कीव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ यूक्रेन के दौरे पर गए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शुक्रवार को दिलचस्प वाकया हुआ। यूक्रेन की राजधानी कीव में जब बीबीसी रिपोर्टर ने अपने सवाल से फंसाने की कोशिश की तो जयशंकर ने करारा जवाब देकर उसे चुप करा दिया। शुक्रवार भारतीय विदेश मंत्री पीएम मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की मुलाकात के बाद इसके बारे में जानकारी दे रहे थे। इसी दौरान बीबीसी के रिपोर्टर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले महीने रूस दौरे पर पुतिन को गले लगाने को लेकर सवाल पूछ लिया। इसके बाद जयशंकर ने भारतीय और ब्रिटिश संस्कृति की तुलना करने वाला जवाब दिया।
जयशंकर ने कहा, ‘हमारी दुनिया (संस्कृति) में जब लोग आपस में मिलते हैं तो एक दूसरे को गले लगाते हैं। ये शायद आपकी संस्कृति का हिस्सा नहीं होगा, लेकिन यह हमारी संस्कृति का हिस्सा है। आज ही मैंने देखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति जेलेंस्की को गले लगाया और मैंने उन्हें कई दूसरे नेताओं और अलग-अलग जगहों पर ऐसा करते हुए देखा है।’ जयशंकर ने आगे कहा, ‘मुझे लगता है कि हमारे बीच इन शिष्टाचार मुलाकातों को लेकर हल्की सांस्कृतिक दूरी है।’
यूक्रेन यात्रा को बताया ऐतिहासिक
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहली यूक्रेन यात्रा पर कहा कि यह एक महत्वपूर्ण दौरा है। विदेश मंत्री ने मोदी की कीव यात्रा को ऐतिहासिक बताया। जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच चर्चा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा द्विपक्षीय संबंधों के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा कि व्यापार, आर्थिक मुद्दों, रक्षा, औषधि, कृषि और शिक्षा पर चर्चा हुई। मोदी और जेलेंस्की ने भारत-यूक्रेन अंतर-सरकारी आयोग को विशेष रूप से व्यापार और आर्थिक संबंधों के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने का काम सौंपा।
पीएम मोदी और जेलेंस्की में क्या हुई बात?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जेलेंस्की को यूक्रेन में शांति बहाली के लिए ‘हर संभव तरीके’ से योगदान करने की भारत की इच्छा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अपनी चर्चा के बारे में भी बात की। विदेश मंत्री ने रूस और यूक्रेन युद्ध पर कहा, ‘भारत का मानना है कि दोनों पक्षों को समाधान खोजने के लिए एक-दूसरे के साथ बातचीत करनी चाहिए।’
