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रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष तेज होने के बाद परमाणु युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। रूस ने पहली बार यूक्रेन के अंदर मध्यम दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल का इस्तेमाल किया है। रूस ने ये हमला यूक्रेन की सेना के रूसी क्षेत्र में अमेरिकी ATACMS और ब्रिटिश स्टॉर्म मिसाइलों के हमले के बाद किया। रूसी नेताओं ने तीसरे विश्वयुद्ध की भी धमकी दी है। ऐसे में अगर तीसरा विश्वयुद्ध शुरू हुआ और अमेरिका में इसमें उतरा तो इसके बड़े पैमाने पर होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस बीच आइए समझते हैं कि अगर परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करता है तो रूस, चीन और उत्तर कोरिया की राजधानियों पर इसका क्या असर हो सकता है।
अमेरिका का सबसे बड़ा बम मचाएगा तबाही
न्यूजवीक ने परमाणु प्रौद्योगिकी के प्रोफेसर और इतिहासकार एलेक्स वेलरस्टीन के बनाए गए मानचित्रों का इस्तेमाल करने आकलन निकाला है कि अगर अमेरिकी शस्त्रागार के सबसे बड़ा हथियार बी-83 का इस्तेमाल किया जाता है तो इसका क्या प्रभाव होगा। इसमें बताया गया है कि परमाणु बम के हमले के बाद लगभग 2.5 किलोमीटर की त्रिज्या में तापमान लाखों डिग्री तक पहुंच जाएगी और सब कुछ भाप बन जाएगा।
इसके बाद 107 किलोमीटर की त्रिज्या तक का क्षेत्र मध्यम विस्फोट क्षति की चपेट में होगा, जो आवासीय भवनों को नष्ट कर देगा और बड़े पैमाने पर आग का कारण बनेगा। 340 किलोमीटर की त्रिज्या के भीतर रहन वाले किसी भी व्यक्ति की त्वचा में थर्ड डिग्री जलने का खतरा होगा। इस दौरान दर्द भी महसूस नहीं होगा, क्योंकि यह तंत्रिकाओं को नष्ट कर देगा। वहीं, विस्फोट से 860 किमी की दूरी पर स्थित लोग हल्के विस्फोट त्रिज्या क्षेत्र में होंगे। यहां कांच की खिड़कियां टूटने से चोट लग सकती है।
विस्फोट का किस शहर पर कितना होगा असर?
प्योंगयांग- उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में अगर परमाणु बम विस्फोट होता है तो अनुमान के अनुसार, 13,27820 लोग मारे जाएंगे और 11,05,660 लोग घायल होंगे।
मॉस्को- रूसी राजधानी में विस्फोट की अनुमानित सीमा में औसतन 1,02,22,930 लोग होते हैं। विस्फोट होने पर 13,74,840 लोग मारे जाएंगे और 37,47,220 लोग घायल होंगे।
बीजिंग- चीन की राजधानी में किसी भी 24 घंटे में औसतन 90,38,075 लोग होते हैं। विस्फोट सीमा के अंदर 15,48,460 लोग मारे जाएंगे और लगभग 33,32,190 लोग घायल होंगे।
