इस्लामाबाद:
अलगाववादी नेता और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक की पाकिस्तान में बैठी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक को डर सता रहा है। उसे डर है कि यासीन मलिक को फांसी दी जा सकती है। अपने पति को बचाने के लिए उसने पाकिस्तान की सरकार से सौदा करने की गुहार लगा रही है। मुशाल मलिक का कहना है कि पाकिस्तान की सरकार भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान के बदले में उसके पति को वापस लेकर आए। हालांकि, मशाल मलिक का ये सपना अब पूरा नहीं होगा, क्योंकि भारत के हमले से डरे पाकिस्तान ने बीएसएफ जवान को भारत को सौंप दिया है।
मुशाल ने पाकिस्तान की डॉन न्यूज चैनल पर एक इंटरव्यू में यासीन मलिक को लेकर ये बातें की हैं। मुशाल ने कहा, ‘डर है कि इस नफरत के अंदर इनकी (भारत) हर मुमकिन कोशिश होगी की यासीन साहब को फांसी पर चढ़ा दिया जाए।’ उसने आगे कहा कि साढ़े छह साल से उसकी यासीन मलिक से बात नहीं हुई है।
छह साल से यासीन से बात नहीं
मुशाल ने बताया, ‘मेरा मलिक साहब से छह साल से कोई संपर्क नहीं है। हमें फोन पर बात करने की अनुमति नहीं है। मेरी सास (कश्मीर में रह रही) के माध्यम से कुछ पता चलता है।’ उसने आगे कहा कि यासीन मलिक को बहुत खतरा है। उनकी क्रॉस एग्जामिनेशन की सुनवाई इसी महीने है। इसके बाद उसने पाकिस्तान सरकार से यासीन मलिक के लिए सौदा करने को कहा।
बीएसएफ जवान के बदले रिहाई की मांग
इसके बाद मुशाल मलिक ने कहा कि मुझे पता चला है कि पाकिस्तान ने एक बीएसएफ जवान को पकड़ा है। मैं यही अपील करूंगी पाकिस्तान सरकार से कि उस बीएसएफ जवान के बदले में यासीन मलिक साहब को रिहा करवाकर जहां भी भारत और पाकिस्तान की वार्ता हो, वहां उनको बिठाया जाए।
मुशाल मलिका का सपना टूटा
हालांकि, यासीन मलिक को रिहा कराने का मुशाल का सपना कुछ ही घंटों में टूट गया, जब भारत के ऑपरेशन सिंदूर से डरे पाकिस्तान ने बीएसएफ जवान को भारत भेजने का फैसला कर लिया। बीएसएफ जवान की बुधवार 7 मई की सुबह भारत वापसी हो गई है। उसे पंजाब के अटारी बॉर्डर के जरिए सौंपा गया। पंजाब फ्रंटियर ने इसकी जानकारी दी है।
