18.5 C
London
Monday, May 25, 2026
Homeभोपालएमपी में मौत और राजस्थान में अंतिम संस्कार, इस केंद्रीय मंत्री के...

एमपी में मौत और राजस्थान में अंतिम संस्कार, इस केंद्रीय मंत्री के संसदीय क्षेत्र में नहीं है मुक्तिधाम

Published on

गुनाः

एमपी अजब है पर सबसे गजब है। ये आपने कई बार सुना होगा। इसी कड़ी में आज हम जिस गांव की कहानी आपको बता रहे हैं। उसे पढ़कर भी आप यही बोलेंगे। यह ऐसा गांव है जहां किसी की मौत होती है तो उसका दूसरे राज्य में अंतिम संस्कार होता है। लोग राज्य की बॉर्डर पार कर दूसरे गांव पहुंच अंतिम संस्कार की विधि पूरी करते हैं। लगा ना सुनकर अजीब। इससे भी हैरान करने वाली बात तो यह है कि यह गांव ऐसे सांसद के संसदीय क्षेत्र में आता है जिसे जानकर आपको और हैरानी होगी।

दरअसल, पूरा मामला केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र गुना जिले का है। जहां जिले के बमोरी क्षेत्र के भोटूपुरा गांव में ऐसी स्थिति होती है। यहां मुक्तिधाम नहीं होने के कारण ग्रामीणों को बॉर्डर पार एक लोगों का अंतिम संस्कार करना पड़ता है। हाल ही में एक वृद्ध की मौत होने पर राजस्थान जाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा।

राजस्थान जाकर करते हैं अंतिम संस्कार
जानकारी के अनुसार बमोरी क्षेत्र के भोटूपुरा गांव के वृद्ध मूलचंद का बुधवार को निधन हो गया था। गांव में श्मशान घाट नहीं होने के चलते बॉर्डर पार कर राजस्थान ले जाया गया। जहां पर गांववालों ने वृद्ध का अंतिम संस्कार किया। यहां जाने के लिए लोगों को कच्चे रास्ते और पानी से भरा नाला पार करना पड़ा। जब लोग शव को लेकर पहुंचे तो दूसरी साइड के गांव वालों की नाखें तक नम हो आईं। लोगों ने कहा कि इस बार पानी कम था तो नाला पार कर गए। कई बार बाढ़ आने की स्थिति में पानी उतरने तक शव को घर में रखना पड़ता है।

अधिकारी हर बार देते हैं आश्वासन
भोटूपुरा गांव के निवासी हरविलास प्रजापति ने बताया कि गांव में श्मशान घाट नहीं होने के कारण राजस्थान में जाना पड़ता है। काफी समय हो गया लेकिन गांव में मुक्तिधाम नहीं बन पाया है। अधिकारियों से कहते हैं तो वो सिर्फ आश्वासन देते हैं, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं है।

मुक्तिधाम की राह है इतनी कठिन
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के मूलचंद की मृत्यु होने के बाद अंतिम संस्कार की समस्या हुई। साथ ही मुक्तिधाम जाने के लिए भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। जहां कच्चे रास्ते और पानी भरे नाले से निकलकर राजस्थान बॉर्डर पार के गांव में पहुंचे। आम दिनों में नाले में पानी नहीं होता है तो गांव में आसानी से पहुंच जाते है। लेकिन बारिश में कंधों पर शव लेकर जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

Latest articles

देश में आज से ‘नौतपा’ शुरू, पारा 47 डिग्री के पार; जानें अपने राज्य और शहर का हाल

नई दिल्ली। देश में आज से नौतपा की शुरुआत हो गई है, ​9 दिन...

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल

एमपी में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी तेज; बीजेपी चल सकती है 'सवर्ण' दांव, तीसरी...

इस महीने चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, दिल्ली में पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा हुआ

नई दिल्ली। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी...

भेल के पूर्व कार्यपालक निदेशक अनिल जोशी ने भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर राकेश शर्मा से की शिष्टाचार भेंट

​भोपाल। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के पूर्व कार्यपालक निदेशक (Executive Director) अनिल जोशी...

More like this

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल

एमपी में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी तेज; बीजेपी चल सकती है 'सवर्ण' दांव, तीसरी...

मध्यप्रदेश में आसमान से बरस रही आग, कई शहर 45 डिग्री के पार, 37 जिलों में लू का अलर्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश में नौतपा शुरू होने से पहले ही सूरज ने तेवर दिखाने शुरू...

भोपाल के भेल दशहरा मैदान में ए.आर. रहमान का जादू, फिल्म ‘पेड्डी’ के प्रमोशन के लिए उमड़ा सितारों का मेला

​भोपाल। राजधानी के भेल दशहरा मैदान में मशहूर संगीतकार और ऑस्कर विजेता गायक ए.आर....