तेल अवीव
हमास चीफ इस्माइल हानिया की मौत के बाद अभी तक ईरान ने कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की है। ऐसे में इस बात की अभी भी आशंका है कि कभी भी इजरायल एक बड़ा हमला इजरायल पर कर सकता है। इस हमले को लेकर इजरायल के अंदर भी चिंता है, जो साफ दिखती है। इजरायल की खुफिया एजेंसी शिन बेट की मांग पर सुरक्षा कैबिनेट की गुरुवार को तेल अवीव में सैन्य मुख्यालय के अंडरग्राउंड बंकर में मीटिंग बुलाई गई। शिन बेट का कहना है कि यह कदम इजरायल पर हमले की स्थिति में तैयार रहने को लेकर है। क्योंकि हमले की स्थिति में भी मीटिंग अंडरग्राउंड होंगी।
ईरान और हिजबुल्ला के हमले की आशंका के बीच इजरायली अधिकारियों ने कहा कि अगर हमला होता है और उसके नागरिकों को नुकसान हुआ तो इसके लिए भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए संदेश यह है कि नागरिकों का हताहत होना एक लाल रेखा होगा और इसका जवाब दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि संघर्ष विराम समझौते और बंधकों की रिहाई के समझौते पर पहुंचने के अमेरिकी प्रयास हमास नेता याह्या सिनवार पर निर्भर करता है। हमास ने इस्माइल हानिया की मौत के बाद याह्या सिनवार को नया नेता चुना है।
इजरायल की सुरक्षा के लिए अमेरिका अलर्ट
इजरायल के अंदर इस बात को लेकर बेहद कम आशा है कि कोई समझौता हो सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि सिनवार एक बड़ा युद्ध चाहता था, जो इजयारल के खिलाफ पूरे मिडिल ईस्ट में फैल जाए। वह ऐसा समाधान नहीं चाहेगा, जो इसे रोके। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर माइकल कुरिल्ला वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ मीटिंग के लिए पिछले सप्ताह में तीसरी बार इजरायल में थे। अमेरिकी कमांड ने पहले घोषणा की थी कि ईरानी हमले की आशंका को देखते हुए अमेरिकी वायु सेना एफ-22 स्टील्थ फाइटर जेट को इस क्षेत्र में तैनात किया जाएगा।
लेबनान के लोगों से क्या बोला इजरायल?
ईरान के साथ-साथ इजरायल की लेबनान के हिजबुल्लास के साथ युद्ध की आशंका जताई जा रही है। रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने लेबनान के नागरिकों को अरबी में एक संदेश भेजा। इसमें उन्होंने कहा कि इजरायल लेबनान के खिलाफ युद्ध नहीं चाहता। लेकिन हिजबुल्लाह के हमले का जवाब जरूर देगा। उन्होंने लिखा, ‘ईरान और उसके समर्थकों, उनमें सबसे पहले हिजबुल्लाह ने लेबनान और उसके निवासियों को अपने सांप्रदायिक हितों के लिए बंधक बना लिया है।’ गुरुवार दोपहर में हिजबुल्लाह की ओर से इजरायल पर 15 रॉकेट दागे गए, जिनमें से 8 खुले मैदानों में गिरे। किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है।
