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सीरिया के बाद दुनिया में एक और जंग की आहट, ताइवान के पास चीनी सेना का हो रहा जमावड़ा, युद्ध की तैयारी में ड्रैगन?

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बीजिंग:

चीन ने ताइवान के पास बड़े पैमाने पर नेवी और एयरफोर्स की गतिविधियां बढ़ा दी हैं। ये गतिविधि चीन के पूर्वी तट और पश्चिमी प्रशांत महासागर में सैकड़ों किलोमीटर तक चल रही हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि ये सैन्य अभ्यास इस साल के पिछले दो अभ्यासों से अलग देखा जाना चाहिए क्योंकि ये सैन्य अभ्यास ताइवान को निशाना बनाकर किया जा रहा है। चीन बीते कुछ समय से लगातार ताइवान पर हमलावर दिखा है। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और बलपूर्वक कब्जे की बात कह चुका है।

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के सिविल एविएशन अथॉरिटी ने शंघाई और ग्वांगडोंग प्रांत के बीच अपने पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी तट पर 11 दिसंबर तक हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से प्रतिबंधित करने का नोटिस जारी किया है। ये दिखाता है कि इस हवाई क्षेत्र में सैन्य गतिविधि होने वाली है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसने चीनी सेना के उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी थिएटर कमांड के साथ-साथ तटरक्षक बल के नौसैनिक बेड़े को ताइवान और पश्चिमी प्रशांत महासागर में प्रवेश करते देखा है। क्षेत्र में करीब 100 चीनी जहाज सक्रिय हैं।

चीन का ये अभ्यास क्यों है अलग
एक वरिष्ठ ताइवानी अधिकारी ने मई और अक्टूबर में हुए चीन के युद्धाभ्यास ‘जॉइंट स्वॉर्ड 2024 A’ और ‘B’ का जिक्र करते हुए कहा, ‘मौजूदा तैयारियों का पैमाना और भौगोलिक बंटवारा इस ओर इशारा करते हैं कि ये पहले के अभ्यासों से काफी अलग होंगे। पहले अभ्यास ताइवान के चारों ओर केंद्रित थे और इनमें केवल चीनी सेना का ईस्टर्न थिएटर कमांड शामिल था। सोमवार को देखी गई तैयारियों में अन्य कमांड भी शामिल थे, जिससे संकेत मिलता है कि कुछ बड़ा होने वाला है।

चीन ने हाल के वर्षों में लगातार ताइवान के आसपास सैन्य अभ्यास किए हैं। ताइवानी और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि इन अभ्यासों का उद्देश्य ताइवान को डराना और चीनी सेना के उन कौशलों को निखारना है, जिनकी उसे देश को घेरने या उस पर हमला करने की आवश्यकता होगी। चीन का रुख लाई चिंग-ते के इस साल मई में ताइवान के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद काफी ज्यादा आक्रामक दिखा है।

क्या एक और युद्ध देखेगी दुनिया?
लाई शुक्रवार को राष्ट्रपति के रूप में अपनी पहली विदेश यात्रा से स्वदेश लौटे हैं। इस दौरान उन्होंने प्रशांत क्षेत्र में ताइवान के राजनयिक सहयोगियों का दौरा किया और हवाई और अमेरिकी क्षेत्र गुआम में रुके। चीन ने इस यात्रा की निंदा करते हुए अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी कदम उठाने की धमकी दी है, जिसे सैन्य अभ्यास के लिए एक कोड के रूप में समझा जाता है।

ताइवान की इन मिसाइलों से डरती है चीनी सेना
चीन के इस कदम से क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है। एक्सपर्ट का कहना है कि यूक्रेन, सीरिया, लेबनान, गाजा समेत दुनिया के कई हिस्सों में इस वक्त संघर्ष चल रहा है। इस सबके बीच चीन की ताइवान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई एक युद्ध की वजह बन सकता है, जिससे पूरे एशिया में तनाव बढ़ सकता है।

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