मॉस्को
पुतिन के कट्टर विरोधी विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की मौत हो गई है। उनकी वृद्ध मां का कहना है कि ‘अचानक मृत्यु सिंड्रोम’ के कारण मौत हुई है। लेकिन नवलनी के शव को अभी भी परिजनों को नहीं सौंपा गया है। नवलनी की उम्र 47 वर्ष है जो पूर्व में एक वकील भी रह चुके हैं। मॉस्को से 1900 किमी उत्तर-पूर्व में खारप में टहलने के बाद बेहोश हो गए और उनकी मौत हो गई। यहां वह एक जेल में लंबी सजा काट रहे थे। कुछ लोग नवलनी की मौत को एक साजिश मान रहे हैं। नवेलनी की मां और उनके एक वकील शव को वापस पाने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।
नवेलनी की प्रेस सचिव किरा यर्मिश ने कहा, ‘यह साफ है कि वह झूठ बोल रहे हैं। शव ने सौंपा जाए इसकी हर संभव कोशिश की जा रही है।’ जांचकर्ताओं ने उन्हें बताया है कि मौत के कारण का सभी पता लगाने के लिए अभी और भी टेस्ट किए जाने बाकी हैं। ऐसे में शायद शव अगले सप्ताह दिया जाए। नवेलनी के सहयोगी जॉर्जी अल्बुरोव ने कहा, ‘पुतिन ने एलेक्सी नवेलनी को मार डाला। उन्होंने यह कैसे किया यह भी सामने आ जाएगा। लेकिन आने वाले समय में हम झूठ और समय बर्बाद करने का अंतहीन मैराथन देखेंगे। एलेक्सी के साथ क्या हुआ, इसे छिपाने के लिए पुतिन सबकुछ करेंगे।’
पुतिन ने कभी नहीं लिया नाम
विदेशी मीडिया इसे नवेलनी के परिवार को परेशान करने के तौर पर देख रहा है। द गार्जियन ने अपने लेख में लिखा कि देश के हजारों कर्मचारी, क्रेमलिन के अधिकारी से लेकर जांचकर्ता, अभियोजक, न्यायाधीश, दंगा पुलिस, जेल प्रहरी, टेलीविजन एंकर और कई अन्य लोग मिलकर एक ऐसा सिस्टम बनाते हैं, जिसने रूस के लोकतंत्र समर्थ आंदोलन को कुचल दिया। नवेलनी को कभी भी पुतिन ने नाम से नहीं बुलाया न ही रूस के टेलीविजन पर उनका जिक्र मिलता है। यह नवलनी के नाम को खत्म करने की कोशिश जैसा है। नवलनी का शव लेने के लिए जब परिजन जेल गए तो उन्हें कहा गया कि वह मुर्दाघर में है। जब मुर्दाघर गए तो वह बंद था और कहा गया कि यहां उनकी डेड बॉडी नहीं है।
रूसी दूतावास के सामने प्रदर्शन
नवलनी की मौत के बाद प्रदर्शन देखा जा रहा है। दुनिया भर के देशों में रूसी दूतावासों के सामने प्रदर्शन हो रहे हैं। नवलनी ने एक खुशहाल रूस की कल्पना की थी। उन्होंने 2021 में अदालत की अंतिम पेशी में कहा था, ‘हमारे पास सबकुछ है, लेकिन हम एक दुखी देश हैं। रूस को न केवल आजाद होना चाहिए बल्कि खुश भी होना चाहिए।’ एक प्रदर्शनकारी ने सेंट पीटर्सबर्ग के कजान कैथेड्रल के सामने तख्ती पर लिखा, ‘नवलनी को मार दिया गया, क्योंकि हमें परवाह नहीं थी।’ प्रदर्शनकारियों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
