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बेलारूस के नोबेल शांति पुरस्कार विजेता एलेस बालियात्स्की को 10 साल की कैद, जानें क्या है मामला

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नई दिल्ली

बेलारूस के नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता एलेस बालियात्स्की को स्थानीय अदालत ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को फाइनेंस करने का दोषी ठहराया है। एलेस को मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के लिए उनके कार्यों की वजह से अक्टूबर 2022 में शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनके समर्थकों का कहना है कि बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको की सरकार उन्हें जबरदस्ती चुप कराना चाहती है।

बेलारूस की अदालत ने सुनाई 10 साल की सजा
60 वर्षीय एलेस बालियात्स्की को यह सजा लोक व्यवस्था बिगाड़ने वाली गतिविधियां करने, उन्हें फंड करने और तस्करी के मामले में दी गई है। नोबेल विजेता के अलावा तीन और लोगों को भी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की फंडिंग करने के आरोप में सजा मिली है। सरकार ने चारों को 2020 में हुए प्रदर्शनों के बाद गिरफ्तार कर लिया था। वो सभी बेलारूस में अलेक्जेंडर लुकाशेंको के राष्ट्रपति बनने का विरोध कर रहे थे।

राइट्स ग्रुप का कहना है कि बालियात्स्की के खिलाफ दायर केस राजनीति से प्रेरित था। वहीं, निर्वासित बेलारूसी विपक्षी नेता स्वेतलाना सिखानसकाया ने एलेस का समर्थन करते हुए कहा कि सभी को गलत तरीके से दोषी ठहराया गया, यह फैसला भयावह है। अभियोजकों ने मिन्स्क अदालत से बालियात्स्की को 12 साल की सजा देने की मांग की थी लेकिन कोर्ट ने आरोप को देखते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन पर लगभग 65,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया गया।

अक्टूबर 2022 में मिला था नोबेल शांति पुरस्कार
अपंजीकृत वेस्ना मानवाधिकार केंद्र के प्रमुख एलेस बालियात्स्की और उनके सहयोगियों पर विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों को फाइनेंस करने और धन तस्करी का आरोप लगाया गया है। Bialiatski को अगस्त 2011 में हिरासत में लिया गया था और टैक्स चोरी के लिए नवंबर 2011 में 4.5 साल की सजा सुनाई गई थी। TASS की रिपोर्ट के अनुसार, जून 2014 में एलेस को उनकी सजा खत्म होने से पहले रिहा कर दिया गया था। अक्टूबर 2022 में नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने एलेस बालियात्स्की को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया।

वेस्ना के प्रतिनिधि वैलेन्टिन स्टीफानोविच और व्लादिमीर लबकोविच जिन्हें बालियात्स्की के साथ इस मामले में दंडित किया गया, उन्हें क्रमशः 9 और 7 साल की सजा सुनाई गई। वहीं, TASS की रिपोर्ट के अनुसार दिमित्री सोलोवोव को आठ साल की जेल की सजा सुनाई गई। अदालत ने प्रत्येक प्रतिवादी पर लगभग 40,000 अमरीकी डालर का जुर्माना लगाया।

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