नई दिल्ली,
सीरिया में बशर अल-असद शासन को एक और बड़ा झटका लगा है. यहां विद्रोही समूहों ने अब हामा शहर पर कब्जा कर लिया है. सीरिया का यह एक सेंट्रल शहर है, जो अलेप्पो के बाद अहम माना जाता है. सीरियाई सेना ने ऐलान किया कि वे शहर को खाली कर चुके हैं, ताकि आम लोगों की जान बचाई जा सके. असद की आर्मी को रूस का समर्थन है, और वे लगातार विद्रोहियों पर हमले कर रहे हैं.
विद्रोही समूहों के कमांडर हसन अब्दुल गनी ने सोशल मीडिया पर बताया कि उनके योद्धा हामा में प्रवेश करने लगे हैं. मंगलवार से ही शहर को घेरते हुए विद्रोही ने रातभर भीषण लड़ाई की, जिसमें रूसी वायुसेना ने सीरियाई सेना को समर्थन दिया, और विद्रोहियों पर हमले किए.
हामा चौथा शहर, जहां अब विद्रोही का कब्जा
सिर्फ एक सप्ताह में विद्रोहियों ने सीरिया के दूसरे सबसे बड़े शहर अलेप्पो पर नियंत्रण स्थापित कर लिया, और अब चौथे सबसे बड़े शहर पर भी कब्जा कर लिया है.” विरोधी समूहों ने उत्तर-पश्चिम सीरिया में अपनी एनक्लेव से दक्षिण की ओर बढ़ते हुए, पिछले सप्ताह अलेप्पो पर कब्जा किया और मंगलवार को हामा के उत्तर में प्रमुख पहाड़ियों तक पहुंच गए थे. उसके बाद उन्होंने शहर के पूर्व और पश्चिम के किनारों की ओर बढ़ना शुरू किया था.
विद्रोही और सेना के बीच हिंसक झड़पें
सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक, बुधवार को देर रात विद्रोही समूह ने हामा शहर को तीन तरफ से घेर लिया था. संस्थान के मुताबिक, “रात के दौरान विद्रोहियों और असद शासन की सेनाओं के बीच हिंसक झड़पें हुईं.”
अब विद्रोही के टार्गेट पर आ सकता है Homs शहर
इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो हामा अलेप्पो से राजधानी डमास्कस की तरफ एक तिहाई दूरी पर है और इस शहर पर कब्जा इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि विद्रोही अब Homs शहर की तरफ बढ़ सकते हैं – एक अहम सेंट्रल शहर, जो कि सीरिया के सबसे बड़ी आबादी वाले क्षेत्रों को जोड़ता है.
Homs शहर पर कब्जा विद्रोही समूह के लिए एक बड़ी जीत साबित हो सकती है, जो कि अल्पसंख्यक धार्मिक समुदायों वाले दो प्रमुख शहरों मुहरदा (जहां ईसाई समुदाय की बड़ी आबादी रहती है) और सलामिया (जहां इस्माइली मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं) पर कब्जा करने के लिए अहम साबित हो सकता है. इसके बाद वे तटीय इलाके की तरफ बढ़ सकते हैं, जो कि असद शासन के लिए समर्थन का प्रमुख आधार है.
