7.7 C
London
Saturday, March 14, 2026
HomeभोपालMP के कृषि मंत्री का अजीबोगरीब बयान, बोले- 'कोई रेत माफिया नहीं,...

MP के कृषि मंत्री का अजीबोगरीब बयान, बोले- ‘कोई रेत माफिया नहीं, ये तो पेट माफिया हैं’, सरकार बेबस

Published on

भोपाल ,

मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में वन विभाग की टीम पर हमले की घटना के बाद सरकार के एक मंत्री का बयान चर्चा का विषय बन गया है. विधानसभा में पत्रकारों से बात करते हुए राज्य के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने रेत माफिया को लेकर अजीबोगरीब बयान दिया. उन्होंने कहा, “कोई रेत माफिया नहीं होता है, वो तो पेट माफिया होते हैं, जो पेट पालने के लिए काम करते हैं.”दरअसल, मुरैना जिले के अंबाह में रेत माफिया ने वन विभाग की टीम पर हमला किया और जब्त ट्रैक्टर छुड़ाकर ले गए थे. इस घटना का वीडियो सामने आया था.

वन विभाग का सशस्त्र अमला चंबल नदी क्षेत्र में अवैध रेत खनन की जांच के लिए निकला था. इस दौरान टीम ने रेत से भरी हुई ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया था. लेकिन रेत माफिया ने पथराव कर ट्रैक्टर-ट्रॉली को जबरन छुड़ा लिया. इस घटना का वीडियो भी सामने आया था, जिसके बाद रेत माफिया के बढ़ते हौसले पर सवाल उठने लगे.

मंत्री का बयान बना चर्चा का विषय
आज विधानसभा में जब पत्रकारों ने कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना से इस घटना के बारे में सवाल किया, तो उनका जवाब हैरान करने वाला था. कंषाना ने कहा, “कोई रेत माफिया नहीं होता है. वो पेट माफिया होते हैं, जो पेट पालने के लिए काम करते हैं. रेत माफिया उसे कहते हैं, जो एक व्यक्ति के लिए काम करें. मुरैना में रेत माफिया नहीं है. घटना की जानकारी लेते हैं, अगर किसी शासकीय कर्मचारी पर हमला हुआ है, तो कानून अपना काम करेगा.”

मुरैना से ही आते हैं मंत्री
गौरतलब है कि एदल सिंह कंषाना मुरैना जिले की सुमावली विधानसभा से विधायक हैं, और अंबाह भी उसी जिले का हिस्सा है, जहां यह हमला हुआ था. उनके इस बयान ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका दे दिया है.

रेत माफिया का आतंक और विपक्ष का हमला
मध्यप्रदेश में मुरैना में खनन माफिया का आतंक लंबे समय से चर्चा में रहा है. माफिया ने सरकारी कर्मचारियों पर हमले किए हैं. साल 2012 में मुरैना के ही बानमोर में आईपीएस नरेंद्र कुमार को होली के दिन ट्रैक्टर चढ़ाकर मार डाला गया था.

मुरैना में रेत माफिया के हौसले बुलंद
मुरैना में रेत माफिया के हौसले कितने बुलंद हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वन विभाग और पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद उनकी गतिविधियां रुकने का नाम नहीं ले रही हैं. स्थानीय लोग बताते हैं कि माफिया के डर से कोई भी खुलकर विरोध करने की हिम्मत नहीं करता.

बयान पर उठ रहे सवाल
कृषि मंत्री कंषाना के इस बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. इसे ‘पेट पालने’ का काम कहना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि माफिया को बढ़ावा देने वाला भी है. यह बयान ऐसे समय में आया है, जब मध्यप्रदेश में रेत माफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है.

Latest articles

महिला समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार, सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि महिला शक्ति न केवल परिवार, बल्कि समाज...

बीएचईएल में गूंजा मजदूर-किसान एकता का नारा, नुक्कड़ नाटक से नए श्रम कानूनों का विरोध

भोपाल बीएचईएल  गेट क्रमांक 5 पर आज मजदूर-किसान एकता का नया जोश देखने को मिला।...

लाड़ली बहनों के खातों में पहुंचे 1836 करोड़, सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी 122 करोड़ की सौगात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की सवा करोड़ लाड़ली बहनों को बड़ी सौगात...

ईरान-इजराइल युद्ध की आंच: देशभर में एलपीजी के लिए हाहाकार, 2 हजार का सिलेंडर 4 हजार में

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग की चिंगारी अब भारत के आम जनजीवन...

More like this

महिला समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार, सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि महिला शक्ति न केवल परिवार, बल्कि समाज...

बीएचईएल में गूंजा मजदूर-किसान एकता का नारा, नुक्कड़ नाटक से नए श्रम कानूनों का विरोध

भोपाल बीएचईएल  गेट क्रमांक 5 पर आज मजदूर-किसान एकता का नया जोश देखने को मिला।...

लाड़ली बहनों के खातों में पहुंचे 1836 करोड़, सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी 122 करोड़ की सौगात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की सवा करोड़ लाड़ली बहनों को बड़ी सौगात...