नई दिल्ली
पाकिस्तान के पेशावर उच्च न्यायालय में एक वकील की दूसरे वकील को गोली मारकर हत्या का मामले सामने आया है। खबरों के मुताबिक पाकिस्तान के मशहूर वकील 79 वर्षीय अब्दुल लतीफ आफरीदी पेशावर उच्च न्यायालय के बार रूम में मौजूद थे। तभी उनपर एक अन्य वकील ने गोलियां चला दी। इसके बाद अब्दुल लतीफ आफरीदी को अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वह पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष थे और पाकिस्तान में वकीलों के आंदोलनों में सबसे आगे रहने वाले लोगों में उनका नाम शुमार था।
पुलिस ने क्या बताया
पेशावर पुलिस ने जानकारी साझा की है कि जिस वक्त अब्दुल लतीफ आफरीदी को गोली मारी गयी वह पेशावर हाईकोर्ट के बार में थे। पेशावर पुलिस ने कहा कि सोमवार को अब्दुल लतीफ आफरीदी पेशावर उच्च न्यायालय के बार रूम में बैठे थे। तभी ट्रेनी वकील अदनान ने उन पर गोलियां चला दीं। अस्पताल के प्रवक्ता मुहम्मद आसिम ने कहा कि वरिष्ठ वकील को तुरंत यहां लेडी रीडिंग अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
आसिम ने कहा कि अफरीदी को छह गोलियां मारी गईं। पुलिस ने अदनान को गिरफ्तार कर लिया है। अदनान को आतंकवाद रोधी अदालत में भेज दिया गया था। पुलिस को संदेह है कि हमला “व्यक्तिगत दुश्मनी” से किया गया था। वे इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि कैसे अदनान पेशावर उच्च न्यायालय परिसर के अंदर पिस्तौल लाने में कामयाब रहा।अस्पताल के प्रवक्ता मुहम्मद आसिम ने कहा कि वरिष्ठ वकील को तुरंत यहां लेडी रीडिंग अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
अब्दुल लतीफ आफरीदी को 1979 में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल मुहम्मद जिया-उल-हक ने अपने शासन के मार्शल लॉ के खिलाफ राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए कैद कर लिया था। वह पाकिस्तान के एक नामी वकीलों में शुमार थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अफरीदी की हत्या पर “गहरा दुख” व्यक्त किया है। प्रधान मंत्री शरीफ ने एक ट्वीट में कहा, “मैं प्रार्थना करता हूं कि परिवार इस नुकसान को सब्र के साथ सहन करे। खैबर पख्तूनख्वा में कानून और व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति चिंताजनक है।
