नई दिल्ली,
रूस की राजधानी मॉस्को में हुए भयानक आतंकी हमले को लेकर पूर्व रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि मॉस्को कॉन्सर्ट स्थल पर हुए आतंकवादी हमले के अपराधियों पर बिना किसी दया भाव के कार्रवाई की जानी चाहिए.
रूसी समाचार एजेंसी RT के मुताबिक, दिमित्री मेदवेदेव ने कहा, “आतंकवादी जवाब में केवल आतंक की भाषा समझते हैं. अगर ताकत का मुकाबला ताकत से नहीं किया जाता है, आंतकवादियों को मौत के घाट नहीं उतारा जाता है और आंतकवादियों के परिवारों पर कार्रवाई नहीं की जाती है तो जांच या ट्रायल का कोई फायदा नहीं है. आतंक से निपटने का यही दुनिया का तरीका है.”
मॉस्को के मशहूर कॉन्सर्ट हॉल क्रोकस सिटी में हुए इस आतंकी हमले में अब तक 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. इस हमले की कथित जिम्मेदारी कथित रूप से इस्लामिक स्टेट यानी ISIS ने ली है. रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को मॉस्को शहर के पास एक कॉन्सर्ट हॉल में ISIS के पांच बंदूकधारियों ने गोलीबारी की. जिसमें 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. वहीं, लगभग 150 लोग बुरी तरह घायल हो गए हैं.
पूर्व रूसी राष्ट्रपति ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
रूस के पूर्व राष्ट्रपति और वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा परिशद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने शुक्रवार शाम को एक टेलीग्राम पोस्ट में आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने यह भी कहा है कि आंतकवादी केवल आतंक की भाषा ही समझते हैं. अगर ये आतंकवादी यूक्रेन के होते हैं तो हम उनसे और उनके आइडियोलॉजी से अलग तरीके से नहीं निपट सकते हैं. जिन्होंने ये क्रूरता की है उन हमलावरों को आतंकवादियों के रूप में ढूंढा जाना चाहिए और बेरहमी से उन्हें मौत के घाट उतार देना चाहिए.
पूर्व रूसी राष्ट्रपति का यह बयान वर्तमान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस बयान से मेल खाता है जो उन्होंने 1999 में कही थी. पुतिन उस वक्त रूस के प्रधानमंत्री थे और उत्तरी काकेशस में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई शुरू करने वाले थे. पुतिन ने उस वक्त कहा था, “हम हर जगह आतंकवादियों को ढूंढ रहे हैं. अगर आतंकवादी हमें शौचालय में मिलते हैं तो हम उन्हें आउटहाउस में मौत के घाट उतार देंगे. शौचालय को कवर करने वाली जगह को आउटहाउस कहा जाता है.
साल 2011 में अपने इस बयान पर टिप्पणी करते हुए पुतिन न कहा था कि उनके द्वारा इस्तेमाल शब्द किसी को बुरा लग सकता है, लेकिन इसके पीछे की भावना ईमानदार और सही थी.
इस्लामिक स्टेट ने हमले की जिम्मेदारी ली
इस हमले की जिम्मेदारी कथित रूप से इस्लामिक स्टेट ने ली है. इस्लामिक स्टेट ने अपने कथित टेलीग्राम चैनल के जरिए दावा किया कि हमले को अंजाम देकर उसके आतंकी ठिकाने पर वापस लौट गए हैं.हालांकि, कुछ स्थानीय मीडिया का कहना है कि जिन लोगों के साथ आतंकी संगठन ने दावा जारी किया है, वो फर्जी भी हो सकता है. इस दावे की फिलहाल किसी स्थानीय एजेंसी द्वारा पुष्टि नहीं हो सकी है. बताया जाता है कि कन्सर्ट हॉल मॉस्को में काफी मशहूर है और बीते दिन यहां कमोबेश 6200 लोग मौजूद थे.
