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दस साल बाद कैसे संभालोगे हालात… जापान में घटती जनसंख्या और बढ़ते बुजुर्गों से टेंशन, एक्सपर्ट की डराने वाली चेतावनी

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टोक्यो:

जापान की घटती आबादी की चिंता अब शहरों तक पहुंच गई है। जापान के गांवों में वर्षों से आबादी घट रही है। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि गांवों के बाद शहरों में भी आबादी में कमी आने लगेगी। राजधानी टोक्यो के अलावा जापान के ज्यादातर बड़े शहरों के लिए साल 2035 निर्णायक बिंदु साबित हो सकता है। एक्सपर्ट मासाशी कवाई ने जापान में घटती और बूढ़ी होती आबादी पर कहा है कि कई शहरों में गिरावट आने लगी है और साल 2035 ट्रिगर प्वाइंट होगा। ये जापान सरकार की चिंता को बढ़ा रहा है क्योंकि घटती जनसंख्या का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर हो रहा है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, विश्लेषक मासाशी कवाई ने अपनी किताब ‘फ्यूचर एटलस: व्हाट हैपन्स इन जापान विथ अ डिक्लाइनिंग पॉपुलेशन’ में कहा है कि गांवों में बदतर हालात के बाद जापान के कई शहरों में 2020 से आबादी घटने लगी है। इन शहरों में किटाक्यूशु, कोबे, क्योटो और ओसाका शामिल हैं। 2025 तक सेंडाई, योकोहामा और कुमामोटो में भी यही हाल होगा। इसके बाद 2035 तक नागोया, सपोरो, हिरोशिमा और ओकायामा जैसे बड़े शहरों की आबादी भी घटने लगेगी।

2035 के बाद तेजी से खराब होंगे हालात
रिपोर्ट के मुताबिक, जापान के कुछ शहर आसपास के ग्रामीण इलाकों से आते लोगों के जरिए अपनी आबादी स्थिर रख रहे हैं लेकिन अगले दस सालों में ये नाकाफी हो जाएगा। ऐसे में 2035 को एक अहम प्वाइंट कह सकते हैं। जापान के लिए बढ़ती उम्र के लोगों की संख्या एक बड़ी चुनौती है। 2035 तक कोबे में 34.8 फीसदी तो सपोरो, शिजुओका और किटाक्यूशु में 34 प्रतिशत आबादी बूढ़ होगी। यानी इन शहरों में एक तिहाई से ज्यादा लोग अगले दस साल में बुजुर्ग होंगे।

मेजी विश्वविद्यालय के शहरी नियोजन विशेषज्ञ और प्रोफेसर एमेरिटस हिरो इचिकावा का कहना है कि कवाई के निष्कर्षों में दम है। इचिकावा ने वृद्ध होती आबादी के अनुसार शहरी नियोजन को ढालने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2040 तक जापान एक अधिक सुगठित राष्ट्र होगा, जिसके शहर वृद्ध आबादी का समर्थन करने के लिए डिजाइन किए गए होंगे। नई इमारतों में पहले से ही लिफ्ट और बुजुर्गों के अनुकूल सुविधाएं हैं, जो आगे और बढ़ेंगी।

जापान के सामने बड़ा संकट
जापान में घटती युवा आबादी एक बड़ी चिंता का सबब है। विशेषज्ञों का मानना है कि जापान को अपनी घटती जनसंख्या के लिए दीर्घकालिक समाधान खोजने होंगे। आप्रवासन नीतियों पर भी पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। शहरों को वृद्ध लोगों के अनुकूल बनाना होगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों को फिर से आकर्षक बनाने के उपाय भी करने होंगे ताकि लोग वहां बसना पसंद करें।

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