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Wednesday, April 22, 2026
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भारत ने उत्तर कोरिया में फिर खोला दूतावास, 2021 में हो गया था बंद, कारण जानें

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प्योंगयांग

भारत ने किम जोंग उन के उत्तर कोरिया में अपने दूतावास का संचालन फिर शुरू कर दिया है। यह दूतावास 2021 से बंद पड़ा था। इस दौरान दूतावास से नागरिक सेवाएं भी लंबित थीं। प्योंगयांग में दूतावास खोलने के साथ ही भारत, उत्तर कोरिया के वर्षों से चले आ रहे राजनयिक अलगाव को धीरे-धीरे कम करने के साथ जमीनी स्तर पर अपनी उपस्थिति को फिर से स्थापित करने वाला नया देश बन गया है।

दूतावास में कर्मचारियों ने संभाला पदभार
एनके न्यूज ने भारतीय विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया है कि उत्तर कोरिया में भारत का दूतावास वर्तमान में कर्मचारियों से भरा हुआ है और चालू है। बयान में कहा गया है, “कर्मचारियों के रोटेशन और नियमित गतिविधियां भी वर्तमान में चल रही हैं।” मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि दूतावास को पूरी तरह से चालू होने में कई और महीने लगेंगे क्योंकि अभी तक राजदूत की नियुक्ति नहीं हुई है, लेकिन प्रशासनिक कर्मचारियों ने प्योंगयांग में अपने पद संभाल लिए हैं।

जुलाई 2021 से बंद था भारतीय दूतावास
यह स्पष्ट नहीं है कि राजनयिक उत्तर कोरिया कब पहुंचे या उन्होंने वहां कैसे यात्रा की। भारत से पहले हाल में ही स्वीडन और पोलैंड ने उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में अपने दूतावासों को फिर से खोला है। प्योंगयांग में भारतीय दूतावास कोविड महामारी के काऱण जुलाई 2021 से दूतावास बंद था। तब महामारी के दौरान बड़े पैमाने पर पलायन के बीच भारत के राजदूत और कई राजनयिक उत्तर कोरिया को छोड़कर वापस आ गए थे।

1973 में भारत ने खोला था दूतावास
उस समय तक, भारत उत्तर कोरिया में दूतावास संचालित करने वाले अंतिम कुछ देशों में से एक था, उस समय लागू भारी यात्रा प्रतिबंधों के बावजूद, जो दोनों देशों के लंबे राजनयिक इतिहास का प्रतिबिंब है। भारत ने शीत युद्ध के दौरान गुटनिरपेक्षता की अपनी नीति के अनुरूप दिसंबर 1973 में उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के साथ दूतावास स्तर पर राजनयिक संबंध स्थापित किए और वैश्विक COVID-19 प्रकोप तक प्योंगयांग में सक्रिय उपस्थिति बनाए रखी।

कैसे हैं भारत-उत्तर कोरिया संबंध
उत्तर कोरिया ने महामारी के दौरान नई दिल्ली में अपना दूतावास बनाए रखा। राजदूत चोई हुई चोल ने भारत में कोविड महमारी नियंत्रण प्रतिबंध लगाए जाने के तुरंत बाद अपना पद संभाला। हालांकि भारत और उत्तर कोरिया के संबंधों में कुछ वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। खासकर 2017 में जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के कारण उत्तर कोरिया के साथ आर्थिक आदान-प्रदान बंक कर दिया था। इससे उत्तर कोरिया अपने तीसरे सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार से दूर हो गया था।

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