6.6 C
London
Thursday, April 23, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयभूटान को धोखा दे रहा चीन, समझौते की आड़ में तेजी से...

भूटान को धोखा दे रहा चीन, समझौते की आड़ में तेजी से कब्जा रहा जमीन, भारत के लिए खतरा बढ़ा

Published on

थिम्फू

चीन ने भूटान सीमा पर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को काफी तेज कर दिया है। इनमें से अधिकतर निर्माण भूटान के दावे वाले इलाके में किया जा रहा है। चीन और भूटान में कुछ महीनों पहले ही सीमा विवाद को सुलझाने पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद बातचीत की आड़ में जिनपिंग प्रशासन इस छोटे से पहाड़ी देश को दोखा दे रहा है। चीन के इस निर्माण से भारत के लिए भी खतरे की घंटी तेज हो गई है। भूटान की सीमा पर चीन के निर्माण से पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो रहा है। यही कारण है कि भारत ने भी पूर्वोत्तर में अपनी रक्षा तैयारियों को तेज कर दिया है। भारतीय वायु सेना पूर्वोत्तर में कमांड लेवल की मिलिट्री एक्सरसाइज करने जा रही है।

गांव बसाकर जमीन कब्जा रहा चीन
काठमांडू स्थित ऑनलाइन पत्रिका एपर्डाफास ने बताया है कि भूटान के साथ सीमा विवादों को सुलझाने के अपने वादों के बावजूद चीन विवादित क्षेत्रों में गांवों और बस्तियां बसाकर घुसपैठ कर रहा है। हाल की रिपोर्टों के मुताबिक, चीन ने इस क्षेत्र में लगभग 200 से ज्यादा स्ट्रक्चर का निर्माण कर लिया है और इससे भी ज्यादा पर निर्माण कार्य चल रहा है। अक्टूबर 2021 में चीन ने भूटान के साथ सीमा विवाद को लेकर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था। इसमें चीन ने कहा था कि वह तीन चरणों वाले रोडमैप के जरिए भूटान के साथ सीमा वार्ता में तेजी लाएगा और विवाद सुलझाने के लिए काम करेगा।

समझौते के बावजूद भूटान को दे रहा धोखा
एपर्डाफास के अनुसार, 3-स्टेप रोड मैप के जरिए चीन ने भूटान के साथ बातचीत की गति को तेज किया और भूटान के साथ कई दौर की बैठक भी की। इस समझौते पर हाल में ही दोनों पक्षों ने सकारात्मक आम सहमति के जरिए आगे बढ़ने के वादे को दोहराया है। इसके बावजूद चीन तेजी से भूटानी सीमा में घुसपैठ कर रहा है। कई सैटेलाइट तस्वीरों में भूटानी सीमा के नजदीक चीनी गांव साफ नजर आ रहे हैं। चीन इन गांवों में लोगों को बसाने के लिए प्रोत्साहित भी कर रहा है। इन लोगों को पैसों सहित कई तरह की सरकारी सुविधाएं ऑफर की जा रही हैं।

भूटान की जमीन को अपना बताता है चीन
चीन ने दशकों से भूटान की भूमि पर दावा करता रहा है। भूटान के उत्तरी हिस्से में, पसमलुंग और जकारलुंग घाटियां ऐसे क्षेत्र हैं जिन पर चीन ने अपना दावा किया है। भूटान के लिए ये क्षेत्र महान सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। डोकलाम, याक चू, सिन्चुलुंग्पा और लैंगमारपो घाटियों सहित पश्चिमी मोर्चे के क्षेत्रों को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद है। ऐसे में वह अपने से कमजोर भूटान को दबाकर उसकी जमीन को हड़पने की कोशिश कर रहा है।

Latest articles

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सादगी और सेवा के साथ 62वां जन्मदिन मनाया

जशपुर/बगिया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को अपना 62वां जन्मदिन अपने गृह...

मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में मॉडल स्टेट बनेगा राजस्थान: हर जिले में खुलेंगे ‘मेंटल हेल्थ केयर सेल्स’

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेशवासियों के शारीरिक स्वास्थ्य के...

सीएम मान का कैंसर अस्पताल में औचक निरीक्षण, बोले- रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाओं से लैस होगा संस्थान

बठिंडा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में कैंसर के इलाज को विश्व-स्तरीय...

सीएम मान ने तलवंडी साबो में किया नई एसडीएम बिल्डिंग का उद्घाटन, अकाली दल पर साधा निशाना

तलवंडी साबो। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बठिंडा जिले के तलवंडी साबो में...

More like this

ट्रम्प बोले- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी, आज रात 2:30 बजे से लागू होगा

दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा...

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: लेबनान पर तकरार, तेहरान और अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़े!

नई दिल्ली। लगभग छह हफ़्तों तक चले विनाशकारी संघर्ष के बाद अब पूरी दुनिया...