10.1 C
London
Thursday, April 30, 2026
Homeराष्ट्रीयजस्टिस वर्मा के ट्रांसफर पर पुनर्विचार करेगा SC, बार निकायों ने FIR...

जस्टिस वर्मा के ट्रांसफर पर पुनर्विचार करेगा SC, बार निकायों ने FIR दर्ज न होने पर भी उठाए सवाल

Published on

नई दिल्ली,

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस संजीव खन्ना ने 6 बार संघों के अध्यक्षों से मुलाकात के बाद आश्वासन दिया कि दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा के ट्रांसफर को वापस लेने की मांग पर विचार किया जाएगा. बता दें कि 14 मार्च को आग की घटना के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट के जज यशवंत वर्मा के आवास से भारी मात्रा में जले हुए नोट मिले थे. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट स्थानांतरित करने का निर्णय लिया था.

इलाहाबाद बार संघ के प्रमुख अनिल तिवारी ने कहा कि सीजेआई संजीव खन्ना ने जस्टिस यशवंत वर्मा के ट्रांसफर पर हमारी मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया है. बार निकायों के प्रमुखों ने कहा कि सीजेआई ने उन्हें बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में ट्रांसफर के बाद भी जस्टिस वर्मा से न्यायिक कार्य वापस ले लिया जाएगा.

बता दें कि आग की घटना के दौरान उनके आवास से नकदी बरामद होने के बाद जस्टिस वर्मा को दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट वापस भेज दिया गया था. दिल्ली हाईकोर्ट की रजिस्ट्री ने भी न्यायमूर्ति वर्मा को सौंपा गया न्यायिक कार्य वापस ले लिया.

न्यायपालिका से भ्रष्टाचार खत्म करने की मांग
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के फैसले का इलाहाबाद बार संघ ने विरोध किया और अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी. एसोसिएशन ने कहा कि वह भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे न्यायाधीशों को बर्दाश्त नहीं करेगी. गुरुवार को सीजेआई के आश्वासन के बाद, बार निकाय ने कहा कि वह हड़ताल जारी रखने पर पुनर्विचार करेगा. सीजेआई को दिए गए अपने ज्ञापन में, बार निकायों ने कहा कि न्यायपालिका से भ्रष्टाचार को खत्म किया जाना चाहिए और सीजेआई से मामले में आपराधिक कानून लागू करने का आग्रह किया.

FIR दर्ज न होने पर उठाए सवाल
बार एसोसिएशन ने ये भी सवाल उठाया कि 14 मार्च की घटना के बावजूद कोई FIR अभी तक दर्ज क्यों नहीं की गई? उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो देशभर के उच्च न्यायालयों के बार संघ धरना प्रदर्शन करेंगे. इस सप्ताह की शुरुआत में सीजेआई ने घटना की विस्तृत जांच करने के लिए तीन सदस्यीय पैनल का गठन किया, जिसने कानूनी हलकों में हलचल मचा दी है. हालांकि न्यायमूर्ति वर्मा ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि उन्हें प्रेस में बदनाम किया जा रहा है.

Latest articles

बंगाल में 8 एग्जिट पोल में से 6 में भाजपा सरकार, असम में BJP, तमिलनाडु में DMK की वापसी

केरल में 10 साल बाद UDF सरकार का अनुमान नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा...

छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं-12वीं के परिणाम घोषित, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों को दी बधाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के...

मन की बात में गूंजी सकारात्मक भारत की गूंज: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सांगानेर में आमजन के साथ सुना कार्यक्रम

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 133वां संस्करण...

सुशासन से समृद्ध बनेगा राजस्थान: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- गांव के विकास का आधार हैं ग्राम विकास अधिकारी

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान' और 'ग्राम-2026' की महत्ता पर...

More like this

बंगाल में 8 एग्जिट पोल में से 6 में भाजपा सरकार, असम में BJP, तमिलनाडु में DMK की वापसी

केरल में 10 साल बाद UDF सरकार का अनुमान नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा...

बंगाल चुनाव में ‘बंपर वोटिंग’, आज़ादी के बाद बना नया रिकॉर्ड, पहले चरण में 93% मतदान

तमिलनाडु के इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा 85% वोटिंग कोलकाता। पश्चिम बंगाल और...

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...