तेल अवीव
इजरायल और लेबनान के चरमपंथी समूह हिजबुल्लाह के बीच रविवार सुबह भीषण जंग शुरू हो गई। हिजबुल्लाह ने रविवार सुबह इजरायल के ऊपर सैकड़ों रॉकेट से हमला किया, जिसके बाद इजरायल ने अपने 100 फाइटर जेट को आसमान में उतार दिया। हिजबुल्लाह ने कहा है कि उसने बेरूत में जुलाई के आखिर में अपने कमांडर फौद शुकर की हत्या का बदला लेने के लिए इजरायल पर हमला किया है। यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली खुफिया एजेंसियों को पता चल गया था तेल अवीव और मध्य इजरायल क्षेत्रों में हिजबुल्लाह वर्तमान युद्ध का सबसे बड़ा हमला करने वाला था। इसके बाद आईडीएफ ने सुबह 5 बजे के करीब हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला किया, जहां चरमपंथी समूह ने हमले की तैयारी कर रखी थी।
हिजबुल्लाह ने दागे सैकड़ों रॉकेट
रविवार सुबह हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने उत्तरी इजरायल में करीब 320 रॉकेट दागे, जिसमें साफेद और एकर जैसे इलाके और 11 सैन्य अड्डे शामिल हैं। हिजबुल्लाह ने कहा कि उसने इजरायल के अंदर अपने वांछित लक्ष्यों की ओर ड्रोन का रास्ता आसान बनाने के लिए सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। चरमपंथी समूह ने दावा किया कि ड्रोन योजना के अनुसार गुजरे। वहीं, आईडीएफ ने ऐसा संकेत दिया है कि हिजबुल्लाह की सफलता और हमलों की मात्रा उसके दावे से कम थी। हालांकि, उसने इस बारे में विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया और कहा कि ऐसा करने से हिजबुल्लाह को जल्दी खुद को तैयार करने का मौका मिलेगा।
हिजबुल्लाह का हमला किया नाकाम
इजरायली सेना ने कहा कि उसने हिजबुल्लाह के कई हमलों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया है। हालांकि, उसने कोई संख्या नहीं बताई है। हिजबु्ल्लाह ने कहा है कि उसने समूह के शीर्ष कमांडर की हत्या का बदला लिया है। ईश्वर की कृपा से पहला चरण पूरी तरह से सफलतापूर्वक पूरा हुआ है। इस चरण में इजरायली बैरकों और साइटों को निशाना बनाना शामिल था, ताकि हमलावर ड्रोनों को इजरायल के भीतर उनके इच्छित गंत्वय की ओर जाने में सुविधा हो। अल्लाह के करम से ड्रोन योजना के अनुसार गुजरे।
इजरायल में नए दिशा निर्देश
चरमपंथी समूह ने कहा कि दुश्मन के ठिकानों पर दागे गए रॉकेटों की संख्या 320 से अधिक हो गई है। यह साफ नहीं है आईडीएफ ने अगर पहले बढ़कर कार्रवाई न की होती तो हिजबुल्लाह का हमला कितना बड़ा होता। इस बीच आईडीएफ ने होम फ्रंट पर अपने निर्देशों में बड़ा बदलाव किया है। ऊपरी गैलिली के दक्षिण से लेकर तेल अवीव तक सार्वजनिक समारोहों, कार्यस्थलों और शिक्षा गतिविधियों पर सीमाएं लगा दी गई हैं। तेल अवीव के दक्षिण में मध्य और यरुशलम क्षेत्र अभी तक प्रभावित नहीं हुई हैं, लेकिन स्थिति बिगड़ने की संभावना को देखते हुए बेन गुरियन हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
