नई दिल्ली,
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सिंध प्रांत में स्थानीय चुनावों में पारदर्शिता नहीं बरतने को लेकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि इस तरह चुनावों में धांधली से देश में अराजकता फैलेगी और ध्रुवीकरण की खाई बढ़ेगी.सिंध के 16 जिलों में रविवार को दूसरे चरण का स्थानीय निकाय चुनाव हुआ था. चुनाव में पीपीपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. पार्टी ने कराची में सबसे अधिक सीटें जीती थीं.
इमरान खान ने बुधवार को सिलसिलेवार कई ट्वीट कर कहा कि चुनावों के संदर्भ में हालिया रिपोर्टों से स्पष्ट हुआ है कि पीपीपी ने निष्पक्ष चुनाव के लिए कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई.उन्होंने कहा कि पारदर्शी चुनाव कराए जाने के बजाए पीपीपी ने बल का प्रयोग किया. ब्लैकमेलिंग का हथकंडा अपनाया और धन का इस्तेमाल कर वोट हासिल किए.
उन्होंने चुनावी नतीजों में देरी पर भी सवाल उठाए और इस कुप्रबंधन के लिए पाकिस्तान चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया..इमरान खान ने ट्वीट कर कहा कि ईवीएम मशीनों के इस्तेमाल से चुनाव में पारदर्शिता आती है और इससे चुनावों में धांधली नहीं होती. मौजूदा समय में स्थानीय निकाय के चुनाव कुछ घंटों के भीतर आने चाहिए लेकिन इसमें कई दिनों की देरी हुई, जिससे चुनाव में धांधली का पता चलता है.
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष खान ने कहा कि अगर चुनाव आयोग और सरकार इसी तरह के चुनाव चाहती है तो इससे देश में स्थिरता नहीं आ पाएगी. इसे देश में अधिक अराजकता फैलेगी और समाज में ध्रुवीकरण बढ़ेगा.
चुनाव आयोग ने दी सफाई
पाकिस्तान चुनाव आयोग की प्रवक्ता कुरातल ऐन फातिमा ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि चुनावी नतीजों में धांधली के आरोप आधारहीन हैं, जिन्हें नजरअंदाज किया जाना चाहिए.रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग यह स्पष्ट करना चाहता है कि चुनावी नतीजों के ऐलान में देरी नहीं हुई. 2015 के स्थानीय निकाय चुनावों में नतीजों को कंपाइल करने में तीन दिन का समय लगा था. उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव की आम चुनावों से तुलना करना सही नहीं होगा.
बता दें कि पाकिस्तान के सिंध में हुए स्थानीय चुनावों में पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. इसके साथ ही इमरान खान की पीटीआई पार्टी को बड़ा झटका लगा है. वह तीसरे नंबर पर रही है.
