वॉशिंगटन:
जून 2024 की शुरुआत में जब अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बैली विल्मोर को लेकर बोइंग स्टारलाइनर स्पेसशिफ धरती से अंतरिक्ष के लिए रवाना हुआ था, तो यह आठ दिनों का छोटा मिशन होने वाला था। लेकिन लॉन्च को 80 दिन बीत चुके हैं और दोनों अंतरिक्ष यात्री अभी तक वापस नहीं लौटे हैं। 5 जून को लॉन्च हुआ यह टेस्ट फ्लाइट 6 जून को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर पहुंची थी। सुनीता विलियम्स और विल्मोर तब से आईएसएस में फंसे हुए हैं। उनकी वापसी की तारीख अभी भी तय नहीं हुई है। बोइंग स्टारलाइनर में गड़बड़ी के बाद नासा अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने के लिए दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहा है।
क्या था मिशन?
बोइंग स्टारलाइनर मिशन का उद्देश्य लोगों को आईएसएस तक सुरक्षित रूप से ले जाने और वहां से वापस लाने की अंतरिक्ष यान की क्षमता का प्रदर्शन करना था। नासा की कमर्शियल क्रू कार्यक्रम के हिस्से के रूप में एयरोस्पेस कंपनी बोइंग इस यात्रा को अंतरिक्ष एजेंसी को नियमित परिवहन सेवाएं प्रदान के अपने लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण मानती है। हालांकि, टेस्ट फ्लाइट में आई समस्या ने कंपनी की उम्मीदों को झटका दिया है।
क्यों नहीं हो सकी वापसी?
स्टारलाइनर के अंतरिक्ष में पहुंचने तक स्पेसशिप के सर्विस मॉड्यूल में कई छोटे हीलियम लीक की सूचना मिली, जिससे यह यात्रा के लिए असुरक्षित हो गया है। हीलियम अंतरिक्ष यान की संरचनात्मक अखंडता और गतिशीलता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। इसके साथ ही अंतरिक्ष यान के प्रपल्शन सिस्टम में इसके पांच थ्रस्टरों में खराबी आ गई। ये थ्रस्टर अंतरिक्ष यात्रा और डॉकिंग के लिए जरूरी हैं। स्पेसशिप में ऑक्सीडाइजर के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार वाल्व में कई समस्याएं पाई गईं।
क्या कर रहा है नासा?
नासा और बोइंग के इंजीनियर अंतरिक्ष यान की समस्या को ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं। वे अंतरिक्ष यान के प्रणोदन प्रणाली से डेटा की जांच करने के साथ ही अंतरिक्ष यान के थ्रस्टर्स का भी परीक्षण कर रहे हैं। इसके अतरिक्त, नासा की टीम अंतरिक्ष यात्रियों को लाने के लिए दूसरे विकल्पों पर भी विचार कर रही है। इसमें एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के क्रू 9 ड्रैगन से वापसी भी शामिल है। क्रू 9 ड्रैगन को अक्तूबर में अंतरिक्ष में लॉन्च किया जाना है और इसकी फरवरी 2025 में वापसी है। अगर ऐसा होता है कि सुनीता विलियम्स को 8 महीने तक अंतरिक्ष में रहना होगा।
