वॉशिंगटन
अमेरिकी वायुसेना ने रविवार को हाइपरसोनिक एजीएम-183ए एयर-लॉन्च रैपिड रिस्पांस वेपन (ARRW) का अंतिम परीक्षण किया। अमेरिका के अत्यधिक रणनीतिक प्रशांत द्वीप क्षेत्र गुआम से एक बी-52 एच बमवर्षक ने मिसाइल दागी। एयरफोर्स ने यह नहीं बताया कि क्या उनका यह परीक्षण सफल रहा या नहीं। डिफेंस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक एयरफोर्स के एक प्रवक्ता ने कहा कि गुआम में एंडरसन एयर फोर्स बेस से उड़ान भरने के बाद बी-53 एच ने पूरी सरह से ऑपरेशनल ARRW प्रोटोटाइप का टेस्ट किया, जिसे ऑल-अप राउंड टेस्ट कहा जाता है।
यह टेस्ट मार्शल द्वीप समूह में सेना की फैसिलिटी रीगन टेस्ट साइट पर किया गया था। वायुसेना ने इस टेस्ट के उद्देश्यों की जानकारी नहीं दी। लेकिन कहा कि उसे लॉकहीड मार्टिन की बनी हाइपरसोनिक हथियार की क्षमताओं की महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। गुआम चीन के करीब का क्षेत्र है। यह पहली बार है जब ARRW या किसी भी हाइपरसोनिक मिसाइल का अमेरिका ने टेस्ट किया है। ऐसे टेस्ट पूरे प्रशांत और खासकर चीन के लिए बड़ा संदेश है।
अमेरिकी वायुसेना को मिलेंगे हथियार
इसी से जुड़े एक अन्य बयान में लॉकहीड मार्टिन ने कहा कि वह वायु सेना को ARRW तकनीक और अन्य हाइपरसोनिक क्षमता देने को तैयार है। लॉकहीड मार्टिन ने कहा कि हालिया एंड-टू-एंड उड़ान टेस्ट के बाद लॉकहीड मार्टिन ने एआरआरडब्ल्यू की क्रांतिकारी क्षमताओं में पूरे विश्वास के साथ टेस्ट पूरा कर लिया है और हम अमेरिकी वायुसेना को यह हाइपरसोनिक हथियार देने को तैयार हैं। अमेरिकी वायुसेना हवा से लॉन्च होने वाले हाइपरसोनिक हथियार के दो प्रमुख प्रोग्राम चला रही है, जिसमें से ARRW एक है।
एयरफोर्स पर दबाव
यह हथियार आवाज की रफ्तार से 5 गुना ज्यादा स्पीड से उड़ सकती है। चीन और रूस ने अपने हाइपरसोनिक हथियारों में भारी धन खर्च किया है। अमेरिकी कांग्रेस का लगातार पेंटागन पर दबाव है कि वह भी अपनी क्षमताओं को विकसित करने की दिशा में और अधिक प्रगति दिखाएं। अमेरिकी एयरफोर्स के सचिव फ्रैंक केंडल ने पिछले साल मार्च में टेस्ट फेल होने के बाद सांसदों को कहा था कि ARRW प्रोग्राम टेस्ट में संघर्ष करना पड़ रहा है।
उत्तर कोरिया भी बना रहा हथियार
अमेरिका हाइपरसोनिक हथियार टेक्नोलॉजी में रूस और चीन से पीछे है। इस बीच उत्तर कोरिया ने कहा है कि वह भी इस हथियार को बनाने में आगे बढ़ रहा है। उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने बुधवार को दावा किया कि किम जोंग-उन की सेना ने एक हाइपरसोनिक मिसाइल के विकास में प्रगति की है, जिसे गुआम पर हमला करने के लिए पर्याप्त रेंज के लिए डिजाइन किया गया है। द्वीप पर तीन अमेरिकी सैन्य अड्डे स्थित हैं। कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी के मुताबिक किम ने इस मिसाइल के सॉलिड फ्यूल इंजन के जमीनी परीक्षण का निरीक्षण किया।
