14.7 C
London
Wednesday, June 3, 2026
Homeराष्ट्रीयदिल्ली की जेलों में हद से ज्यादा भीड़! 10,000 की जगह 19,000...

दिल्ली की जेलों में हद से ज्यादा भीड़! 10,000 की जगह 19,000 कैदी, बेहद खराब हैं हालात

Published on

नई दिल्ली,

दिल्ली की जेलों में ओवरक्राउडिंग एक गंभीर समस्या बन चुकी है. वर्तमान में राजधानी की 16 जेलों में 10,000 कैदियों की क्षमता के मुकाबले करीब 19,000 कैदी बंद हैं. यह स्थिति तब है जब वर्ष 2023 में 1,000 से अधिक अंडरट्रायल कैदियों को रिहा किया गया था.

दिल्ली सरकार ने विधानसभा सत्र के दौरान जेलों की स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की, जिसमें तिहाड़, मंडोली और रोहिणी जेलों में कैदियों की संख्या चिंताजनक रूप से अधिक पाई गई. कुछ जेलों में तो क्षमता से पांच गुना अधिक कैदी रखे गए हैं.

तिहाड़ जेल जहां सबसे ज्यादा कैदी
तिहाड़ की जेल नंबर 1 की स्थिति सबसे खराब है. इस जेल की क्षमता केवल 565 कैदियों की है, लेकिन मार्च 2025 के आंकड़ों के अनुसार, यहां 2,436 कैदी बंद हैं. इसी तरह, तिहाड़ की जेल नंबर 4 में 740 कैदियों की जगह 3,244 कैदी रखे गए हैं.

मंडोली जेल के कुछ परिसरों में कैदियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है. उदाहरण के लिए, जेल नंबर 15, जिसमें सिर्फ उच्च सुरक्षा वाले कैदी रखे जाते हैं, की क्षमता 248 कैदियों की है, लेकिन वहां केवल 108 कैदी बंद हैं. इसी तरह, जेल नंबर 14 और 16 में भी क्षमता से कम कैदी हैं.

अंडरट्रायल कैदियों की संख्या आठ गुना ज्यादा
दिल्ली की जेलों में अंडरट्रायल कैदियों की संख्या सजायाफ्ता कैदियों से लगभग आठ गुना ज्यादा है. 2024 के आखिर तक, जहां 17,118 अंडरट्रायल कैदी थे, वहीं सिर्फ 2,235 सजायाफ्ता कैदी मौजूद थे. पिछले पांच सालों में यह संख्या लगातार बढ़ रही है.

जेलों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई
कैदियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जेल प्रशासन ने सुरक्षा के उपाय भी बढ़ा दिए हैं. तिहाड़ में तीन Tower of Harmonious Call Blocking System (T-HCBS) और मंडोली जेल में एक सिस्टम लगाया गया है. तिहाड़ में 15 मोबाइल जैमर लगाए गए हैं.

दिल्ली की जेलों में कुल 7,549 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे औसतन हर 5 कैदियों पर 2 कैमरों की निगरानी रहती है. 15 डीप सर्च मेटल डिटेक्टर, 610 बॉडी-वॉर्न कैमरे और 23 एक्स-रे बैगेज स्कैनर लगाए गए हैं. जेलों में हिंसा रोकने के लिए सीआरपीएफ, आईटीबीपी और तमिलनाडु स्पेशल पुलिस की क्विक रिएक्शन टीमें तैनात की गई हैं.

नए जेलों के निर्माण की योजना
दिल्ली में नरेला और बापरौला में नए जेल परिसरों के निर्माण की योजना बनाई गई है. इस परियोजना के लिए 40 एकड़ जमीन डी.डी.ए. ने आवंटित कर दी है. पहले चरण में 256 कैदियों की क्षमता वाली उच्च सुरक्षा जेल बनाई जाएगी. इसका निर्माण अगले 6 महीने में शुरू होगा और 2 वर्षों में पूरा किया जाएगा. बापरौला जेल के लिए भूमि आवंटन अभी डी.डी.ए. में लंबित है.

बढ़ता बजट: खर्च में भारी बढ़ोतरी
कैदियों की संख्या के साथ-साथ जेल प्रशासन पर होने वाला खर्च भी बढ़ रहा है. साल 2019-20 में जेलों का बजट 490 करोड़ रुपये था. साल 2023-24 में यह बढ़कर 595 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.

Latest articles

बीएचईई थ्रिफ्ट सोसायटी के पहले अध्यक्ष गुप्ता का निधन

बीएचईई थ्रिफ्ट सोसायटी के प्रथम अध्यक्ष वृत्तपाल गुप्ता के निधन पर गहरा शोक भोपाल। बीएचईई...

ग्रामीणों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, बांटे योजनाओं के लाभ

रायपुर। प्रदेशव्यापी 'सुशासन तिहार' के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंगलवार को बीजापुर जिले के...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की केंद्रीय मंत्रियों से शिष्टाचार भेंट, ऊर्जा और युवा विकास पर हुई अहम चर्चा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से शिष्टाचार...

पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: 26 साल पुरानी किसान क्रेडिट कार्ड पॉलिसी बदली, फसलों पर लोन लिमिट में भारी बढ़ोतरी

चंडीगढ़। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने किसानों को बड़ा आर्थिक संबल देते हुए...

More like this

एनएचपीसी ओएफएस: केंद्र सरकार 71 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचेगी 6% तक हिस्सेदारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के ऑफर फॉर सेल (OFS) की शुरुआत के साथ ही...

भारतीय वायुसेना का बढ़ेगा दबदबा, DRDO के साथ मिलकर किया रुद्रम-II मिसाइल का सफल परीक्षण

नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO और भारतीय वायु सेना मंगलवार...

कॉमर्शियल LPG सिलेंडर 53.50 रुपए तक महंगा, 5 किलो के फ्री ट्रेड वाले LPG सिलेंडर के दाम ₹11 बढ़े

नई दिल्ली। कॉमर्शियल सिलेंडर 1 जून से 53.50 रुपए तक महंगा हो गया है।...