6.6 C
London
Thursday, April 23, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयभारत-पाकिस्तान वार्ता पर अमेरिका ने तोड़ी चुप्पी, जानें क्या बोला 'इस्लामाबाद का...

भारत-पाकिस्तान वार्ता पर अमेरिका ने तोड़ी चुप्पी, जानें क्या बोला ‘इस्लामाबाद का मददगार’ बाइडेन प्रशासन

Published on

वॉशिंगटन:

अमेरिका ने भारत पाकिस्तान वार्ता पर लंबे समय बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। कुछ दिनों पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के साथ बातचीत का अनुरोध किया था, हालांकि सेना के दबाव के बाद वह अपने बयान से पलट गए थे। ऐसे में अमेरिका ने अब दोनों देशों की बातचीत को लेकर अपना पक्ष रखा है। अमेरिका ने कहा है कि भारत-पाकिस्तान के बीच किसी वार्ता की गति, दायरे और उसके स्वरूप पर निर्णय लेना दोनों देशों का मामला है। अमेरिका ने कहा कि वाशिंगटन ने हमेशा दोनों पड़ोसी देशों के बीच वार्ता का समर्थन किया है ताकि दक्षिण एशिया में शांति सुनिश्चित हो सके।

हम दक्षिण एशिया में स्थिरता देखना चाहते हैं
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने सोमवार को कहा कि हालांकि अमेरिका दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता देखना चाहता है, लेकिन पाकिस्तान और भारत के साथ उसके संबंध स्वतंत्र हैं। प्राइस पाकिस्तानी पत्रकारों के उन सवालों का जवाब दे रहे थे जिसमें उनसे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की उस हालिया टिप्पणी के बारे में पूछा गया था जिसमें भारत से शांति वार्ता का अनुरोध किया गया था।

अमेरिका बोला- हम भारत और पाकिस्तान दोनों के दोस्त
प्राइस ने कहा कि हमने लंबे समय से दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता की अपील की है। हम इसे और बढ़ाना चाहते हैं। जब हमारी भागीदारी की बात आती है, तो हमारी पाकिस्तान और भारत दोनों के साथ भागीदारी है, लेकिन ये संबंध हमारे खुद के बूते बने हैं। प्राइस ने कहा कि अमेरिका दोनों देशों के साथ अपने संबंधों को ‘जीरो-सम’ (एक तरह का संतुलन जिसके तहत माना जाता है कि एक व्यक्ति को होने वाला फायदा दूसरे व्यक्ति को होने वाले नुकसान के बराबर है) के रूप में नहीं देखता।

शहबाज शरीफ ने बातचीत पर दिया था बयान
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के साथ बातचीत का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों को बातचीत कर आपसी मुद्दों को हल करना चाहिए। हालांकि, पाकिस्तानी सेना के दबाव के बाद उन्होंने अपना बयान बदल दिया और कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की वापसी के बगैर पाकिस्तान बातचीत नहीं करेगा। वहीं, भारत शुरू से कहता आया है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं हो सकते हैं। ऐसे में बातचीत का माहौल बनाना पाकिस्तान की जिम्मेदारी है।

पाकिस्तान को जमकर मदद कर रहा अमेरिका
अमेरिका इस समय पाकिस्तान का सबसे बड़ा हितैषी बन बैठा है। इमरान खान की विदाई और शहबाज शरीफ की सत्ता में वापसी के बाद पाकिस्तान और अमेरिका के संबंध सुधरे हैं। अमेरिका ने पाकिस्तान को बाढ़ राहत के तौर पर अरबों डॉलर की खैरात दी है। इसके अलावा बाइडेन प्रशासन ने भारत की आपत्ति के बावजूद पाकिस्तानी एफ-16 लड़ाकू विमानों को अपग्रेडेशन को मंजूर किया है।

Latest articles

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सादगी और सेवा के साथ 62वां जन्मदिन मनाया

जशपुर/बगिया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को अपना 62वां जन्मदिन अपने गृह...

मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में मॉडल स्टेट बनेगा राजस्थान: हर जिले में खुलेंगे ‘मेंटल हेल्थ केयर सेल्स’

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेशवासियों के शारीरिक स्वास्थ्य के...

सीएम मान का कैंसर अस्पताल में औचक निरीक्षण, बोले- रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाओं से लैस होगा संस्थान

बठिंडा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में कैंसर के इलाज को विश्व-स्तरीय...

सीएम मान ने तलवंडी साबो में किया नई एसडीएम बिल्डिंग का उद्घाटन, अकाली दल पर साधा निशाना

तलवंडी साबो। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बठिंडा जिले के तलवंडी साबो में...

More like this

ट्रम्प बोले- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी, आज रात 2:30 बजे से लागू होगा

दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा...

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: लेबनान पर तकरार, तेहरान और अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़े!

नई दिल्ली। लगभग छह हफ़्तों तक चले विनाशकारी संघर्ष के बाद अब पूरी दुनिया...