32.5 C
London
Tuesday, May 26, 2026
Homeराजनीतिनितिन गडकरी के बंगले तक लेटते हुए पहुंचा सरपंच, हैरान करने वाली...

नितिन गडकरी के बंगले तक लेटते हुए पहुंचा सरपंच, हैरान करने वाली है वजह

Published on

महासमुंद:

छत्तीसगढ़ के एक सरपंच ने दिल्ली में अनोखा प्रदर्शन किया है। केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के पास मांग लेकर एक सरपंच सड़क पर लेटते हुए उनके आवास तक पहुंचा। सरपंच की मांग है कि उसके गांव में सड़क नहीं है। सड़क बनाने के लिए कहां से फंड नहीं मिल रहा है। इसलिए अब वह गांव में सड़क निर्माण के लिए केन्द्रीय मंत्री के पास पहुंचा है। दरअसल, छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में ग्राम पंचायत बंबूरडीह के सरपंच शत्रुघ्न चेलक हैं। वह अपने गांव में सड़क निर्माण के लिए लंबे समय से कोशिश कर रहे हैं लेकिन सड़क नहीं बन रही है। ऐसे में उन्होंने अनोखा प्रदर्शन किया है।

जानकारी के अनुसार, गांव के लोगों ने चंदा करके सरपंच को पांच हजार रुपये दिए। सरपंच यह पैसे लेकर दिल्ली पहुंचे और सड़क की मांग को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया। सरपंच सड़क पर लेटकर लुढ़कते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के आवास पहुंचे हालांकि सरपंच से नितिन गडकरी की मुलाकात नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, नितिन गड़करी उस समय अपने आवास पर नहीं थे।

2 किमी सड़क के लिए किया प्रदर्शन
सरपंच शत्रुघ्न चेलक ने बताया कि वह दो किमी की सड़क बनवाने के लिए नेता और अधिकारियों की चक्कर लगाते-लगाते थक गए हैं। कहीं से भी उन्हें सड़क बनाने का भरोसा नहीं मिल रहा है। जिस कारण से मैंने इस तरह से विरोध करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि यह सड़क रामाडबरी से बावनकेरा गांव तक बननी है। अभी कच्ची सड़क है। बारिश के सीजन में सड़क पर चलना मुश्किल होता है। वाहन आना तो बड़ी दूर की बात है।

शादी करने भी नहीं आते हैं लोग
सरपंच ने बताया कि गांव में सड़क नहीं होने से लोग इस गांव में शादी करने नहीं आते हैं। लड़के-लड़कियों की शादी सड़क के कारण नहीं हो पाती है। ग्रामीण भी लगातार इस सड़क के लिए मंत्री और नेताओं से मिलते हैं लेकिन अभी तक सड़क बनाने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ।

गांव का नाम ही कहीं नहीं दर्ज
सरपंच ने बताया कि इससे बड़ी हैरानी की बात तो यह है कि हमारे गांव का नाम राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में ही नहीं है। उन्होंने कहा कि यह गांव भारत सरकार के नक्शे में भी नहीं और गूगल में भी नहीं दिखता है। जिस कारण से इस गांव के लोगों को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पाता है।

Latest articles

नौतपा के दो रंग- एक तरफ भीषण गर्मी तो दूसरी आंधी और बूंदाबांदी, 45 शहरों में लू का अलर्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश में इस बार नौतपा की शुरुआत अलग अंदाज में हुई है। एक...

भेल थ्रिफ्ट सोसायटी का प्रतिभा सम्मान समारोह 31 मई को, उत्कृष्ट छात्र और कर्मचारी होंगे सम्मानित

भोपाल। बीएचईई थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा वर्ष 2024-25 सत्र हेतु 'प्रतिभा सम्मान...

छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से की सौजन्य भेंट

रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को देश की राजधानी...

गंगा दशहरा पर भरतपुर से ‘वंदे गंगाजल संरक्षण जन अभियान-2026’ का आगाज, सीएम ने किया जल पूजन

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को गंगा दशहरा के पावन पर्व पर भरतपुर...

More like this

भेल में अत्याधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणालियों का उद्घाटन— ईडी ने किया शुभारंभ

भोपाल। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) भोपाल के कार्यपालक निदेशक (ईडी) पीके उपाध्याय ने...

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...