8.3 C
London
Wednesday, April 29, 2026
Homeराज्यभारी बारिश के बाद जलमग्न हुआ पटना, विधानसभा कैंपस और मंत्रियों के...

भारी बारिश के बाद जलमग्न हुआ पटना, विधानसभा कैंपस और मंत्रियों के बंगले में भी घुसा पानी

Published on

पटना,

बिहार की राजधानी पटना में भारी बारिश होने के बाद सरकार की तैयारियों की पोल खुल गई. पूरा शहर पानी-पानी हो गया. लगातार बारिश के बाद बिहार विधानसभा परिसर, आसपास के कई मंत्रियों के बंगले और पटना के अस्पतालों सहित कई अन्य स्थानों पर पानी भर गया.

पटना में हुई जबरदस्त बारिश
न्यूज एजेंसी के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थिति का जायजा लेने के लिए अलग-अलग प्रभावित इलाकों का दौरा किया. शहर में 41.8 मिमी बारिश हुई, जिससे स्ट्रैंड रोड, राजबंसी नगर, बोरिंग रोड, बेली रोड और पाटलिपुत्र कॉलोनी सहित अधिकांश पॉश इलाकों और निचले इलाकों में पानी भर गया, साथ ही वाहनों की आवाजाही भी बाधित हुई है.

मंत्रियों के घर में जलभराव
बिहार विधानसभा परिसर में जलजमाव हो गया. कुछ सौ मीटर की दूरी पर रहने वाले कई राज्य मंत्रियों के आधिकारिक बंगलों में भी पानी भर गया. मुख्यमंत्री ने अलग-अलग क्षेत्रों में पंप हाउस का निरीक्षण किया और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि भारी बारिश के दौरान शहर में जलजमाव न हो.शहर भर से सोशल मीडिया पर जलभराव के दृश्य और रिपोर्ट सामने आने के बाद शहरी विकास और आवास मंत्री नितिन नबीन ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई.

अधिकारियों की छुट्टी रद्द
उनके कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि मंत्री ने तैयारियों और रिस्पांस सिस्टम की कमी पर ध्यान दिया. नबीन ने कहा कि छुट्टी पर गए सभी वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत ड्यूटी पर वापस आने के लिए कहा जाना चाहिए और उनके कार्यालय के अनुसार, 30 सितंबर तक कोई छुट्टी मंजूर नहीं की जानी चाहिए.

इस बीच, राज्य सरकार ने राज्य भर में जिला प्रशासन के अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है क्योंकि पिछले दो दिनों से लगातार बारिश के बाद कई नदियों का जल स्तर बढ़ रहा है. राज्य के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने रविवार को कहा कि अब तक स्थिति चिंताजनक नहीं है.

उफान पर कई नदियां
पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश से राज्य में गंडक, कोसी, गंगा, बूढ़ी गंडक, महानंदा और कमला जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है. पटना, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण में कुछ स्थानों पर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. राज्य में बगहा, पूर्णिया, सुपौल, दरभंगा, खगड़िया और झंझारपुर में भी नदिया उफना गई हैं.

Latest articles

5वीं-8वीं की पुनः परीक्षा 1 जून से: भीषण गर्मी के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम

भोपाल। राज्य शिक्षा केन्द्र (आरएसके) ने सत्र 2025-26 की कक्षा 5वीं और 8वीं की...

एमपी के कॉलेजों में प्रवेश का शंखनाद: 1 मई से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन, छात्राओं को मिलेंगे 25 हजार रुपए

भोपाल। मप्र के सरकारी और निजी कॉलेजों में उच्च शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए...

टीटी नगर में शेड को लेकर विवाद, ताला तोड़कर सामान निकालने का आरोप

भोपाल। राजधानी के पॉश इलाके टीटी नगर में एक शेड पर कब्जे और उसमें...

भोपाल नगर निगम में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी: 15 अधिकारियों के तबादले, भदौरिया को गोविंदपुरा तो सृष्टि को हुजूर की कमान

भोपाल। नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने शहर की सफाई और अतिक्रमण व्यवस्था को...

More like this

मनरेगा ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल: 97.11% लक्ष्य पूरा कर रचा इतिहास, बड़े राज्यों को भी पछाड़ा

  रायपुर। छत्तीसगढ़ ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से की शिष्टाचार भेंट, विकास और जनहित के मुद्दों पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने बेंगलुरु प्रवास के दौरान कर्नाटक के...