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भारत के मुकाबले काम के कम घंटे, ज्यादा सैलरी… फिनलैंड यूं ही नहीं है दुनिया का सबसे खुशहाल देश

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नई दिल्ली

फिनलैंड लगातार 8वीं बार दुनिया का सबसे खुशहाल देश बन गया है। World Happiness Report 2025 में यह बात सामने आई है। फिनलैंड के लोग खुश क्यों हैं, इसके कई कारण हैं। वहां अच्छी सामाजिक सुरक्षा है। लोगों को एक दूसरे पर भरोसा है। सरकार भी लोगों का पूरा ध्यान रखती है। इसलिए वहां के लोग खुशहाल जीवन जीते हैं।

वहीं अगर फिनलैंड की भारत से तुलना करें तो वहां काम के घंटे कम और सैलरी भी ज्यादा है। इसके अलावा फिनलैंड में काम करने वाले शख्स को भारत के मुकाबले छुट्टियां ज्यादा मिलती हैं। हालांकि कुछ चीज ऐसी भी हैं जिन्हें जानकर आप कह सकते हैं भी फिनलैंड से बेहतर भारत ही है।

जीवन से संतुष्ट हैं फिनलैंड के लोग
फिनलैंड का लगातार पहले नंबर पर आना दिखाता है कि वहां लाइफ क्वालिटी, सोशल सपोर्ट और बैलेंस्ड लाइफस्टाइल बहुत अच्छी है। ये सभी चीजें फिनलैंड को हमेशा खुश रखने में मदद करती हैं।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर, वेलबीइंग रिसर्च सेंटर के लीडर और वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट के संपादक जेन-इमैनुएल डी नेवे (Jan-Emmanuel De Neve) ने फॉर्च्यूनवेल को बताया कि फिनलैंड के लोग खुश, आनंदित, सड़कों पर नाचने वाले नहीं हैं। लेकिन वे अपने जीवन से बहुत संतुष्ट हैं।

इस लिस्ट में भारत की स्थिति क्या?
दुनिया के खुशहाल देशों में भारत की रैंकिंग में कुछ सुधार हुआ है। भारत साल 2024 में 126वें स्थान पर था जो साल 2025 में 118वें स्थान पर आ गया है। यह रिपोर्ट 147 देशों के लोगों के जीवन की गुणवत्ता और उनकी बताई गई खुशहाली के आधार पर तैयार की जाती है। अफगानिस्तान दुनिया का सबसे दुखी देश बना हुआ है। अफगान महिलाओं को विशेष रूप से कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

भारत में काम के घंटे ज्यादा
भारत और फिनलैंड की तुलना करें तो भारत में ज्यादा घंटे काम करना पड़ता है। भारत की ज्यादातर कंपनियों में लोग हफ्ते में 48 घंटे काम करते हैं। यानी हफ्ते में 6 दिन 8-8 घंटे काम और एक दिन की छुट्टी। वहीं फिनलैंड में लोग हफ्ते में अधिकतम 40 घंटे ही काम करते हैं। ज्यादातर कंपनियों में हफ्ते में 5 दिन ही काम किया जाता है। यानी रोजाना 8 घंटे।

इसके अलावा फिनलैंड में कर्मचारियों को साल में 24 से 30 छुट्टियां अलग से मिलती हैं। इन्हें वेकेशन हॉलिडे कहा जाता है। अगर कोई शख्स इस दौरान काम करना चाहता है तो कंपनी उसे उन दिनों का पेमेंट देती है। भारत में भी वेकेशन हॉलिडे मिलती हैं, लेकिन उन दिनों में अगर कोई कर्मचारी काम करता है तो उसे उसका पेमेंट बहुत कम कंपनियां देती हैं।

कितनी मिलती है सैलरी?
फिनलैंड और भारत में सैलरी काम के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। लेकिन औसतन फिनलैंड में सैलरी ज्यादा है। लिविंगकॉस्ट वेबसाइट के मुताबिक फिनलैंड में टैक्स काटने के बाद मासिक औसतन सैलरी 2732 डॉलर (2.36 लाख रुपये) है। वहीं भारत में यह सैलरी 625 डॉलर (करीब 54 हजार रुपये) प्रतिमाह है। ऐसे में देखा जाए तो फिनलैंड में भारत के मुकाबले औसतन सैलरी 4 गुना से ज्यादा है।

इन मामलों में भारत बेहतर
वहीं दूसरी ओर कई ऐसी भी चीजें हैं जिनके बारे में जानकर आपको लगेगा कि भारत ही बेहतर है। फिनलैंड में रहने का प्रति व्यक्ति खर्च 1521 डॉलर है तो वहीं भारत में मात्र 429 डॉलर है। इसके मुताबिक किराए पर रहना भारत में सस्ता है। फिनलैंड में एक व्यक्ति का किराया 719 डॉलर है तो भारत में यह मात्र 175 डॉलर है। इनके अलावा खाने का खर्च, ट्रांसपोर्ट का खर्च, फैमिली रेंट आदि भी भारत में कम हैं।

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