24.8 C
London
Friday, May 29, 2026
HomeभोपालMP के कृषि मंत्री का अजीबोगरीब बयान, बोले- 'कोई रेत माफिया नहीं,...

MP के कृषि मंत्री का अजीबोगरीब बयान, बोले- ‘कोई रेत माफिया नहीं, ये तो पेट माफिया हैं’, सरकार बेबस

Published on

भोपाल ,

मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में वन विभाग की टीम पर हमले की घटना के बाद सरकार के एक मंत्री का बयान चर्चा का विषय बन गया है. विधानसभा में पत्रकारों से बात करते हुए राज्य के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने रेत माफिया को लेकर अजीबोगरीब बयान दिया. उन्होंने कहा, “कोई रेत माफिया नहीं होता है, वो तो पेट माफिया होते हैं, जो पेट पालने के लिए काम करते हैं.”दरअसल, मुरैना जिले के अंबाह में रेत माफिया ने वन विभाग की टीम पर हमला किया और जब्त ट्रैक्टर छुड़ाकर ले गए थे. इस घटना का वीडियो सामने आया था.

वन विभाग का सशस्त्र अमला चंबल नदी क्षेत्र में अवैध रेत खनन की जांच के लिए निकला था. इस दौरान टीम ने रेत से भरी हुई ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया था. लेकिन रेत माफिया ने पथराव कर ट्रैक्टर-ट्रॉली को जबरन छुड़ा लिया. इस घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसके बाद रेत माफिया के बढ़ते हौसले पर सवाल उठने लगे.

मंत्री का बयान बना चर्चा का विषय
आज विधानसभा में जब पत्रकारों ने कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना से इस घटना के बारे में सवाल किया, तो उनका जवाब हैरान करने वाला था. कंषाना ने कहा, “कोई रेत माफिया नहीं होता है. वो पेट माफिया होते हैं, जो पेट पालने के लिए काम करते हैं. रेत माफिया उसे कहते हैं, जो एक व्यक्ति के लिए काम करें. मुरैना में रेत माफिया नहीं है. घटना की जानकारी लेते हैं, अगर किसी शासकीय कर्मचारी पर हमला हुआ है, तो कानून अपना काम करेगा.”

मुरैना से ही आते हैं मंत्री
गौरतलब है कि एदल सिंह कंषाना मुरैना जिले की सुमावली विधानसभा से विधायक हैं, और अंबाह भी उसी जिले का हिस्सा है, जहां यह हमला हुआ था. उनके इस बयान ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका दे दिया है.

रेत माफिया का आतंक और विपक्ष का हमला
मध्यप्रदेश में मुरैना में खनन माफिया का आतंक लंबे समय से चर्चा में रहा है. माफिया ने सरकारी कर्मचारियों पर हमले किए हैं. साल 2012 में मुरैना के ही बानमोर में आईपीएस नरेंद्र कुमार को होली के दिन ट्रैक्टर चढ़ाकर मार डाला गया था.

मुरैना में रेत माफिया के हौसले बुलंद
मुरैना में रेत माफिया के हौसले कितने बुलंद हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वन विभाग और पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद उनकी गतिविधियां रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. स्थानीय लोग बताते हैं कि माफिया के डर से कोई भी खुलकर विरोध करने की हिम्मत नहीं करता.

बयान पर उठ रहे सवाल
कृषि मंत्री कंषाना के इस बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इसे ‘पेट पालने’ का काम कहना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि माफिया को बढ़ावा देने वाला भी है. यह बयान ऐसे समय में आया है, जब मध्यप्रदेश में रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है.

Latest articles

वीर सावरकर की जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया नमन, बोले- उनके विचार युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए करेंगे प्रेरित

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल से राजस्थान टीबी मुक्त अभियान में तेजी, 60 दिन में 19 लाख लोगों की स्क्रीनिंग

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल और मजबूत इच्छाशक्ति के फलस्वरूप राजस्थान 'टीबी मुक्त'...

भजनलाल सरकार का कमाल: राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच निर्बाध बिजली आपूर्ति, शिकायतों में आई 41 हजार की कमी

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के बेहतर प्रबंधन और दूरगामी...

पंजाब में ‘आप’ का बड़ा सियासी विस्तार: मजीठिया परिवार और चीफ खालसा दीवान के प्रमुख नेता आम आदमी पार्टी में शामिल

चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति में सोमवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब...

More like this

भोपाल की जांबाज पर्वतारोही ज्योति रात्रे रचने जा रही हैं इतिहास!

भोपाल। भारतीय पर्वतारोहण जगत के लिए जल्द ही गर्व का एक और ऐतिहासिक क्षण...

हमीदिया अस्पताल में खुले में पोस्टमॉर्टम, शवगृह के बाहर स्ट्रेचर पर हुई चीर-फाड़

भोपाल। भोपाल के हमीदिया अस्पताल में मानवता और मेडिकल प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े करने...

भोपाल एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामला: सीबीआई ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को किया गिरफ्तार

भोपाल। भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण...