9.7 C
London
Monday, March 23, 2026
Homeराष्ट्रीयसोनीपत में बनी 4 कफ सीरप हैं गांबिया में बच्चों की मौत...

सोनीपत में बनी 4 कफ सीरप हैं गांबिया में बच्चों की मौत का कारण? WHO ने किया अलर्ट, DGCI ने शुरू की जांच

Published on

नई दिल्ली

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गाम्बिया में मौत पर अलर्ट जारी किया है। वहीं ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इस मामले में जांच शुरू करने के साथ ही WHO से ब्योरा मांगा है। डब्ल्यूएचओ ने बुधवार को चेतावनी दी कि हरियाणा के सोनीपत स्थित ‘मैडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड’ द्वारा कथित तौर पर उत्पादित दूषित और कम गुणवत्ता वाले चार कफ सीरप पश्चिमी अफ्रीका के देश गाम्बिया में हुई बच्चों की मौत का कारण हो सकते हैं। हालांकि ऑल इंडिया ओरिजिन केमिस्ट एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स ने यह स्पष्ट किया कि Maiden Pharmaceuticals Limited ड्रग्स की कोई सप्लाई भारत में नहीं होती है। इसका काम केवल एक्सपोर्ट का है। अगर इसके बाद भी डीजीसीआई ने कोई गाइडलाइन निकाली है तो हम उसका पालन जरूर करेंगे।

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने गुरुवार को कहा कि कंपनी की ओर से उत्पादित चार तरह के कफ सीरप के नमूनों को कोलकाता स्थिति केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला (CDL) में भेजा गया है। विज ने कहा, ‘नमूनों को भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) और हरियाणा के फूड एवं ड्रग्स एडमिनेस्ट्रेशन विभाग ने एकत्र किया और इसे कोलकता स्थित सीडीएल को भेजा गया है।’ उन्होंने कहा कि केंद्र के औषध विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) से बात की है। विज ने कहा कि कंपनी द्वारा उत्पादित कफ सीरप को निर्यात के लिए मंजूरी दी गई थी और यह देश में बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है।

विज ने कहा कि जो भी कदम उठाना होगा, उसे सीडीएल की रिपोर्ट के बाद उठाया जायेगा। सरकार के सूत्रों ने कहा कि मौत के सटीक कारण डब्ल्यूएचओ द्वारा ना तो उपलब्ध कराये गये हैं और ना ही दवा और इसके लेबल का ब्योरा केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के साथ साझा किया गया है ताकि उत्पादन के स्रोत की पुष्टि हो सके। उपलब्ध सूचना के आधार पर सीडीएससीओ पहले ही इस मामले में हरियाणा के नियामक प्राधिकरण के साथ तात्कालिक जांच के लिए कदम उठा चुका है।

सूत्रों के मुताबिक डब्ल्यूएचओ ने 29 सितंबर को डीसीजीआई को सूचित किया था कि गाम्बिया में बच्चों की मौत का संभावित कारण उन दूषित दवाओं का इस्तेमाल हो सकता है जिनमें 23 नमूनों की जांच के बाद डाइएथीलीन ग्लाइकोल/एथीलीन ग्लाइकोल की मात्रा मिली। सीडीएससीओ ने कहा कि इसने डब्ल्यूएचओ को सूचना मिलने के डेढ़ घंटे के अंदर प्रतिक्रिया दी और मामले को राज्य के नियामक प्राधिकरण के समक्ष उठाया गया। सूत्रों ने कहा कि हरियाणा राज्य दवा नियंत्रक के साथ मिलकर तथ्यों और ब्योरों को सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत जांच शुरू की गई है। प्राथमिक जांच के आधार पर कहा गया है कि राज्य औषधि नियंत्रक से लाइसेंस प्राप्त ‘मैडेन फार्मास्युटिकल लिमिटेड’ ने संदर्भित दवाओं का उत्पादन किया। सूत्रों ने कहा,‘कंपनी ने इन दवाओं का उत्पादन किया और इनका निर्यात केवल गाम्बिया को किया।’

Latest articles

बीएचईएल की बड़ी उपलब्धि: 100वें पावर ट्रांसफॉर्मर का सफल निर्माण, ईडी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

भोपाल भेल भोपाल के परिणामित्र (ट्रांसफॉर्मर) विनिर्माण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सफलता का...

आकृति रिट्रीट में विकास कार्यों का शिलान्यास: राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने किया 31.50 लाख के कार्यों का भूमि पूजन

भोपाल राजधानी के बावड़ियाँ कलाँ स्थित आकृति रिट्रीट कॉलोनी में विकास की नई इबारत लिखते...

नगर निगम पेड़ों की कटाई पर सख्ती की तैयारी, जुर्माना और शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव

भोपाल राजधानी की हरियाली को बचाने और अवैध कटाई पर अंकुश लगाने के लिए नगर...

दादाजी धाम में माँ कूष्मांडा का विधि-विधान से पूजन, गुरु गीता और हनुमान चालीसा के पाठ से गूंजा मंदिर

भोपाल रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के प्रतिष्ठित तीर्थ स्थल 'दादाजी धाम मंदिर' में चैत्र...

More like this

ईरान-अमेरिका टकराव: दोनों देशों ने जताया जीत का दावा, बढ़ा वैश्विक तनाव

वॉशिंगटन/तेहरान: Donald Trump और ईरान के नेताओं के बीच जारी बयानबाज़ी ने दुनिया की चिंता...

ट्रंप की दहाड़: ‘ईरान के साथ कोई सीजफायर नहीं!’ चीन और जापान को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात कि मच गई खलबली

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान इस वक्त पूरी दुनिया में चर्चा...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 207 नवीन बसों को दिखाई हरी झण्डी: राजस्थान में सुदृढ़ होगी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को राजधानी में 207 नवीन बसों को हरी झण्डी...