13.1 C
London
Monday, February 23, 2026
Homeराज्यगुजरात में ये क्या हो रहा है ... भीषण अग्निकांड के बाद...

गुजरात में ये क्या हो रहा है … भीषण अग्निकांड के बाद भी राजकोट ‘रिश्वतखोरी’ का खेल, ACB ने फायर ऑफिसर को रंगे हाथों पकड़ा’

Published on

अहमदाबाद/राजकोट

गुजरात के राजकोट में अग्निकांड के पीड़ितों के आंसू अभी सूखे भी नहीं है कि शहर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुजरात एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने राजकोट नगर निगम का प्रभारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। टीआरपी गेमजोन में आग लगने से 27 जिंदा जल गए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने राजकोट के कई अफसरों के ऊपर कार्रवाई की थी। इनमें बड़े अफसरों हटाने से लेकर अधिकारियों को सस्पेंड किया गया था, लेकिन सरकार के बड़े एक्शन के बाद भी नगर निगम के प्रभारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं, कि राज्य में एसीबी के एक्शन के बाद भी रिश्वतखोरी पर नकेल क्यों नहीं लग पा रही है?

एसीबी ने रंगे हाथों पकड़ा
एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने राजकोट नगर निगम (आरएमसी) के प्रभारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) को सोमवार को कथित तौर पर 1.80 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रभारी सीएफओ अनिल मारू ने एक इमारत को अपने विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने के लिए कथित तौर पर रिश्वत मांगी थी। एसीबी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि अग्नि सुरक्षा फिटिंग कार्य के दौरान शिकायतकर्ता ने जब एक इमारत के लिए अग्नि संबंधी एनओसी जारी करने को लेकर अधिकारी से संपर्क किया, तो आरोपी ने तीन लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने उसे 1.20 लाख रुपये का भुगतान किया और कहा कि वह शेष राशि चार-पांच दिन में दे देगा।

पुराने ऑफिसर को किया गया था अरेस्ट
एसीबी ने बताया है कि शिकायतकर्ता द्वारा जामनगर में एसीबी से संपर्क करने के बाद उसे पकड़ने के लिए अभियान चलाया गया। आरोपी को लोक सेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 1.80 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। मारू ने राजकोट नगर निगम के अग्निशमन विभाग का कार्यभार तब संभाला था, जब तत्कालीन सीएफओ इलेश खेर को 25 मई को टीआरपी गेम जोन में आग लगने की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया गया था और बाद में निलंबित कर दिया गया था। इस घटना में 27 लोगों की मौत हो गई थी। टीआरपी गेम जोन में आग की घटना के बाद आरएमसी के अग्निशमन विभाग की कड़ी आलोचना हुई थी, क्योंकि पाया गया था कि गेम जोन को बिना एनओसी के संचालित किया जा रहा था। खेर और उप सीएफओ भीखा थेबा को आग की घटना की जांच के बीच जून में गिरफ्तार किया गया था। गुजरात में एसीबी की कमान डीजीपी लॉ एंड ऑर्डर आईपीएस डॉ. शमशेर सिंह के हाथों में है। सिंह ने चार्ज लेने के बाद एसीबी लगातार एक्शन में है।

Latest articles

सांसद आलोक शर्मा द्वारा बड़ा तालाब से अतिक्रमण और प्रदूषण हटाने के संबंध में बुलाई बैठक

आज सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल कलेक्टर कार्यालय में बड़ा तालाब से अतिक्रमण हटाने,...

जनता सब जानती है, विकास पर बहस से भाग रहा विपक्ष”: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा — 90% बजट घोषणाओं को स्वीकृति, 80% योजनाएं पूरी या...

भोपाल भजनलाल शर्मा ने गत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों...

राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने गोविंदपुरा में किया सड़कों का निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण कार्य के दिए निर्देश

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा में विभिन्न...

बाबूलाल गौर महाविद्यालय के एनएसएस शिविर का ग्राम पिरिया में शुभारंभ

भोपाल बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भेल की राष्ट्रीय सेवा योजना (संयुक्त इकाई) के सात...

More like this

गोविंदपुरा को विकास की नई सौगात: राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने किया 5.65 करोड़ के सड़क कार्यों का भूमिपूजन

भोपाल राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में...

संबलपुरी परिवार ने मधुबन गार्डन में उल्लास और परंपरा के साथ मनाया पुष्पुनी तिहार

पॉवर पश्चिमी ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक पुष्पुनी तिहार का भव्य आयोजन रविवार...