8.3 C
London
Friday, May 8, 2026
Homeराष्ट्रीयदिल्ली की जेलों में हद से ज्यादा भीड़! 10,000 की जगह 19,000...

दिल्ली की जेलों में हद से ज्यादा भीड़! 10,000 की जगह 19,000 कैदी, बेहद खराब हैं हालात

Published on

नई दिल्ली,

दिल्ली की जेलों में ओवरक्राउडिंग एक गंभीर समस्या बन चुकी है. वर्तमान में राजधानी की 16 जेलों में 10,000 कैदियों की क्षमता के मुकाबले करीब 19,000 कैदी बंद हैं. यह स्थिति तब है जब वर्ष 2023 में 1,000 से अधिक अंडरट्रायल कैदियों को रिहा किया गया था.

दिल्ली सरकार ने विधानसभा सत्र के दौरान जेलों की स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की, जिसमें तिहाड़, मंडोली और रोहिणी जेलों में कैदियों की संख्या चिंताजनक रूप से अधिक पाई गई. कुछ जेलों में तो क्षमता से पांच गुना अधिक कैदी रखे गए हैं.

तिहाड़ जेल जहां सबसे ज्यादा कैदी
तिहाड़ की जेल नंबर 1 की स्थिति सबसे खराब है. इस जेल की क्षमता केवल 565 कैदियों की है, लेकिन मार्च 2025 के आंकड़ों के अनुसार, यहां 2,436 कैदी बंद हैं. इसी तरह, तिहाड़ की जेल नंबर 4 में 740 कैदियों की जगह 3,244 कैदी रखे गए हैं.

मंडोली जेल के कुछ परिसरों में कैदियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है. उदाहरण के लिए, जेल नंबर 15, जिसमें सिर्फ उच्च सुरक्षा वाले कैदी रखे जाते हैं, की क्षमता 248 कैदियों की है, लेकिन वहां केवल 108 कैदी बंद हैं. इसी तरह, जेल नंबर 14 और 16 में भी क्षमता से कम कैदी हैं.

अंडरट्रायल कैदियों की संख्या आठ गुना ज्यादा
दिल्ली की जेलों में अंडरट्रायल कैदियों की संख्या सजायाफ्ता कैदियों से लगभग आठ गुना ज्यादा है. 2024 के आखिर तक, जहां 17,118 अंडरट्रायल कैदी थे, वहीं सिर्फ 2,235 सजायाफ्ता कैदी मौजूद थे. पिछले पांच सालों में यह संख्या लगातार बढ़ रही है.

जेलों की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई
कैदियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जेल प्रशासन ने सुरक्षा के उपाय भी बढ़ा दिए हैं. तिहाड़ में तीन Tower of Harmonious Call Blocking System (T-HCBS) और मंडोली जेल में एक सिस्टम लगाया गया है. तिहाड़ में 15 मोबाइल जैमर लगाए गए हैं.

दिल्ली की जेलों में कुल 7,549 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे औसतन हर 5 कैदियों पर 2 कैमरों की निगरानी रहती है. 15 डीप सर्च मेटल डिटेक्टर, 610 बॉडी-वॉर्न कैमरे और 23 एक्स-रे बैगेज स्कैनर लगाए गए हैं. जेलों में हिंसा रोकने के लिए सीआरपीएफ, आईटीबीपी और तमिलनाडु स्पेशल पुलिस की क्विक रिएक्शन टीमें तैनात की गई हैं.

नए जेलों के निर्माण की योजना
दिल्ली में नरेला और बापरौला में नए जेल परिसरों के निर्माण की योजना बनाई गई है. इस परियोजना के लिए 40 एकड़ जमीन डी.डी.ए. ने आवंटित कर दी है. पहले चरण में 256 कैदियों की क्षमता वाली उच्च सुरक्षा जेल बनाई जाएगी. इसका निर्माण अगले 6 महीने में शुरू होगा और 2 वर्षों में पूरा किया जाएगा. बापरौला जेल के लिए भूमि आवंटन अभी डी.डी.ए. में लंबित है.

बढ़ता बजट: खर्च में भारी बढ़ोतरी
कैदियों की संख्या के साथ-साथ जेल प्रशासन पर होने वाला खर्च भी बढ़ रहा है. साल 2019-20 में जेलों का बजट 490 करोड़ रुपये था. साल 2023-24 में यह बढ़कर 595 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.

Latest articles

मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ रहीं आत्महत्याएं, 15 हजार के आंकड़ों के साथ देश में तीसरे स्थान पर

भोपाल। मध्य प्रदेश में आत्महत्या के लगातार बढ़ते मामले सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य व्यवस्था...

सीजफायर तोड़ अमेरिका ने ईरान पर फिर बमबारी की, होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

ट्रम्प बोले- डील नहीं की तो और हमले करेंगे तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी सेना ने ईरान...

BHEL भोपाल में तकनीकी उन्नयन को बढ़ावा: नई मशीनों के उद्घाटन से उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी

भोपाल। Bharat Heavy Electricals Limited (बीएचईएल), भोपाल में तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक...

CM भगवंत मान ने जालंधर-अमृतसर धमाकों को साज़िश बताया, BJP पर आरोप लगाया

नई दिल्ली। पंजाब के कई इलाकों में जालंधर और अमृतसर में सीमा सुरक्षा बल...

More like this

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पीएम मोदी बोले- हम आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने के इरादे पर मजबूती से कायम

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र...

बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या, नॉर्थ 24 परगना के मध्यग्राम इलाके में 4 गोलियां मारी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए...