बर्लिन
जर्मनी की सरकार ने बीते साल अपने श्रम बाजार को बढ़ावा देने के लिए आव्रजन नियमों में ढील दी थी लेकिन अभी कामगारों की कमी का सामना देश कर रहा है। ऐसे जर्मनी ने कुशल श्रमिक वीजा की संख्या पिछले साल की तुलना में इस साल (2024) 10 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला लिया है। सरकार ने रविवार को इसकी जानकारी दी है। जर्मनी को लगातार श्रम की कमी का सामना करना पड़ रहा है और देश में इस समय 13 लाख से ज्यादा कामगारों के लिए नौकरियां हैं। ऐसे में भारतीयों को जर्मनी के इस फैसले से फायदा हो सकता है।
डीडब्ल्यू की रिपोर्ट के मुताबिक, जर्मनी की सरकार ने पिछले साल कनाडा से प्रेरित एक प्वाइंट बेस्ड सिस्टम को अपनाया है। इसे ऑप्युर्चिनिटी कार्ड के रूप में जाना जाता है, जो पेशेवरों और विश्वविद्यालय के स्नातकों के लिए देश में एंट्री करने, पढ़ाई करने और काम की तलाश करने को काफी हद तक आसान बना देता है। इससे गैर-यूरोपीय संघ के देशों के कुशल श्रमिकों को उनकी योग्यता को मान्यता दिए बिना जर्मनी में प्रवेश करने की अनुमति मिल गई है।
जर्मनी सरकार ने क्या-क्या कहा है
जर्मन सरकार के तीन मंत्रालयों के एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि इस साल के आखिर तक करीब 2,00,000 पेशेवर वीजा जारी किए जाएंगे। यह 2023 के मुकाबले में 10 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि है। बयान में कहा गया है कि जर्मनी में पढ़ाई करने, वोकेशनल ट्रेनिंग पूरी करने या विदेशी योग्यता को मान्यता देने के लिए वीजा में बहुत रुचि दिखी है। गैर-ईयू राज्यों के छात्रों को जारी किए गए वीजा की संख्या में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई
जर्मनी की होम मिनिस्टर नैन्सी फेसर ने कहा है, ‘प्रतिभाशाली युवा जर्मनी में अपनी पढ़ाई और ट्रेनिंग ज्यादा आसानी से पूरा कर सकते हैं। ऑप्युर्चिनिटी कार्ड कुशल लोगों को आसानी से उपयुक्त नौकरी पाने का मौका दे रहा है। मंत्री एनालेना बेयरबॉक ने भी इस सुधारनों की सराहना की है। उन्देहोंने कहा कि देश में श्रम की निरंतर कमी को इससे पूरा किया जा सकेगा।
ऑप्युर्चिनिटी कार्ड कैसे काम करता है?
जर्मनी में योग्यता, ज्ञान और अनुभव के आधार पर यह निर्धारित करने के लिए एक अंक प्रणाली का उपयोग किया जाता है कि कोई व्यक्ति ऑप्युर्चिनिटी कार्ड के लिए पात्र है या नहीं। श्रमिकों की कमी, विदेशी योग्यता की आंशिक मान्यता, आयु, जर्मन और अंग्रेजी भाषा कौशल और जर्मनी से पूर्व संबंध के रूप में सूचीबद्ध व्यवसाय के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त अंक हैं।
कार्ड के आवेदन करने वालों को अपने प्रवास की अवधि के लिए प्रति माह करीब 1,050 डॉलर की धनराशि दिखानी होगी। जर्मनी ने पिछले पाृंच वर्षों में 16 लाख नौकरियाँ पैदा की हैं, इनमें से 89 फीसदी पद विदेशियों को दिए गए हैं। हालांकि इस सबके बावजूद आव्रजन एक गर्म मुद्दा बना हुआ है।
