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‘क्या भगवान कृष्ण से पहले इस्लाम धर्म आ गया था?’ बेट द्वारका के 2 द्वीपों पर वक्फ के दावे पर बोले अनुराग ठाकुर

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नई दिल्ली,

वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश हो गया है. विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि ये विधेयक नहीं बल्कि उम्मीद है. इस उम्मीद में सशक्तिकरण, दक्षता और विकास है. इसे देखते हुए देश की जनता इसका समर्थन कर रही है. उन्होंने कहा कि कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया, चर्च ऑफ भारत, केरल काउंसिल ऑफ चर्चेज और केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल, ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीं काउंसिल और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच जैसे कई संगठनों ने इसका समर्थन किया है. मैं इसके लिए उनका धन्यवाद करता हूं. वक्फ में संशोधन करने का समय आ गया है, क्योंकि यह अत्याचार और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है. भारत को वक्फ के डर से मुक्ति चाहिए, क्योंकि कांग्रेस के शासन में बने वक्फ कानून का मतलब था ‘खाता न बही, जो वक्फ कहे वही सही’. यानी जहां कह दिया वक्फ की जमीन है, वो फिर वक्फ की जमीन हो गई. लेकिन जिसकी जमीन चली गई वो बेचारा दर-दर भटकता है और उसको इंसाफ भी नहीं मिलता है.

विधेयक पर चर्चा के दौरान अनुराग ठाकुर ने कहा कि केरल में कांग्रेस कहती है कि वह वायनाड के बेटे-बेटी हैं, लेकिन वहां वक्फ का कहर जारी है. पापी वोट बैंक का सवाल है, इसलिए कांग्रेस वहां कुछ बोलती नहीं है. खुद को वायनाड का रहनुमा कहने वालीं (प्रियंका) आज गायब हैं. उन्होंने कहा कि तिरुचिरापल्ली में एक गांव में 1500 साल पुराने मंदिर की जमीन पर भी कब्जा करने की बात कही. अनुराग ठाकुर ने कहा कि वक्फ बोर्ड ने बेट द्वारका के 2 द्वीपों पर भी दावा ठोक दिया है, क्या भगवान कृष्ण से पहले इस्लाम धर्म आ गया था? उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि वक्फ बोर्ड आनंद भवन और नेशनल हेराल्ड पर भी अपना दावा ठोकने वाला है.

‘कांग्रेस देश में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही’
अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस फिर से देश में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है. एक ओर वो हाथ में एक लाल सी किताब लेकर चलते हैं. जो कहने के लिए संविधान है, लेकिन संविधान नहीं है. अगर संविधान की कॉपी आप देखेंगे तो आपको एहसास होगा कि बाबासाहेब का सपना था कि एक देश में एक ही संविधान रहेगा. लेकिन कांग्रेस ने एक देश में दो विधान बनाने का काम किया है, आपको तय करना है संविधान के साथ रहना है कि वक्त के साथ? जो लोग बड़ी-बड़ी बातें यहां कर रहे थे, उनको यही कहना चाहता हूं कि ये हिंदुस्तान है पाकिस्तान या तालिबान नहीं. यहां बाबासाहेब का संविधान चलेगा. यहां मुगलिया फरमान नहीं चलने वाला.

‘वक्फ संशोधन बिल सिर्फ कानून में बदलाव नहीं, बल्कि एक संदेश’
बीजेपी सांसद ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल 2025 सिर्फ कानून में बदलाव नहीं, बल्कि एक संदेश है. साफ संदेश है कि देश में एक ही कानून चलेगा. वक्फ बोर्ड का उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के कल्याण के लिए संपत्तियों का प्रबंधन करना था, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इस भूमि को एक गैर-जिम्मेदाराना तरीके से राजनीतिक संरक्षण देते हुए एक ऐसा साम्राज्य बनाया, जहां उन्होंने इसे अपना वोट बैंक का एटीएम बनाकर रख दिया है. 70 सालों से इन्होंने यही किया है.

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