायपास परियोजना का मंत्री विश्वास सारंग ने किया निरीक्षण

करोंद में बार-बार पाइपलाइन टूटने पर ठेकेदार को फटकार, वसूला जाएगा मुआवजा भोपाल। प्रदेश के...