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चीन का जुगाड़… मोहरा वियतनाम और कंबोडिया, अमेरिका को शक, क्‍या भारत के लिए बनेगा रास्‍ता?

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नई दिल्‍ली:

अमेरिका में आयात पर लगने वाली पाबंदियां चीन, वियतनाम और कंबोडिया के लिए भारत की तुलना में अधिक होंगी। 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने ये आसार जताए हैं। ये पाबंदियां टैरिफ के रूप में होंगी या फिर नियमों के रूप में। पनगढ़िया मानते हैं कि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर अभी बनी रहने वाली है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ एक सफल व्यापार समझौता होने से यूरोपीय संघ (EU) और ब्रिटेन के साथ भी समझौते करने का रास्ता खुल सकता है।

पनगढ़िया के अनुसार, अमेरिका चीन से नाता तोड़ना चाहता है। कारण है कि चीन ने अनुचित तरीके से काम किया है। अमेरिकी प्रशासन में यह धारणा है कि चीनी सामान वियतनाम, कंबोडिया और अन्य पड़ोसी देशों के जरिये अमेरिका में प्रवेश कर रहे हैं।

वियतनाम और कंबोडिया पर भी ग‍िरेगी गाज
पनगढ़िया ने कहा, ‘मेरा अनुमान है कि स्थिति सामान्य होने के बाद अमेरिका में चीन से ही नहीं, बल्कि वियतनाम और कंबोडिया से आने वाले सामानों पर भी पाबंदियां रहेंगी। ये पाबंदियां टैरिफ या नियमों के रूप में हो सकती हैं। लेकिन, भारत से आने वाले सामानों की तुलना में अधिक होंगी।’ उनके अनुसार, अमेरिका के साथ व्यापार समझौता होने से ईयू और ब्रिटेन के साथ भी समझौते करने का रास्ता खुलेगा। इससे भारत वैश्विक व्यापार में ‘बेहद अनुकूल’ स्थिति में होगा।

आइजैक सेंटर फॉर पॉलिसी की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में पनगढ़िया ने बताया कि भारत ने तीन बड़े झटकों – वैश्विक वित्तीय संकट, कोविड महामारी और एनबीएफसी संकट के बावजूद लगातार विकास किया है।

उन्होंने कहा, ‘2003-04 और 2019-20 के बीच कोविड वर्षों को छोड़कर, जो 17 साल की अवधि है, हमने वास्तविक डॉलर में 9 फीसदी की औसत विकास दर का अनुभव किया। कोविड वर्षों को मिलाकर और 2023-24 तक बढ़ाने पर 21 वर्षों में हमने 7.8 फीसदी की दर से विकास किया।’ पनगढ़‍िया ने भरोसा जताया कि भारत वर्तमान ऊंचे स्तर पर विकास की स्थिर दर बनाए रख सकता है।

‘विकसित भारत’ का लक्ष्य कर लेंगे हास‍िल
‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पनगढ़िया ने कहा कि हमारी कुल सकल राष्ट्रीय आय (जीएनआई) को हर साल 7.8 फीसदी की दर से बढ़ना होगा। विश्व बैंक के अनुसार, एक विकसित देश बनने के लिए प्रति व्यक्ति आय कम से कम 14,000 डॉलर (नाममात्र रूप से) होनी चाहिए। वित्तीय वर्ष 2024 में भारत की प्रति व्यक्ति आय 2,570 डॉलर थी। इसकी गणना किसी भी वर्ष में जीएनआई को जनसंख्या से विभाजित करके की जाती है। विकसित बनने के लिए प्रति व्यक्ति आय 14,000 डॉलर होनी चाहिए।

कुल मिलाकर अमेरिका चीन के साथ व्यापार में सख्ती बरत रहा है। यह सख्ती वियतनाम और कंबोडिया पर भी लागू हो सकती है। इसका मतलब है कि चीन के लिए इन देशों से अमेरिका में सामान भेजना मुश्किल हो सकता है। वहीं, भारत के लिए स्थिति बेहतर हो सकती है। कारण है कि अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौता करने को तैयार है। इससे भारत को ईयू और ब्रिटेन के साथ भी व्यापार करने में आसानी होगी।

पनगढ़िया ने यह भी कहा कि भारत ने पिछले कुछ सालों में कई मुश्किलों का सामना किया है। लेकिन, फिर भी विकास किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत भविष्य में भी विकास करता रहेगा। वह ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल कर लेगा।

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