बीजिंग
गाजा पट्टी में चल रहे युद्ध में चीन ने हमास को अपना समर्थन दिया है। चीन ने कहा कि उनकी जमीन पर अवैध कब्जा होगा तो फिलीस्तीन के लोगों का हथियार उठाना जायज माना जाएगा। चीन की ओर से कहा गया है कि फिलिस्तीनियों को इजरायल के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष का नेतृत्व करने का अधिकार है क्योंकि इजराइल गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ लगातार युद्ध जारी रखे हुए है। चीनी विदेश मंत्रालय के कानूनी सलाहकार मा शिनमिन ने फिलिस्तीनी के उस तर्क की चौथी सार्वजनिक सुनवाई में यह टिप्पणी की, जिसमें कहा गया है कि इजरायल वेस्ट बैंक और पूर्वी येरुशलम में अपने अवैध कब्जे को स्थायी बना रहा है।
शिनमिन ने कहा कि फिलिस्तीनी लोगों को आत्मनिर्णय के अधिकार की खोज के आधार पर विदेशी उत्पीड़न का विरोध करने और अपने आजाद देश की स्थापना को पूरा करने के लिए बल का उपयोग करने का अधिकार है। शिनमिन ने तर्क दिया कि फिलिस्तीनियों की ओर से हिंसात्मक कदम आतंकवाद नहीं बल्कि वैध सशस्त्र संघर्ष हैं। उन्होंने सशस्त्र प्रतिरोध का उपयोग करके वही किया है, जो औपनिवेशिक शासन से मुक्ति के लिए दुनिया के कई हिस्सों में हुआ है।
गाजा में 29 हजार से ज्यादा मौतें
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से क्षेत्र में 29 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। हमास के शासन वाले गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि युद्ध शुरू होने से अब तक मरने वालों की कुल संख्या 29,092 हो गई है। मंत्रालय ने कहा कि 69 हजार से अधिक लोग घायल हुए हैं। इजरायल पर 7 अक्टूबर को हमास लड़ाकों ने हमला किया था। इस हमले में 1,200 के आसपास लोग मारे गए थे। करीब 250 लोगों को हमास ने बंधक बना लिया था। इसके तुरंत बाद इजरायल ने गाजा में हमास के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया था। इसके बाद से एक नवंबर में हुए एक सप्ताह के संघर्ष विराम को छोड़ दिया जाए तो लगातार इस क्षेत्र में युद्ध जारी है। इस युद्ध में गाजा पट्टी बुरी तरह से तबाह हो चुका है और भारी मानवीय संकट इस क्षेत्र में खड़ा हो गया है।
