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नेपाल के ‘एक चीन नीति’ के समर्थन से खुश हुआ ड्रैगन, भारत के जवाब में बनाएगा ट्रांस हिमालयन नेटवर्क

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काठमांडू

भारत के नेपाल तक रेल चलाने के बाद अब चीन भी ऐक्‍शन में आ गया है। चीन ने नेपाल के लिए अपना खजाना खोल दिया है और ट्रांस हिमालयन नेटवर्क बनाने का ऐलान किया है। चीन ने घोषणा की है कि वह नेपाल में चलाए जा रहे व‍िभिन्‍न प्रॉजेक्‍ट के लिए 15 अरब नेपाली रुपये की मदद देगा। चीन की यात्रा पर गए नेपाल के व‍िदेश मंत्री नारायण खड़का के साथ मुलाकात में चीन के व‍िदेश मंत्री वांग यी ने इसका ऐलान किया। यही नहीं बताया जा रहा है कि नेपाल ने ताइवान संकट के बीच एक चीन नीति का समर्थन करके ड्रैगन को खुश कर दिया है और इसलिए भी चीन ने पैसा देने का ऐलान किया है।

चीन ने कहा है कि वह नेपाल तक रेलवे लाइन बनाने की संभावना को तलाशने के लिए अध्‍ययन कराएगा और अपने व‍िशेषज्ञों के दल को सर्वे के लिए नेपाल भेजेगा। इस पूरे ट्रांस हिमालयन नेटवर्क प्रॉजेक्‍ट को बेल्‍ट एंड रोड परियोजना के तहत अंजाम दिया जाएगा। इसके तहत रेलवे और कम्‍यूनिकेशन नेटवर्क को बनाया जाएगा। नेपाली व‍िदेश मंत्री खड़का आधिकारिक यात्रा पर चीन गए हैं। नेपाली व‍िदेश मंत्री ने ऐलान किया कि उनका देश एक चीन नीति का मानता है।

नेपाल-चीन के बीच बीआरआई को लेकर कोई काम नहीं हुआ
नेपाली व‍िदेश मंत्री ने यह भी आश्‍वासन दिया है कि उनकी जमीन का इस्‍तेमाल चीन व‍िरोधी गतिव‍िधियों के लिए नहीं करने दिया जाएगा। नेपाल में पिछले साल शेर बहादुर देउबा की सरकार बनने के बाद खड़का चीन जाने वाले पहले बड़े नेता हैं। नेपाली मीडिया के मुताबिक चीन की ओर से जो सहायता दी जा रही है, वह चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से घोषित की गई सहायता के अतिरिक्‍त है। दुनियाभर में बीआरआई को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच नेपाल ने अभी तक इस योजना के तहत चुने जाने वाले प्रॉजेक्‍ट को अभी तक चुना नहीं है।

खड़का की यह नेपाल यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब चीन की ओर से दो शीर्ष नेता व‍िदेश मंत्री वांग यी और चीन की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के अंतरराष्‍ट्रीय डिपार्टमेंट के मुखिया लियू जिआनचाओ काठमांडू की यात्रा पर पिछले दिनों आए थे। नेपाल और चीन के बीच साल 2017 में बेल्‍ट एंड रोड प्रॉजेक्‍ट पर हस्‍ताक्षर किया गया था लेकिन इतने साल बीत जाने के बाद भी अभी तक एक भी परियोजना शुरू हो नहीं सकी है। चीन के व‍िदेश मंत्रालय के मुताबिक नेपाल ने तिब्‍बत, शिंज‍ियांग और हान्‍ग कान्‍ग के मुद्दे पर भी बीजिंग के रुख का समर्थन किया है। चीन ने यह नेटवर्क बनाने का ऐलान ऐसे समय पर किया है जब पीएम मोदी और नेपाली पीएम देउबा ने पिछले दिनों भारत के जयनगर से नेपाल के कुर्था के बीच 35 किमी लंबी रेलवे लाइन का उद्घाटन किया था।

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