14.6 C
London
Thursday, June 4, 2026
Homeराष्ट्रीय'ब्रेस्ट छूना रेप नहीं...' इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस की टिप्पणी पर...

‘ब्रेस्ट छूना रेप नहीं…’ इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस की टिप्पणी पर SC सख्त, फैसले के कुछ हिस्सों पर लगाई रोक

Published on

नई दिल्ली,

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस विवादित आदेश पर रोक लगा दी जिसमें कहा गया था कि ‘ब्रेस्ट पकड़ना’ और पजामे का नाड़ा तोड़ना बलात्कार या बलात्कार का प्रयास नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश का स्वत: संज्ञान लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस फैसले में संवेदनशीलता की कमी दिखाई देती है.

जस्टिस भूषण आर गवई ने सुनवाई के दौरान कहा कि हमें एक जज द्वारा ऐसे कठोर शब्दों का प्रयोग करने के लिए खेद है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने हाईकोर्ट के आदेश को देखा है. हाईकोर्ट के आदेश के कुछ पैराग्राफ जैसे 24, 25 और 26 में जज द्वारा संवेदनशीलता की पूर्ण कमी को दर्शाता है. ऐसा भी नहीं है कि फैसला जल्द में लिया गया है. इस मामले में सुनवाई पूरी होकर निर्णय रिजर्व होने के 4 महीने बाद निर्णय सुनाया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीड़िता की मां ने भी अदालत का दरवाजा खटखटाया है. उसकी याचिका को भी इसके साथ ही जोड़ा जाए. उससे दोनों पर साथ सुनवाई आगे बढ़ेगी.

दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट के 17 मार्च को दिए विवादित फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई. जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई के दौरान कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज की कुछ टिप्पणियों पर रोक लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल और अटॉर्नी जनरल को सुनवाई के दौरान कोर्ट की सहायता करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम केंद्र, उत्तर प्रदेश को नोटिस जारी करते हैं. कोर्ट ने कहा कि हम दो हफ्ते बाद मंगलवार को इस पर सुनवाई करेंगे.

इलाहाबाद कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया था?
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि पीड़ित के ब्रेस्ट को पकड़ना, और पाजामे के नाड़े को तोड़ने के आरोप के चलते ही आरोपी के खिलाफ रेप की कोशिश का मामला नहीं बन जाता. फैसला देने वाले जज जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा ने 11 साल की लड़की के साथ हुई इस घटना के तथ्यों को रिकॉर्ड करने के बाद यह कहा था कि इन आरोप के चलते यह महिला की गरिमा पर आघात का मामला तो बनता है. लेकिन इसे रेप का प्रयास नहीं कह सकते.

Latest articles

ईडी की बड़ी कार्रवाई: पूर्व ईएनसी गोविंद मेहरा और आबकारी अधिकारी भदौरिया की 85.45 करोड़ की संपत्ति कुर्क

भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मप्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी डिजिटल और...

एम्स भोपाल में दुर्लभ सर्जरी सफल, एक ही ऑपरेशन में दो अलग-अलग कैंसर को किया खत्म

भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल के डॉक्टरों ने जटिल कैंसर उपचार के...

भोपाल में अवैध कॉलोनियों पर फिर नोटिस कार्रवाई, तीन साल में 300 एफआईआर के बावजूद नहीं हुई एक भी गिरफ्तारी

भोपाल। भोपाल में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासनिक और नगर निगम की कार्रवाई एक...

एनएचएम के 32 हजार संविदा कर्मचारी हड़ताल पर, 8 जून को मुख्यमंत्री आवास घेराव की चेतावनी

भोपाल। मप्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत करीब 32 हजार संविदा...

More like this

एनएचपीसी ओएफएस: केंद्र सरकार 71 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचेगी 6% तक हिस्सेदारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के ऑफर फॉर सेल (OFS) की शुरुआत के साथ ही...

भारतीय वायुसेना का बढ़ेगा दबदबा, DRDO के साथ मिलकर किया रुद्रम-II मिसाइल का सफल परीक्षण

नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO और भारतीय वायु सेना मंगलवार...

कॉमर्शियल LPG सिलेंडर 53.50 रुपए तक महंगा, 5 किलो के फ्री ट्रेड वाले LPG सिलेंडर के दाम ₹11 बढ़े

नई दिल्ली। कॉमर्शियल सिलेंडर 1 जून से 53.50 रुपए तक महंगा हो गया है।...