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गुजरात में ये क्या हो रहा है … भीषण अग्निकांड के बाद भी राजकोट ‘रिश्वतखोरी’ का खेल, ACB ने फायर ऑफिसर को रंगे हाथों पकड़ा’

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अहमदाबाद/राजकोट

गुजरात के राजकोट में अग्निकांड के पीड़ितों के आंसू अभी सूखे भी नहीं है कि शहर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुजरात एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने राजकोट नगर निगम का प्रभारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। टीआरपी गेमजोन में आग लगने से 27 जिंदा जल गए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने राजकोट के कई अफसरों के ऊपर कार्रवाई की थी। इनमें बड़े अफसरों हटाने से लेकर अधिकारियों को सस्पेंड किया गया था, लेकिन सरकार के बड़े एक्शन के बाद भी नगर निगम के प्रभारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं, कि राज्य में एसीबी के एक्शन के बाद भी रिश्वतखोरी पर नकेल क्यों नहीं लग पा रही है?

एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा
एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने राजकोट नगर निगम (आरएमसी) के प्रभारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) को सोमवार को कथित तौर पर 1.80 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रभारी सीएफओ अनिल मारू ने एक इमारत को अपने विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने के लिए कथित तौर पर रिश्वत मांगी थी। एसीबी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि अग्नि सुरक्षा फिटिंग कार्य के दौरान शिकायतकर्ता ने जब एक इमारत के लिए अग्नि संबंधी एनओसी जारी करने को लेकर अधिकारी से संपर्क किया, तो आरोपी ने तीन लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने उसे 1.20 लाख रुपये का भुगतान किया और कहा कि वह शेष राशि चार-पांच दिन में दे देगा।

पुराने ऑफिसर को किया गया था अरेस्ट
एसीबी ने बताया है कि शिकायतकर्ता द्वारा जामनगर में एसीबी से संपर्क करने के बाद उसे पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया। आरोपी को लोक सेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 1.80 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। मारू ने राजकोट नगर निगम के अग्निशमन विभाग का कार्यभार तब संभाला था, जब तत्कालीन सीएफओ इलेश खेर को 25 मई को टीआरपी गेम जोन में आग लगने की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया गया था और बाद में निलंबित कर दिया गया था। इस घटना में 27 लोगों की मौत हो गई थी। टीआरपी गेम जोन में आग की घटना के बाद आरएमसी के अग्निशमन विभाग की कड़ी आलोचना हुई थी, क्योंकि पाया गया था कि गेम जोन को बिना एनओसी के संचालित किया जा रहा था। खेर और उप सीएफओ भीखा थेबा को आग की घटना की जांच के बीच जून में गिरफ्तार किया गया था। गुजरात में एसीबी की कमान डीजीपी लॉ एंड ऑर्डर आईपीएस डॉ. शमशेर सिंह के हाथों में है। सिंह ने चार्ज लेने के बाद एसीबी लगातार एक्शन में है।

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