कनाडा के सांसद ने खोली आतंकी निज्जर की पोल, कनाडाई पीएम ट्रूडो का खालिस्तान समर्थक चेहरा हुआ बेनकाब

ओटावा

कनाडा की संसद में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की याद में मौन रखने पर अब वहीं के सांसद ने ट्रूडो सरकार को आईना दिखाया है। कनाडा की संसद के सदस्य चंद्रा आर्य ने चरमपंथी गतिविधियों में निज्जर की संलिप्तता को उजागर करते हुए कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का खालिस्तान समर्थक चेहरा बेनकाब कर दिया है। चंद्रा आर्य ने कनाडा की मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर निज्जर का कच्चा चिठ्ठा सामने ला दिया है। शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रकाशित एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, 19 जून को कनाडा के कनाडा के हाउस ऑफ कॉमंस ने एक साल पहले सरे, ब्रिटिश कोलंबिया (BC) में मारे गए हरदीप सिंह निज्जर की याद में मौन रखा। इसके बाद उन्होंने कनाडा के सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले अखबारों में से एक ग्लोब एंड मेल की रिपोर्ट का हवाला दिया।

चरमपंथ में डूबा था निज्जर
चंद्रा आर्य ने ग्लोब एंड मेल की रिपोर्ट के हवाले से लिखा, ‘अगस्त 2021 में हरदीप सिंह निज्जर ने पंजाबी में बोलते हुए विरोधी भारतीयों के खिलाफ हथियारों के इस्तेमाल की अपील की थी। उन्होंने कहा, हमें हथियार उठाने होंगे।’ आर्य ने आगे लिखा, हालांकि निज्जर को कभी किसी अपराध के लिए दोषी नहीं ठहराया गया था लेकिन उसे जानने वाले लोगो के इंटरव्यू से पता चलता है कि वह वास्तव में खालिस्तानी चरमपंथ में डूबा हुआ था। उसके ऊपर ब्रिटिश कोलंबिया में हथियारों का प्रशिक्षण आयोजित करने का भी आरोप है। वह खालिस्तान टाइगर फोर्स नामक आतंकवादी समूह से भी जुड़ा था।

इसमें आगे कहा गया कि निज्जर के कुख्यात खालिस्तानी आतंकी गुरदीप सिंह दीपा से गहरे संबंध थे। दीपा खालिस्तान कमांडो फोर्स का सदस्य था। उसने 1991 में एक ट्रेन में चढ़कर सिखों को हिंदुओं से अलग करके 125 हिंदुओं की हत्या कर दी थी। इनमें कई बच्चे थे। दीपा के भाई ने इन संबंधों की पुष्टि की है। निज्जर को कनाडा की नो फ्लाई लिस्ट में भी डाला गया था और हवाई यात्रा से प्रतिबंधित कर दिया गया था।

एयर इंडिया हादसे को भी किया याद
इसके दो दिन पहले 20 जून को कनाडा की संसद में चंद्रा आर्य ने 23 जून एयर इंडिया की फ्लाइट 182 कनिष्क को बम से उड़ाए जाने की बरसी मनाए जाने के समर्थन में बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि ’23 जून आतंकवाद के पीड़ितों की याद में राष्ट्रीय दिवस है। 39 साल पहले इसी दिन एयर इंडिया की फ्लाइट 182 को कनाडा के खालिस्तानी चरमपंथियों के लगाए गए बम से उड़ा दिया गया था। इसमें सभी 329 यात्री और चालक दल के सदस्य मारे गए थे। यह कनाडा के इतिहास में सबसे बड़ी सामूहिक हत्या है। दुर्भाग्य से बहुत से कनाडाई नहीं जानते हैं कि आज भी इस आतंकवादी हमले के लिए जिम्मेदार विचारधारा कनाडा में कुछ लोगों के बीच जीवित है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘खालिस्तान समर्थकों द्वारा हिंदू भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या का हाल ही में जश्न मनाना, हिंसा और नफरत का महिमामंडन करना, दिखाता है कि काली ताकतें फिर से सक्रिय हो गई हैं। यह आने वाले समय में भयानक स्थिति की ओर इशारा करती है। हिंदू-कनाडाई लोगों की चिंता जायज है। मैं एयर इंडिया बम विस्फोट के पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता में खड़ा हूं।’

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