3.2 C
London
Saturday, March 21, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयराफेल, F-16, MiG-29 के बाद अब चीन का J-10 उड़ाएगा यह इकलौता...

राफेल, F-16, MiG-29 के बाद अब चीन का J-10 उड़ाएगा यह इकलौता देश, भारत का है करीबी दोस्त

Published on

काहिरा

मिस्र दुनिया का इकतौला ऐसा देश बनने वाला है, जो फ्रांसीसी राफेल के बाद अब चीनी J-10C लड़ाकू विमान को ऑपरेट करेगा। यह देश राफेल के अलावा अमेरिकी F-16 और रूसी MiG-29 लड़ाकू विमानों को भी ऑपरेट करता है। वर्तमान में मिस्र के अलावा दुनिया में किसी भी दूसरे देश के पास चार अलग-अलग देशों के लड़ाकू विमान नहीं हैं। हालांकि, चीनी J-10C लड़ाकू विमान की खरीद पर अंतिम मुहर लगना अभी बाकी है। मिस्र पहले से ही रिटायर हो चुके चीनी बमवर्षक विमानों का संचालन करता है।

J-10C खरीद सकता है मिस्र
ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि मिस्र अपने हवाई बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए चीनी J-10C विगोरस ड्रैगन लड़ाकू विमान हासिल करने पर विचार कर रहा है। हालांकि, यह देश दक्षिण कोरिया के FA-50 लड़ाकू विमान पर भी नजर बनाए हुए है। सितंबर 2024 में मिस्र के अंतर्राष्ट्रीय एयर शो में J-10C विगोरस ड्रैगन के प्रदर्शन ने इन अटकलों को बल दिया है कि यह देश चीनी लड़ाकू विमान को खरीदने की प्लानिंग कर रहा है।

J-10C में मिस्र के पायलट की तस्वीर से भी अटकलें
बाद में, फरवरी 2025 में मिस्र की मीडिया ने दावा किया था कि चीन के साथ J-10 लड़ाकू विमान के खरीदने पर समझौता हो गया है। हालांकि, बाद में चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वू कियान ने इन दावों को “फर्जी खबर” बताकर खारिज कर दिया। अप्रैल 2025 में ईगल्स ऑफ सिविलाइजेशन 2025 संयुक्त हवाई अभ्यास के दौरान J-10C में बैठे मिस्र के पायलट के एक वीडियो फुटेज ने एक बार फिर अटकलों को हवा दे दी कि यह देश संभावित तौर पर चीनी लड़ाकू विमान खरीद सकता है।

मिस्र की दक्षिण कोरिया के FA-50 पर भी नजर
पिछले महीने आई रिपोर्टों में दावा किया गया था कि मिस्र दक्षिण कोरिया के FA-50 लड़ाकू विमान पर भी नजर बनाए हुए है। इसके लिए मिस्र के अधिकारियों ने दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत भी की है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। FA-50 दक्षिण कोरिया का स्वदेशी लड़ाकू विमान है। दक्षिण कोरिया का दावा है कि यह विमान स्टील्थ तकनीक से लैस है और इसकी कीमत पांचवीं पीढ़ी के विमानों से काफी कम है। ऐसे में मिस्र जैसे देशों को इस विमान को खरीदने में बजट संबंधी कोई परेशानी नहीं आएगी।

तो दुनिया का इकलौता मुल्क बनेगा मिस्र!
हालांकि, अगर मिस्र वास्तव में कोरियाई FA-50 के बजाय J-10C के साथ आगे बढ़ता है, तो वह 4.5वीं पीढ़ी के चीनी लड़ाकू विमान को हासिल करने वाला दूसरा देश (पाकिस्तान के बाद) बन जाएगा। मिस्र की वायु सेना में वर्तमान में अमेरिकी, रूसी और फ्रांसीसी लड़ाकू विमान शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह फ्रांसीसी राफेल और चीनी J-10C लड़ाकू विमानों को संचालित करने वाला एकमात्र देश बन सकता है। इसे इतना महत्वपूर्ण इसलिए बनाया गया है क्योंकि इन दोनों युद्धक विमानों का इस्तेमाल हाल ही में भारत-पाकिस्तान संघर्ष में किया गया था। मिस्र के पास वर्तमान में 200 से अधिक F-16 हैं, जो इसे फाइटिंग फाल्कन्स का चौथा सबसे बड़ा ऑपरेटर बनाता है।

Latest articles

ट्रंप की दहाड़: ‘ईरान के साथ कोई सीजफायर नहीं!’ चीन और जापान को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात कि मच गई खलबली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान इस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा...

जयपुर मेट्रो विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक, प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ने के निर्देश

जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर मेट्रो के विस्तार को लेकर एक...

नवरात्र के पहले दिन रिकॉर्ड 622 रजिस्ट्रियां, सात करोड़ की आय

भोपाल भोपाल में चैत्र नवरात्र के पहले दिन संपत्ति रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड बना है। एक...

भोपाल में नहीं दिखा ईद का चांद, आज धूमधाम से मनाई जाएगी ईद

भोपाल भोपाल में गुरुवार को ईद का चांद नजर नहीं आया, जिसके चलते अब शुक्रवार...

More like this

ट्रंप की दहाड़: ‘ईरान के साथ कोई सीजफायर नहीं!’ चीन और जापान को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात कि मच गई खलबली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान इस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा...

ईरान के नए सुप्रीम लीडर बने मुजतबा खामेनेई

तेहरान। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को...