CM अरविंद केजरीवाल को जमानत मिलेगी या नहीं? कल दिल्ली हाई कोर्ट सुनाएगा फैसला

नई दिल्ली

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत के खिलाफ ईडी की याचिका पर बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट फैसला सुनाएगी। हाई कोर्ट ने 21 जून को केजरीवाल की जमानत पर निचली अदालत के फैसले पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। दरअसल दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अरविंद केजरीवाल को जमानत दी थी। इसके अगले ही दिन ईडी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। ईडी की दलीलों के बाद हाई कोर्ट ने केजरीवाल की जमानत पर रोक लगा दी थी।

सुप्रीम कोर्ट से भी लगा केजरीवाल को झटका
इधर सीएम केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने भी शराब नीति मामले में झटका लगा है। दिल्ली शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल की जमानत पर अंतरिम रोक हटाने से मना कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई बुधवार 26 जून के लिए टाल दी है। उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा और दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल की याचिका पर कहा कि हमें दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए। तब तक हम कुछ नहीं कह पाएंगे।

तिहाड़ जेल में बंद हैं सीएम
बता दें कि शराब घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तिहाड़ जेल में बंद हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए उन्हें जमानत दे दी थी जिसके बाद केजरीवाल ने 2 जून को सरेंडर किया था। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने 21 जून को एक अंतरिम आदेश में ईडी की याचिका पर आम आदमी पार्टी (आप) सुप्रीमो की रिहाई पर रोक लगा दी थी, इसमें निचली अदालत के जमानत आदेश को चुनौती दी गई थी।

हाई कोर्ट ने सुरक्षित रखा था अपना फैसला
सीएम केजरीवाल की रिहाई पर रोक लगाते हुए हाईकोर्ट के जस्टिस सुधीर कुमार जैन और रविंदर डुडेजा की वेकेशन बेंच ने निर्देश दिया कि मामले की पूरी सुनवाई होने तक जमानत आदेश लागू नहीं किया जाना चाहिए। उसी दिन बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। साथ ही कहा कि वह दो से तीन दिनों में अपना आदेश सुनाएगी।ईडी ने गुरुवार को ट्रायल कोर्ट से अनुरोध किया था कि आदेश की घोषणा के बाद जमानत बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने में 48 घंटे की मोहलत दी जाए। लेकिन, ट्रायल कोर्ट ने जमानत देने के अपने आदेश पर रोक लगाने की ईडी की याचिका को खारिज कर दिया था।

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