पेरिस:
फ्रांस ने हवा से जमीन पर मार करने वाली न्यूक्लियर हथियार ले जाने में सक्षम क्रूज मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। फ्रांस के आयुध निदेशालय ने बताया कि अपग्रेडेड ASMPA_R सुपरसोनिक परमाणु मिसाइल को फ्रांस के राफेल लड़ाकू विमान से एक उड़ान के दौरान लॉन्च किया गया। फ्रांस के रक्षा बलों के मंत्री सेबेस्टिय लेकॉर्नू ने सफल परीक्षण पर सभी बलों को बधाई देते हुए कहा, ‘लंबे समय से नियोजित यह ऑपरेशन हमारे परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के लिए सैन्य प्रोग्रामिक कानून में प्रदान की गई महत्वाकांक्षा को साकार करता है।’ इस परीक्षण को ऑपरेशन डूरंडल नाम दिया गया है।
एएसएमपीए मिसाइल की खासियत
यह सफल परीक्षण फ्रांस की रणनीतिक हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल की क्षमताओं को बढ़ाने, उन्नत एएसएमपीए-आर सिस्टम की विश्वसनीयता साबित करने में मील का पत्थर है। एयर-सोल मीडियर रेंज (एएसएमपी) मिसाइल मध्यम दूरी की हवा से सतह में मार करने वाली मिसाइल है, जिसके यूरोप की बहुराष्ट्रीय कंपनी एमबीडीए फ्रांस ने विकसित किया है। इस मिसाइल को पहली बार 1986 में फ्रांस दसॉल्ट मिराज-IV विमान पर पुराने फ्री-फॉल AN-22 और दसॉल्ट सुपर एटेंडार्ड पर AN-52 बम की जगह पर लाया गया था।
मैक 3 की रफ्तार से पहुंचती है दुश्मन के पास
मिसाइल का अपग्रेडेड संस्करण एयर-सोल मीडियर रेंज-एमेलियोर (ASMPA) मैक 3 की स्पीड से 500 किलोमीटर तक लक्ष्य को निशाना बना सकती है। इस मिसाइल को 300 किलोटन के थर्मोन्यूक्लियर हवाई परमाणु हथियार से लैस किया जा सकता है। एएसएमपीए ने अक्टूबर 2009 में मिराज के साथ और जुलाई 2010 में राफेल के साथ फ्रांस की सेना में प्रवेश किया। फ्रांसीसी हवाई और अंतरिक्ष बलों को कुल 54 एएसएमपी-ए मिसाइलें दी गई हैं।
भारत के पास भी है राफेल
फ्रांस ने एएसएमपीए मिसाइल को जिस राफेल से लॉन्च किया है, वो दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जिसे दसॉल्ट एविएशन ने बनाया है। राफेल विमानों का इस्तेमाल भारत भी करता है, जो उसने एक सौदे के तहत दसॉल्ट एविएशन से हासिल किए हैं। इन्हें 2020 में भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया था। भारत के पास फिलहाल 36 राफेल विमान हैं। फ्रांस दुनिया के मान्यता प्राप्त परमाणु संपन्न देशों में शामिल है। फ्रांस के पास लगभग 290 परमाणु हथियार हैं। रखरखाव और आधुनिकीकरण के प्रयासों के कारण यह संख्या थोड़ी बदल सकती है।
