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Wednesday, February 11, 2026
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विनेश फोगाट के ओलंपिक से बाहर होने पर मायूसी, गोरखपुर में साजिश और नियमों पर क्या बोले कोच और एक्सपर्ट?

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गोरखपुर:

पेरिस ओलंपिक में भारत की महिला पहलवान विनेश फोगाट को डिसक्वालिफाइ किए जाने के बाद जहां पूरा देश दुखी है। वहीं गोरखपुर में खेल प्रेमी और कुश्ती के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुश्ती में बहुत से बदलाव किए गए हैं। नियमों में सख्ती के कारण विनेश फोगाट को डिसक्वालीफाई होना पड़ा है। उनका वजन अचानक से 100 ग्राम कैसे बढ़ गया? यह तो फिलहाल उनके टेक्निकल स्टाफ ही बता सकते हैं।

फ्रांस की राजधानी पेरिस में चल रहे ओलंपिक 2024 में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन अच्छा चल रहा है। कई खिलाड़ियों ने कुछ चूक की वजह से अपने मैडल गंवाए तो कुछ ने मेडल प्राप्त भी किए हैं। ऐसे में भारत के लिए गोल्ड मेडल की सबसे प्रबल दावेदार के रूप में उभर कर सामने आई रेसलर विनेश फोगाट ने 50 किलोग्राम भार वर्ग में पार्टिसिपेट किया था।

100 ग्राम ज्यादा वजन होने के कारण डिसक्वालीफाई
मंगलवार 6 तारीख को उन्होंने अपना प्री क्वार्टर फाइनल, क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल एक ही दिन में जीतकर तहलका मचा दिया। फाइनल में प्रवेश कर गई। विनेश ने अपने पहले ही बाउट में दुनिया की सबसे मजबूत जापान की पहलवान जो डिफेंडिंग चैंपियन थी उसे हराया था। 7 तारीख की देर रात यानी आज उनका फाइनल अमेरिका की पहलवान से होना था। लेकिन सुबह एक बुरी खबर आई कि उन्हें आइओसी ने 100 ग्राम ज्यादा वजन होने के कारण डिसक्वालीफाई कर दिया गया है। यह सुनते ही पूरे देश में हाहाकार मच गया।

पूरे मामले में राजनीति भी गर्म हो गई। मामला संसद में भी उठा। किसी ने इसे साजिश कहा तो कोई ओलंपिक में बेईमानी की बात कर रहा है। इस संदर्भ में गोरखपुर में कुश्ती एक्सपट्र्स और कोच से जब बातचीत की गई तो उनका कहना था कि नियम बेहद सख्त हैं विनेश का वजन 100 ग्राम अधिक पाया गया है, जिसकी वजह से वह डिसक्वालीफाई हुई हैं।

‘मेडल पक्का था हमें गोल्ड की भी आस थी’
इस बारे में पूर्वोत्तर रेलवे के कुश्ती कोच चंद्र विजय सिंह का कहना है कि साजिश जैसी कोई बात नहीं। यह खेल है, क्योंकि कुश्ती में नियम बेहद सख्त है। इसके पहले भी अंतरराष्ट्रीय मैचों में ऐसा हो चुका है। हालांकि विनेश फोगाट के साथ जो कुछ भी हुआ यह हम सभी के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। वह बड़ी मेहनत के बाद फाइनल में पहुंची थी। मेडल पक्का था हमें गोल्ड की भी आस थी। इस तरह से वह खेल रही थीं, भारत के लिए गोल्ड जरूर लाती, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण रूप से यह घटना सामने आने के बाद हम सभी बेहद निराश हैं। हालांकि प्रोटेस्ट का कोई मतलब नहीं, जो नियम है उसी के अनुसार उन्हें डिसक्वालीफाई किया गया है। अब एक रात उनका वेट कैसे बढ़ा, टेक्निकल स्टाफ ही इस बारे में ज्यादा बता सकता है।

पूर्वोत्तर रेलवे में कार्यरत और एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाले गौरव बालियान का कहना है कि जो कुछ भी हुआ है। वह कुश्ती के नियमो के तहत ही है। विनेश का वजन 100 ग्राम ज्यादा पाया गया है। इसकी वजह से उन्हें डिसक्वालिफाइड होना पड़ा। अब इसमें कुछ भी नहीं हो सकता ,एक बार जो नियम लागू हो गए उसे दोबारा तय नहीं किया जा सकता। बाउट शुरू होने से 15 मिनट पहले तक समय होता है।

साजिश की बात पर क्या बोले?
इस दौरान जो भी आप कर सकते हैं वजन कम करने के लिए कर सकते हैं। नियम पहले से बेहद सख्त कर दिए गए हैं। जहां तक साजिश की बात की जा रही है फिलहाल मेरी नजर में ऐसा कुछ भी नहीं। ओलंपिक एक बेहद बड़ा प्लेटफार्म है यहां विभिन्न देश के कई टेक्नीशियन एक्सपर्ट मौजूद होते हैं, जिनकी नजर में सारी प्रक्रिया पूरी की जाती है। भारत के सपोर्टिंग स्टाफ ने हर तरह से प्रोटेस्ट किया होगा हर संभव कोशिश की होगी। हालांकि उन्हें नियम के विषय में सब कुछ पता है।

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