5.8 C
London
Wednesday, March 4, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयH-1B वीजा: अमेरिका ने अमेरिकियों की बजाय विदेशी कर्मचारियों को तरजीह देने...

H-1B वीजा: अमेरिका ने अमेरिकियों की बजाय विदेशी कर्मचारियों को तरजीह देने वाले नियोक्ताओं को दी चेतावनी

Published on

वॉशिंगटन

अमेरिका अवैध आव्रजन के खिलाफ सख्ती से कदम उठा रहा है, जिसमें ट्रंप प्रशासन की ओर से गैरकानूनी प्रवासियों पर कार्रवाई शामिल है। इस बीच अमेरिका ने हाल ही में नियोक्ताओं से अपील की है कि वे आव्रजन संकट में योगदान देना या अमेरिकी श्रमिकों के खिलाफ अवैध प्राथमिकताओं के माध्यम से कानूनी आव्रजन प्रणाली का दुरुपयोग करना बंद करें।

अमेरिकी समान रोजगार अवसर आयोग (EEOC) ने कहा है कि वह उन नियोक्ताओं के खिलाफ भेदभाव विरोधी कानून लागू करेगा जो ‘गैर-अमेरिकी श्रमिकों को अवैध रूप से प्राथमिकता देते हैं।’ पिछले दिनों ईईओसी की कार्यवाहक अध्यक्ष एंड्रिया लुकास ने कहा आयोग नियोक्ताओं और अन्य कवर की गई संस्थाओं को नोटिस दे रहा है।

‘कानूनी आव्रजन प्रणाली का दुरुपयोग बंद करें’
एंड्रिया लुकास ने नियोक्ताओं से कहा, ”अगर आप हमारे आव्रजन संकट में योगदान देने वाली पाइपलाइन का हिस्सा हैं या अमेरिकी श्रमिकों के खिलाफ अवैध वरीयताओं के माध्यम से हमारी कानूनी आव्रजन प्रणाली का दुरुपयोग कर रहे हैं तो आपको इसे रोकना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, ”कई नियोक्ताओं की नीतियां और प्रथाएं अमेरिकी श्रमिकों की तुलना में अवैध विदेशियों, प्रवासी श्रमिकों और वीजा धारकों या अन्य कानूनी आप्रवासियों को प्राथमिकता देती हैं, जो राष्ट्रीय मूल के भेदभाव को प्रतिबंधित करने वाले संघीय रोजगार कानून का सीधा उल्लंघन है।”

लुकास ने अमेरिकी श्रमिकों के खिलाफ पक्षपात को ‘कई उद्योगों में एक बड़ी समस्या’ बताया। कार्यवाहक अध्यक्ष ने कहा कि ईईओसी ने अमेरिकी श्रमिकों के विरुद्ध भेदभाव करने वाले नियोक्ताओं की जांच की है और उन पर मुकदमा चलाया है, लेकिन समस्या का दायरा इतना व्यापक है कि ईईओसी की ओर से और अन्य संघीय एजेंसियों के सहयोग से गहन जांच और प्रवर्तन की आवश्यकता है।

H-1B वीजा पर विवाद
विदेशी श्रमिकों के लिए अमेरिका में नौकरी पाने का एक ऐसा ही कानूनी रास्ता H-1B वीजा है। मुद्दे की जड़ यह है कि कई अमेरिकियों का मानना है कि विदेशी H-1B वीजा के जरिए उनकी नौकरियां छीन रहे हैं। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकन इमिग्रेशन काउंसिल के अनुसार, शोध से पता चलता है कि H-1B कर्मचारी अमेरिकी श्रमिकों के पूरक हैं, कई STEM व्यवसायों में रोजगार के अंतराल को भरते हैं और सभी के लिए नौकरी के अवसरों का विस्तार करते हैं।

H-1B वीजा अस्थायी गैर-आप्रवासी वीजा है, जो कंपनियों को उच्च शिक्षित विदेशी पेशेवरों को विशेष व्यवसायों में काम पर रखने की अनुमति देता है। इसके लिए आवेदकों को कम से कम स्नातक की डिग्री या समकक्ष की आवश्यकता होती है। इस वीजा के माध्यम से अक्सर गणित, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और चिकित्सा विज्ञान क्षेत्रों में लोगों को नौकरियां मिलती हैं। H-1B वीजा आम तौर पर तीन साल के लिए वैध होता है, हालांकि इसे कुल मिलाकर छह साल तक बढ़ाया जा सकता है।

H-1B कर्मचारी अन्य कर्मचारियों के वेतन को कम नहीं करते
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकन इमिग्रेशन काउंसिल के पास उपलब्ध डेटा यह भी दर्शाता है कि H-1B कर्मचारी कम वेतन नहीं कमाते हैं या अन्य कर्मचारियों के वेतन को कम नहीं करते हैं। 2021 में एक H-1B कर्मचारी का औसत वेतन 108,000 डॉलर था, जबकि सामान्य तौर पर अमेरिकी कर्मचारियों के लिए यह 45,760 डॉलर था। इसके अलावा 2003 और 2021 के बीच H-1B कर्मचारियों का औसत वेतन 52 प्रतिशत बढ़ा है। इसी अवधि के दौरान सभी अमेरिकी कर्मचारियों का औसत वेतन 39 प्रतिशत बढ़ा।

H-1B वीजा के दुरुपयोग को रोकने के लिए USCIS ने किए हैं उपाय
USCIS ने H-1B वीजा के दुरुपयोग को रोकने के लिए कई उपाय किए हैं। H-1B पंजीकरण प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए USCIS ने लाभार्थी-केंद्रित चयन प्रक्रिया लागू की थी, जिसके तहत प्रत्येक लाभार्थी को केवल एक पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज के तहत पंजीकृत होना चाहिए। ईईओसी का उद्देश्य गैर-अमेरिकी श्रमिकों को अवैध रूप से लाभ पहुंचाने वाले नियोक्ताओं और स्टाफिंग एजेंसियों के खिलाफ रोजगार विरोधी भेदभाव कानूनों को मजबूत करके अवैध आप्रवासन और कानूनी आव्रजन दुरुपयोग को रोकना है।

Latest articles

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निवास पर धूमधाम से मनाया गया होलिका दहन; सीएम ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार मध्यरात्रि के पश्चात सिविल लाइन्स स्थित मुख्यमंत्री निवास पर...

कैमरे किराए पर लेकर युवक फरार, तीन लाख का सामान नहीं लौटाया

भोपाल राजधानी के कमला नगर इलाके में कैमरे किराए पर देने वाले युवक के साथ...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

होली से पहले भोपाल में प्रशासन सख्त: पुराने शहर के मावा भंडारों और डेयरियों पर ताबड़ तोड़ छापे

भोपाल होली के त्योहार से पहले राजधानी में खाद्य विभाग ने मिलावट के खिलाफ बड़ा...

More like this

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का दावा, ईरानी मीडिया ने दी जानकारी

ईरानी मीडिया तस्नीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने दावा किया है कि ईरान के...

वेनेजुएला के राष्ट्रपति को न्यूयॉर्क कोर्ट में पेश किया

न्यूयॉर्क।वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को न्यूयॉर्क की एक अदालत में पेश किया गया।...

राष्ट्रपति भवन में पुतिन का भव्य स्वागत

नई दिल्ली।पुतिन का भारत दौरा आज दूसरे दिन भी जारी है। राष्ट्रपति भवन में...