8.7 C
London
Saturday, April 4, 2026
Homeराष्ट्रीयअल नीनो छूमंतर, इन दो महीनों में झूमकर बरसेंगे बदरा, अमेरिकी मौसम...

अल नीनो छूमंतर, इन दो महीनों में झूमकर बरसेंगे बदरा, अमेरिकी मौसम विभाग ने दे दी गुड न्यूज

Published on

नई दिल्ली:

भयंकर गर्मी झेल रहे दिल्ली सहित उत्तर भारत के लोगों के लिए गुड न्यूज है। करीब एक साल से दुनिया के मौसम को प्रभावित करने वाला अल नीनो खत्म हो गया है। इसका मतलब है कि आने वाले दो महीने लोगों को अच्छी बरसात देखने को मिलेगी। अमेरिकी मौसम विभागों की मानें तो अगले दो महीनों में प्रशांत महासागर में ‘ला नीना’ (La Nina) आने की संभावना है। इसके चलते अगस्त-सितंबर में बदरा झूम कर बरसने वाले हैं।

देर आए पर दुरुस्त आए
अमेरिका की राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) के ताजा अपडेट के अनुसार जुलाई-सितंबर की अवधि में ला नीना बनने की 65% संभावना है। यह पिछले महीने के अनुमान से थोड़ा देर से है, लेकिन मानसून को प्रभावित करने के लिए अभी भी समय है। पिछले महीने NOAA के पूर्वानुमान में जून-अगस्त की अवधि में ला नीना बनने की संभावना लगभग 50% थी, जो अब घटकर 40% हो गई है। यह भारतीय मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुरूप है। मौसम विभाग ने चार महीने के मानसून सीजन में औसत से 6% अधिक बारिश यानी 106% दीर्घकालिक औसत बारिश की भविष्यवाणी की है। साथ ही, सीजन के दूसरे हाफ में अच्छी बारिश की संभावना भी जताई गई है।

यह तो भारत के लिए शुभ संकेत
मौसम विभाग के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी और पूर्व सचिव एम राजीवन ने कहा कि अमेरिका का ताजा पूर्वानुमान मानसून के लिए अच्छा संकेत है। भले ही अगस्त के आसपास ला नीना की घोषणा हो, फिर भी उस दौरान तापमान में जो असामान्य बदलाव होता है, वे पहले से ही बनने लगे हैं। मानसून के दौरान सामान्य मौसम से ला नीना की ओर बदलाव होना भारत के लिए शुभ संकेत है।

ला नीना और अल नीनो के बीच का अंतर समझ लीजिए
ला नीना एक मौसम संबंधी स्थिति है जो हर तीन से सात वर्षों में होती है। इससमें मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में सतह का पानी सामान्य स्तर से नीचे ठंडा हो जाता है, हवा के पैटर्न में संबंधित परिवर्तन दुनिया के बड़े हिस्सों में मौसम को प्रभावित करते हैं। अल नीनो विपरीत स्थिति है, जिसकी विशेषता समुद्र के पानी की असामान्य गर्मी है। एल नीनो/ला नीना मौसमी जलवायु में साल-दर-साल भिन्नताओं का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत है।

जबकि अल नीनो की घटनाओं से आम तौर पर भारत में कम मानसूनी बारिश होती है। ला नीना नआमतौर पर अच्छी मानसूनी बारिश में मदद करता है। अंतिम एल नीनो मई 2023 के आसपास विकसित हुआ था और दिसंबर-जनवरी में रिकॉर्ड पर ऐसी पांच सबसे मजबूत घटनाओं में से एक के रूप में चरम पर पहुंच गया। एन. ओ. ए. ए. ने गुरुवार को कहा कि प्रशांत में स्थितियां पिछले महीने ‘तटस्थ’ हो गईं, जिसका अर्थ था कि अल नीनो समाप्त हो गया था।

मॉनसून का सिस्टम हुआ कमजोर
इस बीच, भारत में मानसून की शुरुआत अब तक अच्छी रही है। इसने पूरे दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के साथ, और अधिकांश महाराष्ट्र को कवर किया गया है,लेकिन सिस्टम कमजोर हो गया है और 7-10 दिनों तक ऐसा रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि जून में देश भर में बारिश सामान्य से 12.2% कम रही है। राजीवन ने कहा कि मानसून के रुकने से जून में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। मानसून के कमजोर होने से उत्तर भारत में जल्दी बारिश होने की उम्मीद भी कम हो गई है, जो वर्तमान में अभूतपूर्व रूप से लंबे और भीषण गर्मी की चपेट में है।

Latest articles

अजाक्स के प्रांतीय कार्यालय पर कब्जा करने का प्रयास, पुलिस में शिकायत

भोपाल। राजधानी स्थित अजाक्स के प्रांतीय कार्यालय में एक त्यक्ति ने 20 मार्च को...

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से बदली वनांचल की सूरत, लुण्ड्रा के ग्रामीणों का पैदल सफर हुआ खत्म

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ शासन की 'मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना' वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों...

सीएम भजनलाल शर्मा ने 181 हेल्पलाइन सेंटर पर खुद सुनी जनसमस्याएं, मौके पर ही दिए समाधान के निर्देश

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की जनता की समस्याओं के त्वरित...

नेहरू-अंबेडकर सब गलत, बस मोदी जी की तपस्या अधूरी: भगवंत मान का पीएम और भाजपा पर बड़ा हमला

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाते हुए...

More like this

युवा विधायक सम्मेलन में जुटे दिग्गज, ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प पर हुआ मंथन

भोपाल मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित दो दिवसीय 'युवा विधायक सम्मेलन' के दूसरे दिन संसदीय गरिमा...

1 अप्रैल से जेब पर बढ़ेगा बोझ: नेशनल हाईवे पर सफर होगा 5 से 10% तक महंगा

आने वाली 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर सफर करना आपकी जेब पर भारी...