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Wednesday, April 1, 2026
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क्या भारतीयों को ब्रिटेन में नौकरी के पड़ गए लाले? ब्रिटिश प्रोफेसर ने बताया क्या है सच्चाई

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ब्रिटेन में पढ़ाई करना भारतीयों के बीच दशकों से पॉपुलर रहा है। हर साल हजारों भारतीय ब्रिटिश यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लेते हैं। यही वजह है कि ब्रिटेन में विदेशी छात्रों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी भारतीयों की है। हालांकि, ब्रिटिश सरकार ने वीजा नीतियों में बदलाव किया है, जिसकी वजह से विदेशी छात्रों के लिए देश में पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। ऊपर से रहने-खाने का बढ़ता खर्च और जॉब को लेकर कड़े नियमों के चलते ब्रिटेन अब पहले की तरह पॉपुलर नहीं रहा है।

वीजा जारी करने में 19 फीसदी तक की गिरावट देखी गई है। अक्टूबर 2023 से सितंबर 2024 से तक 3,92,969 स्टूडेंट वीजा जारी किए गए हैं। भारतीय छात्रों के लिए नौकरी के अवसर भी कम हो रहे हैं। बर्मिंघम यूनिवर्सिटी के प्रोवोस्ट और वाइस-प्रिंसिपल प्रोफेसर स्टीफन जार्विस भारतीय संस्थानों के साथ अकेडमिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए भारत में थे। उन्होंने ब्रिटेन में घट रही नौकरियों को लेकर भी बात की है और बताया है कि भारतीय छात्रों के लिए नौकरी के अवसर कम नहीं हो रहे हैं।

क्या भारतीयों को नहीं मिल रही नौकरी?
इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में प्रोफेसर स्टीफन जार्विस से सवाल हुआ कि क्या ब्रिटेन में भारतीय ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी की संभावनाएं कम हो गई हैं? इसके जवाब में उन्होंने कहा, “नहीं, ब्रिटेन में भारतीय ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी की संभावनाओं में गिरावट नहीं आई है। भारतीय छात्रों को बर्मिंघम यूनिवर्सिटी की बेहतरीन ग्रेजुएट एंप्लॉयमेंट संभावनाओं की वजह से फायदा मिलता है। 2024 हाई फ्लायर्स रिपोर्ट के अनुसार हम ग्रेजुएट्स को नौकरी पर रखने वाली कंपनियों के लिए टॉप च्वाइस हैं।”

प्रोफेसर स्टीफन जार्विस ने कहा, “ब्रिटेन में अच्छी सैलरी भी दी जाती है, जो विदेश में पढ़ाई से जुड़े खर्च की भरपाई करने में मदद करता है। हमारे पास एक बेहतरीन करियर नेटवर्क भी है, जो ऑनलाइन कोर्सेज, एंप्लॉयर फेयर्स, वर्कशॉप, अल्युमिनी इवेंट्स, इंटर्नशिप, एप्लिकेशन सपोर्ट, जॉब वैकेंसी बोर्ड्स जैसी चीजें छात्रों के जरिए छात्रों की मदद करते हैं। जॉब के लिए छात्रों को कोचिंग भी दी जाती है। इस साल कैंपस में करियर फेयर्स में हिस्सा लेने वाले एक तिहाई कंपनियों ने विदेशी छात्रों को जॉब दी।”

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