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जंग का ऐसा खतरा कभी नहीं था… इजरायल-हिजबुल्लाह में पूर्ण युद्ध की आशंका, गाजा में बढ़त से आईडीएफ के बढ़े हौसले

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तेल अवीव:

हिजबुल्लाह के इजरायल पर हालिया हमले ने क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है। इन हमलों के बाद कहा जा रहा है कि 7 अक्टूबर के बाद इजरायल और हिजबुल्लाह एक पूर्ण युद्ध के बहुत करीब पहुंच गए हैं। इससे पहले 30 जुलाई से 25 अगस्त के बीच दोनों पक्षों के बीच तनातनी दिखी थी, जब हिजबुल्लाह कमांडर फुआद शुकर को लेबनान की राजधानी बेरूत में मार दिया गया था। मौजूदा स्थिति फुआद की मौत के बाद के हालात से ज्यादा तनावपूर्ण है। यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट कहती है कि आने वाले दिनों में कुछ बड़े हमले देखने को मिल सकते हैं। इजरायली रक्षामंत्री योव गैलेंट ने इसका संकेत दिया है। सोमवार को उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन से कहा है कि हिजबुल्लाह के साथ राजनयिक समाधान की संभावना अब खत्म हो गई है।

रिपोर्ट कहती है कि यह केवल अफवाहें नहीं हैं कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हिजबुल्लाह के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन के लिए समर्थन जुटाने के लिए गैलेंट की जगह गिदोन सार को रक्षा मंत्री बनाना चाह रहे हैं। इजरायल का ज्यादातर राजनीतिक और सैन्य वर्ग हिजबुल्लाह पर हमले के समर्थन में दिख रहा है। यरुशलम पोस्ट को राजनीतिक और सैन्य दोनों सूत्रों से हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई के संकेत मिले हैं।

हिजबुल्लाह के साथ युद्ध में जाने से बच रहा था इजरायल
इजरायल अभी तक हिजबुल्लाह के साथ युद्ध में शामिल होने से बच रहा था। इसकी बड़ी वजह ये थी कि इससे इजरायल की गाजा में हमास के खिलाफ लड़ाई प्रभावित हो सकती थी। इजरायली सेना ने 21 अगस्त को राफा में हमास की आखिरी बटालियन को हारा हुआ घोषित कर दिया था। इससे वह हिजबुल्लाह पर आक्रामक हो सकता है। हालांकि इजरायली पीएम नेतन्याहू के युद्ध ना छेड़ने का एक और बड़ा कारण यह है कि हिजबुल्लाह हर रोज छह से आठ हजार रॉकेट हमले कर सकता है और इससे बड़ी तादाद में इजरायली मर सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 25 अगस्त वह दिन है जब चीजें पूरी तरह से बदल गईं। इसी दिन हिजबुल्लाह ने इजरायल पर 1,000 रॉकेट लॉन्च करने की योजना बनाई थी। उशके निशाने पर तेल अवीव के उत्तर में महत्वपूर्ण खुफिया मुख्यालय के अड्डे भी शामिल थे। इजरायली सेना का दावा है कि 25 अगस्त को उसने हिजबुल्लाह को रोक दिया। हमास और हिजबुल्लाह के खिलाफ जीत ने आईडीएफ का हौसला बढ़ाया है। नेतन्याहू को हिजबुल्लाह के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन करने का विश्वास मिला है।

इजरायल के हिजबुल्लाह पर हमले से बचने की एक वजह ये भी थी कि उसे लगता था कि युद्धविराम हो जाएगा तो हिजबुल्लाह की ओर से इजरायल पर हमले बंद हो जाएंगे। इस समय गाजा में युद्धविराम की संभावना बहुत कम दिख रही है। ऐसे में इजरायल की ओर से बड़ा हमला हिजबुल्लाह पर हो सकता है, जो एक पूर्ण युद्ध की शक्ल ले सकता है।

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