इस्लामाबाद
पहलगाम आतंकी हमले से ठीक एक हफ्ते पहले पाकिस्तान सेना के प्रमुख असीम मुनीर ने भारत के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी की है। माना जाता है कि कश्मीर में हुए आतंकी हमले के पीछे असीम मुनीर ही मास्टरमाइंड है। असीम मुनीर ने अपनी सत्ता बचाने और एक्सटेंशन लेने के लिए पाकिस्तान को भारत के साथ जंग के दलदल में धकेल दिया है। पाकिस्तानी एक्सपर्ट आफताब इकबाल ने कहा है कि इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब पाकिस्तान की ज्यादातर अवाम, पाकिस्तान की सेना के साथ नहीं है। पाकिस्तान की सेना बार बार जनता से साथ देने की अपील कर रही है, लेकिन ज्यादातर अवाम ने पाकिस्तान सेना का साथ देने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान की जो मौजूदा स्थिति है वो भारत के हमला करने के लिए परफेक्ट है।
लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि क्या असीम मुनीर ने जान बुझकर ऐसे हालात बनाए हैं कि भारत और पाकिस्तान एक भयानक जंग में उलझ जाएं? हालांकि पाकिस्तान से सैन्य अधिकार दशकों से कश्मीर और भारत को लेकर जहरीली और उकसाने वाली बयानबाजी करते रहे हैं, कश्मीर में हजारों लोगों की मौत के पीछे पाकिस्तान की सेना ही मास्टरमाइंड रही है, लेकिन पहले उसे पाकिस्तान की जनता का समर्थन हासिल होता था, जो इस बार नहीं मिल रहा है। इसके अलावा ये भी पहली बार हो रहा है कि अंतर्राष्ट्रीय मंच पर तुर्की, अजरबैजान और चीन के अलावा पाकिस्तान के साथ कोई खड़ा नहीं है।
भारत को जाल में फंसाने की कोशिश
असीम मुनीर ने जब प्रवासी पाकिस्तानियों के सम्मेलन में भारत के खिलाफ जहर उगला था तो उसके चेहरे पर हताशा साफ दिख रही थी। मनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के आसपास बढ़ी हुई गतिविधियों को दिखाने वाली खुफिया जानकारी से पता चलता है, कि पाकिस्तान भारत के जवाबी हमले की आशंका कर रहा है। पाकिस्तान ये मानकर चल रहा है कि भारत इस बार हर हाल में हमला करने वाला है। लिहाजा माना जा रहा है कि अगर भारत हमला करता है तो असीम मुनीर की ये रणनीतिक चाल के मुताबिक होगी, जिसके जरिए वो अपनी सत्ता को और मजबूत करना चाहता है।
पाकिस्तान सेना के पूर्व अधिकारी आदिल रजा ने दावा किया है कि “पाकिस्तानी खुफिया जानकारी से पता चलता है कि असीम मुनीर ने पाकिस्तान के सुपर किंग के रूप में पांच साल का कार्यकाल सुनिश्चित करने के लिए पहलगाम आतंकवादी हमले का आदेश दिया था, जिसे जिया-उल-हक की तरह पांच साल के लिए और बढ़ाया जा सकता था, जिससे देश की गिरावट और क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा हो सकता था।” यानि आदिल रजा का कहना है की असीम मुनीर का प्लान पांच सालों के लिए सत्ता को अपने हाथ में रखना है और इसीलिए उसने भारत के साथ जंग का रास्ता खोलने का दुस्साहस किया है। रिपोर्ट के मुताबिक असीम मुनीर का कार्यकाल इस साल नवंबर में खत्म होने वाला है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ का कार्यकाल तीन सालों के लिए होता है, लेकिन असीम मुनीर की कोशिश नवंबर के बाद भी आर्मी चीफ का पद छोड़ने का नहीं है, इसीलिए उसने पहलगाम में आतंकी हमले का प्लान बनाया।
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार अहमद नूरानी का दावा है कि असीम मुनीर अपने कार्यकाल को बढ़ाने के लिए देश को जंग में झोंक रहा है। उन्होंने कहा है कि “पाकिस्तान में कई उच्च लोगों का इल्जाम है कि असीम मुनीर देश की संसद से गलत तरीके से आदेश पारित करवाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उनके कार्यकाल को बढ़ाया जाए।” उन्होंने कहा कि “भारत पर कितने भी इल्जाम लगा लें, कितना भी कोस लें, लेकिन हकीकत ये है कि भारत के सैन्य अधिकारी संविधान पर कब्जा करने की कोशिश नहीं करते, देश पर कब्जा करने की कोशिश नहीं करते, दिक्कतों के बावजूद भारत में डेमोक्रेसी जिंदा है और हमें लाख एतराज हो, लेकिन हम इससे इनकार नहीं कर सके। लेकिन पाकिस्तान का बादशाह आर्मी चीफ है।” आदिल रजा और अहमद नूरानी का कहना है कि पाकिस्तान जंग की पूरी तैयारी कर रहा है और देश को तबाही के रास्ते पर आगे बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारत को आगे कर असीम मुनीर जनता के बीच अपना समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
