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‘मणिशंकर अय्यर हैं कौन?’, अपने नेता के ‘चीन के कथित आक्रमण’ वाले बयान से कांग्रेस ने ऐसे बनाई दूरी

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नई दिल्ली,

कांग्रेस के नेता, पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री मणिशंकर अय्यर के बयान पर कांग्रेस पार्टी घिरी हुई है. उनके ‘चीन ने 1962 में कथित रूप से भारत पर आक्रमण किया था’ वाले बयान के बाद कांग्रेस नेताओं को सफाई देनी पड़ रही है. अब पार्टी प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहा, “मणिशंकर अय्यर कौन हैं? वो जो बोलते हैं अपना व्यक्तिगत तौर से बोलते रहते हैं.”

जयराम रमेश ने कहा, “वे (मणिशंकर अय्यर) कोई अधिकारी नहीं हैं, वे पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री हैं. वे अपनी निजी हैसियत से जो चाहें बोल देते हैं. हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है…मीडिया, भाजपा की ट्रोल आर्मी और सोशल मीडिया इसे चलाते रहते हैं. आज उनका कांग्रेस पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है. वे कांग्रेस पार्टी में हैं, लेकिन वे सांसद भी नहीं हैं, वे सिर्फ पूर्व सांसद हैं…”

मणिशंकर अय्यर ने क्या बयान दिया था?
दरअसल, मणिशंकर अय्यर ने ‘Nehru’s First Recruits’ नाम की एक किताब की लॉन्चिंग के दौरान यह कहकर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया कि अक्टूबर 1962 में “चीनियों ने कथित तौर पर भारत पर आक्रमण किया था.” बीजेपी ने इस विवादास्पद टिप्पणी की आलोचना करते हुए उनके इस बयान को “संशोधनवाद की एक बेशर्म कोशिश” बताया.

कांग्रेस सहित विभिन्न दलों ने की आलोचना
कांग्रेस नेता के शब्दों के चयन ने सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा कर दिया और अपनी पार्टी सहित राजनीतिक हलकों में विवादों में घिर गए. हालात की गंभीरता को समझते हुए बाद में कांग्रेस नेताओं ने अय्यर के बयान पर सफाई पेश करने की कोशिश की लेकिन बीजेपी उनके इस “कथित आक्रमण” वाले बयान पर कांग्रेस पार्टी को घेर रही है. यहां तक कि चुनावी रैलियों में भी अय्यर के बयान की आलोचना हो रही है.

मणिशंकर अय्यर ने मांगी माफी
मणिशंकर अय्यर ने बाद में अपने बयान के लिए माफी भी मांग ली. उन्होंने कहा, “मैं आज शाम विदेशी संवाददाता क्लब में ‘चीनी आक्रमण’ से पहले ‘कथित’ शब्द का गलती से इस्तेमाल करने के लिए बिना शर्त माफी मांगता हूं.”उन्होंने कहा, “ऐसी कई किताबें हैं जो संकेत देती हैं कि हम अप्रैल 1960 के झोउ एनलाई के प्रस्ताव को स्वीकार कर सकते थे और युद्ध से बच सकते थे – इसलिए मैंने ‘कथित’ शब्द का इस्तेमाल किया. मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था क्योंकि हम चुनाव के बीच में हैं.”

 

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