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रूसी इलाका छोड़ना पड़ रहा, अपनी जमीन भी हाथ से जा रही… जेलेंस्की को भारी पड़ा पुतिन की सेना पर भीषण हमला?

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कीव

यूक्रेन के राष्ट्रपति रूस के खिलाफ लगातार आक्रामकता दिखा रहे हैं। इसमें पहले कुर्स्क क्षेत्र में हमला और हाल ही में लंबी दूरी की मिसाइल का इस्तेमाल भी शामिल है। हालांकि उनको इसका फायदे के बजाय नुकसान होता दिख रहा है। रूसी सेना युद्ध में यूक्रेन में अग्रिम पंक्ति में अपनी बढ़त बना रही है। ये बढ़त इस संघर्ष में निर्याणक भी हो सकती है। इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (आईएसडब्ल्यू) के डाटा से पता चलता है कि रूस ने 2024 में बीते साल 2023 की तुलना में छह गुना ज्यादा क्षेत्र पर कब्जा किया है। रूसी बढ़त खासतौर से यूक्रेन के कुर्स्क क्षेत्र में आक्रामण के बाद से बढ़ी है।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस पूर्वी डोनबास क्षेत्र में प्रमुख यूक्रेनी लॉजिस्टिक हब की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। रूस के कुर्स्क क्षेत्र में कब्जे से यूक्रेन ने जो बढ़त बनाई थी, वो भी तेजी से लड़खड़ा रही है। रूसी सैनिकों ने इस क्षेत्र में कीव के आक्रमण को पीछे धकेल दिया है। एक्सपर्ट ने यूक्रेन के सामने सैनिकों की कमी को देखते जेलेंक्री की आक्रमकता को ‘रणनीतिक तबाही’ कहा है।

पूर्वी यूक्रेन में बढ़ रहा रूस
रूस की आर्मी ने पूर्वी यूक्रेन में शुरुआती युद्ध में तेजी से बढ़त हासिल की थी लेकिन फिर यूक्रेन के जवाबी हमले में उसे पीछे धकेल दिया गया। इसके बाद 2023 में दोनों पक्षों में से किसी को कोई बड़ी बढ़त नहीं मिली और संघर्ष काफी हद तक गतिरोध में बदल गया। इसके उलट 2024 के लिए आईएसडब्ल्यू के आंकड़े बताते हैं कि इस साल रूस के लिए चीजें आसान और यूक्रेन के लिए मुश्किल हो गई हैं। आईएसडब्ल्यू के आंकड़ों से पता चलता है कि मॉस्को की सेना ने इस साल अब तक यूक्रेन के लगभग 2,700 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। वहीं 2023 में पूरे साल में उसका 465 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा हो सका था।

किंग्स कॉलेज लंदन में रक्षा शोधकर्ता डॉक्टर मरीना मिरॉन का कहना है कि रूस इसी रफ्तार से आगे बढ़ता रहा तो यूक्रेनी पूर्वी मोर्चा ढह सकता है। रूस ने इस साल 1 सितंबर से 3 नवंबर के बीच 1000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा किया। ये दिखाता है कि हाल के महीनों में हमले तेज हुए हैं। इस दौरान खासतौर से खार्किव क्षेत्र में कुपियांस्क और कुराखोव रूस के निशाने पर रहे हैं। ये डोनेट्स्क क्षेत्र में पोक्रोवस्क के प्रमुख रसद केंद्र के लिए एक कदम है।

यूक्रेन के लिए कितना बड़ा संकट!
आईएसडब्ल्यू की रिपोर्ट कहती है कि मॉस्को के पास अब यूक्रेन में कुल 110,649 वर्ग किमी जमीन है। यूक्रेनी सेना ने भी रूस के कुर्स्क में अपने आक्रमण के पहले महीने में 1,171 वर्ग किमी पर कब्जा किया था लेकिन रूसी सेना ने अब उस क्षेत्र के लगभग आधे हिस्से पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया है। ये स्पष्ट रूप से यूक्रेन के लिए बड़ा झटका है।

डॉक्टर मिरोन का मानना है कि कुर्स्क घुसपैठ यूक्रेन के लिए ‘सामरिक प्रतिभाट के साथ एक ‘रणनीतिक तबाही’ साबित हुई है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे शायद वार्ता में कुछ राजनीतिक लाभ हासिल करना था लेकिन सैन्य रूप से कुर्स्क को मुक्त कराने के लिए रूसी सेना को डोनबास से दूर खींचना था। इसके उलट हम जो देख रहे हैं वह यह है कि यूक्रेनी सेना वहीं फंसी है।

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